आचार्य मनीष
आयुर्वेदाचार्य, शुद्धि आयुर्वेद
भारत में ऐसी कई आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियां हैं, जिनका इस्तेमाल वर्षों से तरह-तरह की बीमारियों को दूर भगाने में किया जा रहा है। ऐसी ही एक जड़ी-बूटी है बहेड़ा। सबसे दिलचस्प बात ये है कि बहेड़ा को संस्कृत में विभीतकी कहा जाता है, जिसे अंग्रेजी में 'फीयरलेस' यानी 'निर्भय' कहते हैं, यानी यह बीमारियों का भय दूर करता है। पेट संबंधी कुछ समस्याओं के उपचार और प्रबंधन के लिए इस जड़ी-बूटी का उपयोग सदियों से किया जा रहा है। यह त्रिफला के तीन प्रमुख अवयवों में से एक है, जबकि अन्य दो में आंवला और हरड़ शामिल हैं। इसमें रोगाणुरोधी, एंटी-ऑक्सीडेंट और प्रतिरक्षाविज्ञानी गुण मौजूद होते हैं। विशेषज्ञ कहते हैं कि इसके गुण त्रिदोष, जैसे वात, पित्त और कफ को संतुलित करने में सहायक हैं। इसका इस्तेमाल और भी कई तरह की समस्याओं से निजात पाने में किया जाता है। आइए जानते हैं बहेड़ा के इस्तेमाल से होने वाले फायदों के बारे में...