अनिद्रा की बढ़ती समस्या
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कोरोना और गैजेट्स ने समस्या को कर दिया है दोगुना
कई शोध यह साबित कर चुके हैं कि इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स जैसे कि लैपटॉप, मोबाइल, टीवी, टैबलेट्स आदि का अधिक उपयोग नींद पर बुरा असर डालता है। कोरोनाकाल में न केवल इस उपयोग में कई प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है, बल्कि हर उम्र और वर्ग ने देर रात तक जागकर स्क्रीन टाइम को खूब बढ़ाया भी है। इसका नतीजा बच्चों की आंखों पर चढ़े चश्मे और सबकी नींद के रूटीन को हुए नुकसान के रूप में सामने आया है। कुल मिलाकर अच्छी और भरपूर नींद न ले पाने वालों का प्रतिशत कई गुना बढ़ चुका है और अनिद्रा जैसी समस्याएं आम हो रही हैं।