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विशेषज्ञों की सलाह: सेहतमंद रहना है तो अच्छी नींद है जरूरी, ये उपाय आपके लिए हो सकते हैं बहुत मददगार

Sat, 01 Jan 2022 07:38 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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कैसे पाएं अच्छी नींद? - फोटो : iStock
स्वस्थ जीवन जीने के लिए अच्छी नींद लेना बहुत महत्वपूर्ण है। आज के समय में ज्यादातर लोग यही शिकायत करते मिलते हैं कि उनकी नींद पूरी नहीं हो पाती। दफ्तर हो या घर या फिर स्कूल कॉलेज, यह शिकायत हर उम्र-वर्ग में आम है। यहां तक कि नींद लाने की तमाम सर्वोत्तम व्यवस्थाएं भी इस शिकायत को दूर नहीं कर पातीं। सुबह उठने के बाद इंसान खुद को तरोताजा महसूस  नहीं करता और फिर पूरे दिन इसका बुरा असर उसके रूटीन पर बना रहता है। 

नींद की कमी का सीधा असर शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ सकता है। भरपूर नींद मतलब पूरे शरीर सहित दिमाग की सेहत का भी दुरुस्त रहना। खासकर कोरोना के दौर में इम्युनिटी को बनाए रखने और कोरोना से रिकवरी में भी नींद की भूमिका अहम है, इसलिए जरूरी है कि नींद पूरी करने पर  विशेष ध्यान दिया जाए, हालांकि हो इसका उल्टा रहा है। डॉक्टर के पास ऐसे पेशेंट्स की भीड़ बढ़ रही है जो अनिद्रा या नींद में बाधा आने जैसी तकलीफों से जूझ रहे हैं। 
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अनिद्रा की बढ़ती समस्या - फोटो : Pixabay
कोरोना और गैजेट्स ने समस्या को कर दिया है दोगुना
कई शोध यह साबित कर चुके हैं कि इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स जैसे कि लैपटॉप, मोबाइल, टीवी, टैबलेट्स आदि का अधिक उपयोग नींद पर बुरा असर डालता है। कोरोनाकाल में न केवल इस उपयोग में कई प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है, बल्कि हर उम्र और वर्ग ने देर रात तक जागकर स्क्रीन टाइम को खूब बढ़ाया भी है। इसका नतीजा बच्चों की आंखों पर चढ़े चश्मे और सबकी नींद के रूटीन को हुए नुकसान के रूप में सामने आया है। कुल मिलाकर अच्छी और भरपूर नींद न ले पाने वालों का प्रतिशत कई गुना बढ़ चुका है और अनिद्रा जैसी समस्याएं आम हो रही हैं।  
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नींद कैसे पूरी करें? - फोटो : Istock
अच्छी नींद का मतलब क्या है?
एक स्वस्थ वयस्क व्यक्ति को सामान्यतः 7-8 घंटे की नींद लेनी चाहिए लेकिन नींद की यह अवधि व्यक्ति की अन्य कई स्थितियों पर भी निर्भर करती है। यही कारण है कि कुछ लोग 4 घंटे की नींद के बाद भी तरोताजा महसूस करते हैं, तो कुछ लोगों के लिए 9 घंटे की नींद भी अपर्याप्त होती है। बच्चों के लिए यह अवधि 10-12 घंटे की हो सकती है और बुजुर्गों के लिए 7 घंटे से भी कम। जरूरी यह है कि जब आप सोकर उठें तो खुद को तरोताजा महसूस करें और दिनभर ऊर्जा से भरे रहें। अच्छी नींद का मतलब यही है।

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शरीर के लिए अच्छी नींद है जरूरी - फोटो : Pixabay
अच्छी नींद पाने के तरीके
विशेषज्ञों का मानना है कि बिस्तर पर जाने के बाद यदि आपको नींद आने में आधे घंटे से अधिक का समय लगता है तो इसका मतलब है कि आपको अपनी नींद के पैटर्न को समझने और अच्छी नींद के लिए उपाय करने की जरूरत है। अच्छी नींद लाने के लिए इन उपायों का पालन किया जा सकता है। 
  • सबसे पहले अपने सोने और जागने का एक निश्चित समय तय करें। आपको हर दिन इसी समय पर सोना और जागना है।
  • सोने से ठीक पहले कुछ भी न खाएं, न ही पानी पीएं। पेट के बहुत ज्यादा भरे होने से शरीर असहज महसूस करता है और सही पोश्चर में सोने में भी दिक्क्त आती है।
  • सोने के कम से कम 1 घंटे पहले भोजन कर लें और 15 मिनट्स टहल लें। अगर आप सोने से पहले नहाना पसंद करते हैं तो वो करें, वरना हाथ-पैर अच्छे से धो लें।
  • अपनी फिजिकल एक्टिविटीज की दर बढ़ाएं। जब शरीर एक्टिविटीज की थकान महसूस करेगा तो बिस्तर पर जाने के तुरंत बाद नींद आएगी।
  • गैजेट्स को बिस्तर से दूर रखें और बिस्तर पर जाने के पहले सभी जरूरी काम निपटा लें। ताकि आपके दिमाग में कोई टास्क फंसा न रहे और नींद आने में बाधा न बने।
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नींद की समस्या कैसे दूर करें? - फोटो : getty images
यह उपाय भी हो सकते हैं कारगर
  • आंखें बंद करके धीरे-धीरे डीप ब्रीद शुरू करें।
  • मेडिटेशन एक ऐसी तकनीक है जो केवल नींद लाने में ही मदद नहीं करती। यह पूरे शरीर और मन को तनावमुक्त करने का काम भी करती है। इससे भी नींद में सुधार किया जा सकता है।
  • सोने से पहले बच्चों के साथ समय बिताएं, मस्ती करें, खेलें। यह आपके दिमाग से चिंता को दूर करेगा और जल्दी नींद लाने में मदद भी कर सकता है।


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अस्वीकरण: अमर उजाला के  हेल्थ एंड फिटनेस कैटेगिरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर और विशेषज्ञों,व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं. लेख में उल्लेखित तथ्यों और सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा परखा व जांचा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठकों की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और ना ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श करें।
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