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सावधान: सेहत का दुश्मन हैं फ्रोजन फूड आइटम्स, बढ़ा देते हैं इन जानलेवा बीमारियों का जोखिम

Sun, 10 Apr 2022 04:44 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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आहार की गुणवत्ता का रखें विशेष ध्यान - फोटो : iStock
हम सभी लगातार स्वस्थ आहार के सेवन की आवश्यकताओं और इसके लाभ के बारे में सुनते और पढ़ते आ रहे हैं। पर क्या आप जानते हैं कि आहार के साथ उसके संरक्षण का तरीका भी सेहत को प्रभावित कर सकता है? जैसे कि अध्ययनों में प्रोसेस्ड और फ्रोजन फूड आइटम्स से परहेज करने की सलाह दी जाती है। बे-मौसम मिलने वाली कई चीजों को अक्सर लंबे समय पर फ्रेश बनाए रखने के लिए कुछ रसायनों के साथ फ्रीज में रख दिया जाता है। गर्मियों में मटर, सर्दियों में आम, सोया चाप, फ्रोजन मटर, फ्रोजन पराठा आदि ऐसे ही कुछ खाद्य पदार्थ हैं जिनका अगर लगातार सेवन किया जाए तो इससे सेहत को कई तरह से नुकसान हो सकता है।

अध्ययनों से पता चलता है कि फ्रोजन फूड आइटम्स दीर्घकालिक तौर पर कई जानलेवा बीमारियों का भी कारण बन सकते हैं। ऐसे में ये चीजें आपके लिए किसी भी रूप में स्वास्थ्यप्रद विकल्प बिल्कुल नहीं हो सकती हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक हमेशा ताजी चीजों के ही सेवन को प्राथमिकता देनी चाहिए। आइए जानते हैं कि फ्रोजन खाद्य पदार्थों का अधिक सेवन आपकी सेहत को किस तरह से नुकसान पहुंचा सकता है?
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फ्रोजन फूड्स से बढ़ता सकता है शुगर - फोटो : iStock
बढ़ सकता है ब्लड शुगर का लेवल
फ्रोजन फूड आइटम्स से सबसे अधिक जोखिम डायबिटीज रोगियों के लिए होता है। फ्रीजिंग के समय खाद्य पदार्थों को ताजा रखने के लिए स्टार्च का उपयोग किया जाता है। स्टार्च भोजन में स्वाद और खाद्य पदार्थों को फ्रेश बनाए रखने में मदद करते हैं। पाचन के दौरान स्टार्च, शुगर में परिवर्तित हो जाता है। ऐसे में फ्रोजन फूड्स ब्लड शुगर लेवल को बढ़ाकर मधुमेह रोगियों की समस्या को बढ़ा सकते हैं।
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हृदय के लिए अस्वास्थ्यकर है फ्रोजन फूड्स - फोटो : iStock
हृदय रोग का खतरा
पैक्ड या फ्रोजन खाद्य पदार्थों में ट्रांस फैट होता है जो हृदय रोगों के जोखिम को बढ़ाते हैं। इस प्रकार के फैट धमनियों में जमा होने लगते हैं जिससे रक्त का संचार प्रभावित हो सकता है। अध्ययनों से पता चलता है कि फ्रोजन खाद्य पदार्थों का अधिक सेवन करना बैड कोलेस्ट्रॉल (एलडीएल) को भी बढ़ा देता है, जिसे हृदय रोगों का कारक माना जाता है। कोलेस्ट्रॉल के स्तर को नियंत्रित रखने का प्रयास किया जाना चाहिए। 

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वजन बढ़ाने वाले कारक - फोटो : iStock
बढ़ सकता है वजन
बढ़ते वजन को कई तरह की गंभीर बीमारियों का कारण माना जाता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ प्रोसेस्ड और फ्रोजन फूड आइटम्स के अधिक सेवन को वजन बढ़ाने वाला कारक मानते हैं। फ्रोजन आइटम्स में वसा की मात्रा अधिक होती है। यही वजह है कि ये कैलोरी में अधिक होते हैं और मोटापा बढ़ा देते हैं। इसके अलावा भोजन को लंबे समय तक फ्रीज करने से वस्तुओं में मौजूद कुछ महत्वपूर्ण विटामिन्स और खनिज भी नष्ट हो सकते हैं। इसलिए इन्हें पौष्टिक नहीं  माना जाता है।
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कैंसर वाली चीजों से बनाएं दूरी - फोटो : Pixabay
कैंसर का बन सकते हैं कारक
कई शोध में इस बात का भी जिक्र मिलता है कि फ्रोजन फूड आइटम्स अग्नाशयी कैंसर का जोखिम बढ़ा देते हैं। आमतौर पर फ्रोजन खाद्य पदार्थों में उपयोग किए जाने वाले प्रीजर्वेटिव्स के कारण कैंसर का जोखिम बढ़ सकता है। हालांकि इस तथ्य की पुष्टि के लिए और विस्तृत अध्ययन की आवश्यकता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक ऐसे खाद्य पदार्थों का सेवन बहुत कम करें, और इन्हें उपयोग में लाने से पहले अच्छी तरह से पानी से धोएं जरूर। 


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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सुझाव के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
 
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