कोरोना के इस दौर में कई तरह की स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का खतरा बढ़ गया है। डॉक्टरों का कहना है कि कोविड की दूसरी लहर के बाद लोगों में फाइब्रोमायल्जिया नामक समस्या के मामले काफी बढ़े हुए देखे जा रहे हैं। यह एक ऐसी स्वास्थ्य समस्या है जिसमें लोगों को शारीरिक दर्द के साथ ही कई प्रकार की मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं भी होने लगती हैं। फाइब्रोमायल्जिया के कुछ लक्षण आमतौर पर गठिया के जैसे हो सकते हैं, जिसके कारण लोगों के लिए आसानी से इस समस्या का निदान कर पाना कठिन हो जाता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक शरीर में दर्द के साथ इसमें रोगियों को थकान, तनाव, चिंता, नींद की समस्या और मूड स्विंग भी हो सकता है। कुछ स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि मस्तिष्क में सेरोटोनिन और नॉरपेनेफ्रिन रसायन में असंतुलन के कारण इस तरह की समस्या के विकसित होने का खतरा अधिक हो जाता है।
नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ आर्थराइटिस एंड मस्कुलोस्केलेटल एंड स्किन डिजीज (एनआईएएमएस) के अनुसार अमेरिका में 18 वर्ष या उससे अधिक आयु के लगभग 5 मिलियन (50 लाख) वयस्क, फाइब्रोमायल्जिया से पीड़ित हैं। पुरुषों की तुलना में महिलाओं में इसका खतरा अधिक होता है। आइए आगे की स्लाइडों में इस रोग के बारे में विस्तार से जानते हैं।