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ये चार लक्षण हैं कमजोर रोग-प्रतिरोधक क्षमता की निशानी, हो जाएं सावधान

Thu, 03 Jun 2021 05:25 PM IST
तेजस्वी मेहता लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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हमारी रोग-प्रतिरोधक क्षमता कमजोर है - फोटो : Pixabay

Medically reviewed by Dr. Vishesh Akole

डॉ विशेष अकोले, जनरल फिजिशियन

संत रविदास हॉस्पिटल, इंदौर

डिग्री- एम.बी.बी.एस

अनुभव- 28 वर्ष

जब से विश्व में कोरोना ने दस्तक दी है, तभी से सबका ध्यान इस और है कि अपनी रोग-प्रतिरोधक क्षमता को कैसे मजबूत किया जाए? क्योंकि ये बात पिछले डेढ़ साल से किसी से छिपी नहीं है कि कोरोना से उन लोगों को खतरा अधिक है जिनकी रोग-प्रतिरोधक क्षमता कमजोर है। यही वजह है कि लोग इम्यूनिटी बूस्टर काढ़े का सेवन कर रहे हैं, विटामिन-सी ले रहे हैं लेकिन इस बात का पता कैसे लगाया जाए कि हमारी रोग-प्रतिरोधक क्षमता कमजोर है तो इसका पता आप अपने शरीर से ही लगा सकते हैं। हमारा शरीर हमसे बात करता है। यदि हम शरीर पर ध्यान दें और हो रहे बदलावों को अनदेखा न करें तो हम सब खुद-ब-खुद पता लग जाता है। अगली स्लाइड्स से जानिए कि जिन लोगों की रोग-प्रतिरोधक क्षमता कम होती है उन्हें किस प्रकार के संकेत दिखाई देते हैं।  

       

 

 

 

 

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मौसम के बदलते ही बार-बार बीमार पड़ने लगते हैं - फोटो : getty images

बार-बार बीमार होना
जिन लोगों की रोग-प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होती है, वे मौसम के बदलते ही बार-बार बीमार पड़ने लगते हैं। रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होने पर मूत्र संबंधी संक्रमण, छाले, जुकाम, फ्लू की समस्या बहुत जल्दी होती है। गर्मियों में भी यदि बादल छा जाते हैं तो ये लोग सबसे पहले बीमार पड़ा जाते हैं इसलिए यदि आपके साथ भी ऐसा कुछ होता है तो आवश्यकता है कि आप अपनी रोग-प्रतिरोधक क्षमता पर ज्यादा ध्यान दें। अधिक से अधिक संतरे का सेवन करें ताकि आपके शरीर को विटामिन-सी मिले और आपकी रोग-प्रतिरोधक क्षमता बेहतर हो सके। 

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एलर्जी होना कोई अच्छी बात नहीं होती है। - फोटो : social media

एलर्जी
कई लोगों को अलग-अलग प्रकार की एलर्जी होती रहती है। किसी को गंध से कोई एलर्जी होती है तो किसी को किसी खाने की सामग्री से। एलर्जी होना कोई अच्छी बात नहीं होती है। एलर्जी होने पर मौसमी बुखार बहुत जल्दी आ जाता है। अगर आपको आंखों में हमेशा पानी आता रहता है, नाक चलती रहती है या त्वचा पर कोई निशान या लालपन हो जाता है तो आपकी रोग-प्रतिरोधक क्षमता कमजोर है। जोड़ों में हमेशा दर्द बने रहना भी खराब इम्यूनिटी का संकेत है इसलिए इसका उपचार करें। 

 

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शरीर उस संक्रमण से लड़ने में समय ले रहा है - फोटो : social media
घाव भरने में समय लगना
यदि आपको चोट लगने पर घाव भरने में बहुत अधिक समय लगता है तो संभावना है कि आपकी रोग-प्रतिरोधक क्षमता कमजोर है। घाव होने पर त्वचा पर एक सूखी पपड़ी बनने लगती है, जो रक्त को शरीर से बाहर आने से रोकती है, यदि इस प्रक्रिया में समय लग रहा है तो शरीर के लिए ये अच्छा संकेत नहीं है। पपड़ी बनने में समय लगने का अर्थ है कि आपका शरीर उस संक्रमण से लड़ने में समय ले रहा है। ऐसे में जरूरी है कि आप अपनी रोग-प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करें। 
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ये खराब रोग-प्रतिरोधक क्षमता की निशानी हो सकती है - फोटो : pixabay

थकान महसूस होना
यदि आपके शरीर में हर समय थकान बनी रहती है, शरीर में किसी प्रकार की चुस्ती-फुर्ती महसूस नहीं होती है तो ये खराब रोग-प्रतिरोधक क्षमता की निशानी हो सकती है। यदि आपकी नींद पूरी नहीं होती है और पूरे दिन आपको नींद आती है तो ये आपकी रोग-प्रतिरोधक क्षमता को और भी कमजोर की सकती है। अपनी रोग-प्रतिरोधक क्षमता को बेहतर बनाने के लिए आवश्यक है कि आप अपनी नींद पूरी करें और तनाव से दूर रहें। 

नोट- यह लेख संत रविदास हॉस्पिटल के डॉक्टर विशेष अकोले से बातचीत के आधार पर तैयार किया गया है। डॉक्टर विशेष अकोले पिछले 28 सालों से प्रैक्टिस कर रहे हैं। उन्होंने अपनी डिग्री जी.एस मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल, उत्तर प्रदेश से ली है।

अस्वीकरण- अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित अस्वीकरण- बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें। 

 

 

 

 

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