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Yoga Tips: पाचन अंगों से लेकर रीढ़ की दिक्कतों तक में लाभकारी है मार्जरी आसन, जानिए इसके तरीके और लाभ

Tue, 20 Dec 2022 11:37 AM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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मार्जरी आसन के लाभ - फोटो : istock
योगासनों को दिनचर्या का हिस्सा बनाना स्वास्थ्य के लिए बहुत कारगर माना जाता है। योग के अभ्यास से शारीरिक और मानसिक दोनों तरह की सेहत को विशेष लाभ मिलता है। यदि आपके दिन का ज्यादातर समय बैठे-बैठे बीत जाता है तो कुछ योगासनों का नियमित अभ्यास आपको कई प्रकार की स्वास्थ्य जटिलताओं से बचाने में मददगार हो सकता है। योग विशेषज्ञों ने पाया कि रोजाना मार्जरी आसन के अभ्यास की आदत बनाना पाचन अंगों से लेकर रीढ़ की दिक्कतों  को कम करने में लाभकारी है।

मार्जरी आसन को कैट-काऊ पोज के रूप में भी जाना जाता है। योग विशेषज्ञों ने पाया कि जिन लोगों को अक्सर पीठ में दर्द रहती है या फिर रीढ़ से संबंधित समस्याओं से परेशान रहते हैं उन्हें मार्जरी आसन के अभ्यास की आदत बनानी चाहिए, इससे सेहत को विशेष लाभ मिल सकता है।

पाचन अंगों की कार्यक्षमता को बढ़ाने और शरीर की बेहतर तरीके से स्ट्रेचिंग करने में भी इस योग से लाभ हो सकते हैं। आइए मार्जरी योगासन को करने के तरीके और इससे होने वाले स्वास्थ्य लाभ के बारे में आगे विस्तार से जानते हैं।
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कैट काऊ पोज के लाभ - फोटो : istock
मार्जरी आसन का अभ्यास कैसे किया जाता है?

मार्जरी आसन का अभ्यास काफी सरल है और इसे सभी उम्र के लोग करके लाभ प्राप्त कर सकते हैं। यह आसन शरीर की अकड़न को कम करके आपको सक्रिय बनाने में भी काफी मददगार हो सकता है। इस योग के अभ्यास के लिए सबसे पहले फर्श पर दोनों घुटनों और दोनों हाथों को टेक कर बिल्ली जैसी मुद्रा बनाएं। जांघों को ऊपर की ओर सीधा करके पैर के घुटनों पर 90 डिग्री का कोण बनाएं। अब लंबी सांस लें और सिर को पीछे की ओर झुकाते हुए टेलबोन को ऊपर उठाएं। फिर सांस छोड़ते हुए सिर को नीचे की ओर झुकाएं और ठुड्डी को छाती से लगाने का प्रयास करें। इस प्रक्रिया को दोहराएं।
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मार्जरी आसन के लाभ - फोटो : Pixabay
कैट काऊ पोज के अभ्यास से होने वाले लाभ

योग विशेषज्ञ बताते हैं, मार्जरी योग के अभ्यास से शारीरिक और मानसिक दोनों प्रकार की सेहत को विशेष लाभ मिलता है। 
  • यह रीढ़ के लिए बहुत अच्छा अभ्यास है। रीढ़ की हड्डी को फैलाने और इसके लचीलेपन में सुधार करते हुए इसे मजबूत बनाता है।
  • यह आसन आपकी कलाइयों को मजबूत बनाता है।
  • कैट काऊ पोज से कंधों को मजबूती मिलती है।
  • इस आसन में होने वाली गतिविधियां आपके पाचन अंगों की मालिश करती हैं और उन्हें सक्रिय करती हैं। नतीजतन, पाचन की प्रक्रिया में सुधार होता है।
  • यह आपके कूल्हों के आस-पास की अतिरिक्त चर्बी से छुटकारा दिलाकर एब्स को टोन करने में मदद करता है।
  • रक्त परिसंचरण में सुधार करके शरीर में ऑक्सीजन के प्रवाह को बढ़ाता है।
  • दिमाग को शांत करता है, इस प्रकार आपको अनावश्यक तनाव और चिंता से छुटकारा पाने में मदद मिलती है।
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पीठ की दिक्कतों को कैसे दूर करें? - फोटो : iStock
मार्जरी आसन की सावधानियां

मार्जरी आसन के वैसे तो कई प्रकार के स्वास्थ्य लाभ हैं पर कुछ स्थितियों में विशेषज्ञ इसे न करने की सलाह देते हैं। यदि आप गर्भवती हैं तो इस स्ट्रेच योग को न करें। जिन लोगों को घुटने, पीठ या गर्दन में क्रोनिक दर्द रहता है, उन्हें भी मार्जरी आसन से बचना चाहिए। योग के अभ्यास से अधिकतम लाभ प्राप्त करने के लिए अपने सेहत के आधार पर विशेषज्ञ की सलाह जरूर ले लें। 



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नोट: यह लेख योग विशेषज्ञों के सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है। आसन की सही स्थिति के बारे में जानने के लिए किसी योगगुरु से संपर्क कर सकते हैं।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें। 
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