H5N1, Bird Flu
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अब तक कई जानवरों में पाया जा चुका है ये वायरस
गौरतलब है कि सबसे पहले साल 1996 में बर्ड फ्लू (एच5एन1) का मामला सामने आया और तब से इसमें नाटकीय रूप से वैश्विक स्तर पर वृद्धि हुई है। 2020 के बाद से बर्ड फ्लू के प्रकोप के कारण दुनियाभर में लाखों जंगली पक्षियों और मुर्गियों की मौत हुई। चिंताजनक बात यह है कि इस वायरस ने मनुष्यों, बिल्लियों, भालू, लोमड़ी, मिंक और यहां तक कि पेंगुइन सहित विभिन्न स्तनधारियों को भी संक्रमित करना शुरू कर दिया है।
स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है कि सभी लोगों को उन जानवरों के निकट संपर्क से बचने की जरूरत है जिनमें संक्रमण को लेकर अलर्ट किया जाता रहा है।