कैंसर, वैश्विक स्तर पर मृत्यु के प्रमुख कारणों में से एक है। हर साल लाखों लोगों की मौत कैंसर के कारण हो जाती है। भारत के नजरिए से बात करें तो यहां मुंह में होने वाले कैंसर के मामले काफी ज्यादा रिपोर्ट किए जाते रहे हैं। अध्ययनकर्ता कहते हैं, भारतीय उपमहाद्वीप में मुंह का कैंसर, शीर्ष तीन प्रकार के कैंसर में से एक है।
भारत की प्रति एक लाख की जनसंख्या पर 20 लोगों में इस कैंसर का निदान होता है, ये देश में सभी कैंसर का 30% से अधिक हिस्सा है। हर साल लगभग 77,000 नए मामले सामने आते हैं और 52,000 मौतें रिपोर्ट की जाती हैं। हालांकि अब इस कैंसर का पता लगाना और समय पर उपचार कराना आसान होने वाला है।
मुंह के कैंसर का समय रहते पता लगाने के लिए वैज्ञानिक एक ऐसा लॉलीपॉप बना रहे हैं जो आसानी से सैंपल एकत्रित करने में मददगार हो सकता है। अब तक मुंह के कैंसर का पता लगाने के लिए नाक या मुंह के माध्यम से कैमरा डालकर जांच और सैंपल प्राप्त किया जाता रहा है, जो काफी असुविधाजन होता है। वैज्ञानिकों का कहना है कि ये लॉलीपॉप बड़ी आसानी से सैंपल एकत्र करने में मददगार हो सकता है, जिससे कैंसर के निदान की प्रक्रिया आसान हो जाएगी। समय पर कैंसर का पता चलने से इलाज प्राप्त करने में देरी नहीं होगी और मृत्युदर को भी कम किया जा सकेगा।