प्रतीकात्मक तस्वीर
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कम वसा वाला दूध लें
- कम वसा वाले दूध यूरिक एसिड को कम करते हैं और गाउट के जोखिम को भी दूर करते हैं। इसके अलावा रोजाना पर्याप्त मात्रा में पानी पीना भी जरूरी है। इससे भी यूरिक एसिड को शरीर से बाहर निकालने में मदद मिलती है और गाउट की समस्या उत्पन्न नहीं होती।
नोट: डॉ. आईएन वाजपई अत्यधिक योग्य और अनुभवी न्यूरो सर्जन हैं। इन्होंने लखनऊ के केजीएमसी से अपना एमबीबीएस किया है। इसके बाद इन्होंने जनरल सर्जरी में एमएस किया और न्यूरो सर्जरी में एमसीएच की पढ़ाई की है। इन्होंने 1996 में कानपुर के जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज में असिस्टेंट प्रोफेसर के रूप में काम किया और 2012 में प्रोफेसर और विभागाध्यक्ष के रूप में रिटायर हुए। डॉक्टर आईएन वाजपाई आईएमए एंड न्यूरोलॉजिकल सोसायटी ऑफ इंडिया के आजीवन सदस्य भी हैं। डॉक्टर वाजपई को 45 वर्षों का अनुभव है।
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