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अध्ययन: बस सात दिनों में ब्लड शुगर कम कर सकता है यह खाद्य-पदार्थ, टाइप-2 डायबिटीज में बेहद फायदेमंद

Thu, 17 Jun 2021 05:54 PM IST
Abhilash Srivastava हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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आहार से करें डायबिटीज कंट्रोल (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : Social media
मौजूदा समय में दिनचर्या की खराबी के कारण कम उम्र में ही लोगों को तमाम तरह की बीमारियां घेर लेती हैं। डायबिटीज यानी मधुमेह ऐसी ही एक बीमारी है। आंकड़ों पर नजर डालें तो देश की बड़ी आबादी इस गंभीर रोग की चपेट में है। डायबिटीज को नियंत्रित करने के लिए लोग तमाम तरह के उपायों को प्रयोग में लाते हैं। वहीं जिन लोगों में डायबिटीज का स्तर बहुत ज्यादा हो जाता है उन्हें इंसुलिन लेने की सलाह दी जाती है। इन सभी समस्याओं से निजात दिलाने के लिए वैज्ञानिकों ने अपने हालिया अध्ययन में एक ऐसे उपाय के बारे में बताया है जिससे ब्लड-शुगर को आसानी से नियंत्रित किया जा सकता है। इतना ही नहीं वैज्ञानिकों का दावा है कि इस उपाय का प्रयोग टाइप-2 जैसी मधुमेह की समस्या को कम करने में भी काफी मददगार हो सकती है।
आइए इस लेख में जानते हैं कि वैज्ञानिक, आहार में किस चीज को शामिल करने की सलाह दे रहे हैं जोकि मधुमेह के रोगियों के लिए काफी फायदेमंद साबित हो सकता है?
 
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कटहल के आटे का सेवन डायबिटीज में फायदेमंद - फोटो : Social media
हरे कटहल के आटे का सेवन
हाल ही में नेचर जर्नल में छपी रिपोर्ट में वैज्ञानिकों ने बताया है कि रोजाना भोजन में हरे कटहल के आटे इस्तेमाल करने से टाइप-2 डायबिटीज के रोगियों को काफी लाभ मिल सकता है। वैज्ञानिकों का दावा है कि हरे कटहल का आटा मधुमेह के रोगियों में प्लाज्मा शर्करा के स्तर को कम करने में सहायक हो सकता है। अध्ययन में कटहल के आटे का सेवन करने वाले लोगों का ग्लाइकोसिलेटेड हीमोग्लोबिन (HbA1c) काफी कम पाया गया। ग्लाइकोसिलेटेड हीमोग्लोबिन का बढ़ना, मधुमेह का संकेत माना जाता है।
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कटहल के आटे के फायदे जानने के लिए अध्ययन - फोटो : Social media
रोगियों के ग्लाइकोसिलेटेड हीमोग्लोबिन में दर्ज की गई कमी
कटहल के आटे की प्रभाविकता का मूल्यांकन करने के लिए वैज्ञानिकों ने अध्ययन के लिए 40 लोगों को शामिल किया। इन लोगों को दो समूहों में बांटा गया। समूह ए को 12 सप्ताह तक हरे कटहल के आटा जबकि समूह बी को सामान्य आटे का सेवन करने को कहा गया। अध्ययन के निष्कर्ष में वैज्ञानिकों ने पाया कि जिस समूह के लोगों ने हरे कटहल के आटे का सेवन किया था उनके ग्लाइकोसिलेटेड हीमोग्लोबिन में काफी कमी दर्ज की गई। 

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डायबिटीज रोगियों में देखा गया लाभ (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : iStock
सात दिनों में ब्लड शुगर हो सकता है कम
वैज्ञानिकों ने बताया, समूह बी की तुलना में कटहल के आटे का सेवन करने वाले ग्रुप ए के लोगों के एचबीए1सी, एफपीजी (फास्टिंग प्लाजमा ग्लूकोज) और पीपीजी (पोस्टप्रिडेंशल प्लाजमा ग्लूकोज) में भी काफी कमी देखने को मिली है। अध्ययन में खाली पेट और भोजन के बाद, दोनों समय के शर्करा स्तर का मूल्यांकन किया गया और पता चला कि आहार में कटहल के आटे का इस्तेमाल किए जाने के सात दिनों के भीतर औसत रक्त शर्करा स्तर में कमी आ गई।
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डायबिटीज को नियंत्रित रखने की कोशिश करें (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : Social media
भारतीय आहार हैं फायदेमंद
मई 2019 से फरवरी 2020 के बीच किए गए इस अध्ययन में 18 से 60 साल की उम्र तक के लोगों को शामिल किया गया। वैज्ञानिकों ने बताया कि इस अध्ययन के आधार पर मधुमेह के इलाज में हरे कटहल के लाभों का पता चलता है। ये परिणाम पारंपरिक भारतीय आहार पर आगे और अनुसंधान के लिए प्रेरित कर सकते हैं। डायबिटीज के रोगियों को हरे कटहल के आटे के सेवन से लाभ मिल सकता है।

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स्रोत और संदर्भ: 
Efficacy of green jackfruit flour as a medical nutrition therapy replacing rice or wheat in patients with type 2 diabetes mellitus: a randomized, double-blind, placebo-controlled study

अस्वीकरण नोट: यह लेख नेचर जर्नल में छपी रिपोर्ट के आधार पर तैयार किया गया है। लेख में शामिल सूचना व तथ्य आपकी जागरूकता और जानकारी बढ़ाने के लिए साझा किए गए हैं। बताए गए उपायों के बारे में विस्तार से जानने के लिए आप डॉक्टर से भी संपर्क कर सकते हैं।
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