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H5N1 Virus: गायों के बाद अब पहली बार दूध में भी पाया गया 'जानलेवा वायरस', कोरोना से भी खतरनाक है इसका संक्रमण

Sun, 21 Apr 2024 11:40 AM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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दूध में पाया गया एच5एन1 वायरस - फोटो : istock
अध्ययनों में वैज्ञानिक चेतावनी जारी करते रहे हैं कि आगामी दशकों में दुनियाभर में कई प्रकार की जानलेवा संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है। हालिया रिपोर्ट इस चिंता को और भी बढ़ा रही है। इसी माह की शुरुआत में पहली बार गायों और गाय से इंसानों में खतरनाक बर्ड फ्लू या एवियन इन्फ्लूएंजा (एच5एन1) संक्रमण के मामले देखे गए थे।

इसी क्रम में अब विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने खुलासा किया है बर्ड फ्लू का वायरस गाय के कच्चे दूध में भी पाया गया है। इतना ही नहीं दूध में वायरस बहुत उच्च सांद्रता देखा गया है। इस रिपोर्ट के आधार पर स्वास्थ्य संगठन ने चेतावनी जारी करते हुए सभी लोगों को सावधानी बरतते रहने की सलाह दी है। 

इससे पहले अप्रैल की शुरुआत में अमेरिका में कुछ लोगों और मवेशियों में बर्ड फ्लू के मामले सामने आने के बाद विशेषज्ञों ने अलर्ट जारी किया था। एच5एन1 के संक्रमण को इंसानों के लिए गंभीर रोगकारक और घातक माना जाता रहा है।

इतना ही नहीं वैज्ञानिकों का कहना है कि इंसानों में एच5एन1 का संक्रमण कोरोना से कई गुना घातक हो सकता है। 
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दूध में वायरस की पुष्टि - फोटो : istock
पाश्चुरीकृत दूध हो सकता है सुरक्षित

स्वास्थ्य अधिकारियों ने इस बात पर जोर दिया है कि सुपरमार्केट में उपलब्ध पाश्चुरीकृत दूध उपभोग के लिए सुरक्षित रहता है, इससे घबराने की आवश्यकता नहीं है। बाजार में बिकने वाला पैक्ड दूध ऐसी प्रक्रिया से गुजरता है जो हानिकारक बैक्टीरिया को खत्म कर देता है, इनमें वायरस की मौजूदगी का जोखिम कम है।

न्यूयॉर्क टाइम्स के अनुसार, गायों में बर्ड फ्लू के प्रकोप ने छह राज्यों में कम से कम 13 हर्ड्स को प्रभावित किया है। इसी क्रम में जब आगे अध्ययन किया गया तो पता चला कि गाय के कच्चे दूध में भी वायरस मौजूद हो सकता है।
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H5N1, Bird Flu - फोटो : istock
अब तक कई जानवरों में पाया जा चुका है ये वायरस

गौरतलब है कि सबसे पहले साल 1996 में बर्ड फ्लू (एच5एन1) का मामला सामने आया और तब से इसमें नाटकीय रूप से वैश्विक स्तर पर वृद्धि हुई है। 2020 के बाद से बर्ड फ्लू के प्रकोप के कारण दुनियाभर में लाखों जंगली पक्षियों और मुर्गियों की मौत हुई। चिंताजनक बात यह है कि इस वायरस ने मनुष्यों, बिल्लियों, भालू, लोमड़ी, मिंक और यहां तक कि पेंगुइन सहित विभिन्न स्तनधारियों को भी संक्रमित करना शुरू कर दिया है।

स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है कि सभी लोगों को उन जानवरों के निकट संपर्क से बचने की जरूरत है जिनमें संक्रमण को लेकर अलर्ट किया जाता रहा है।

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सर्दी-जुकाम की समस्या - फोटो : istock
क्या कहते हैं विशेषज्ञ?

विश्व स्वास्थ्य संगठन में वैश्विक इन्फ्लूएंजा कार्यक्रम के प्रमुख वेन्किंग झांग ने हाल ही में एक ब्रीफिंग के दौरान कहा कि मौजूदा प्रकोपों के दौरान पक्षी से गाय, गाय से अन्य गायों और गाय से इंसानों में भी वायरस का संचरण रिपोर्ट किया गया है, जो बताता है कि वायरस ने संक्रमण के अन्य मार्ग ढूंढ लिए हैं।

दूध में वायरस के पाए जाने के बाद झांग ने कहा, लोगों के लिए सुरक्षित खाद्य व्यवस्थाओं को सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण है, जिसमें केवल पाश्चुरीकृत दूध के ही सेवन को फिलहाल उपयोग में लाया जाना चाहिए। जिससे कि उनमें किसी भी प्रकार के वायरस की मौजूदगी के खतरे को कम किया जा सके।
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बर्ड फ्लू के संक्रमण से करें बचाव - फोटो : istock
कोरोना से ज्यादा खतरनाक  है H5N1

अध्ययनकर्ताओं ने बताया, मनुष्यों में बर्ड फ्लू कई गंभीर और घातक जटिलताओं का कारण बन सकता है, जिनमें आंखों में संक्रमण से लेकर निमोनिया, अक्यूट रेस्पोरेटरी डिजीज जैसी समस्याएं शामिल हैं। साल 2003 से इस वर्ष एक अप्रैल के बीच, डब्ल्यूएचओ ने 23 देशों में इंसानों में संक्रमण के 889 मामले और 463 मौतें दर्ज की हैं। इस संक्रमण के कारण मृत्यु दर 52% तक बताई जाती रही है जिससे स्पष्ट होता है कि ये कोरोना संक्रमण से कहीं ज्यादा घातक संक्रमण हो सकता है।


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स्रोत और संदर्भ
Avian Influenza A(H5N1) - United States of America

Human Infection with Highly Pathogenic Avian Influenza A(H5N1) Virus in Texas

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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