फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Fatty Liver: भूख की कमी के साथ दिख रहे हैं कमजोरी और थकान जैसे लक्षण? कहीं आपको फैटी लीवर की समस्या तो नहीं

Sat, 19 Jul 2025 01:48 PM IST
शिखर बरनवाल हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

फैटी लीवर की समस्या बहुत खतरनाक होती है, और ध्यान देने वाली बात यह है कि इसके शुरुआती लक्षण बहुत आम होते हैं जिसे सामान्यतौर पर लोग नजरअंदाज कर देते हैं। आइए इस लेख में इसके लक्षण और इससे बचाव के कुछ सरल उपाय के बारे में जानते हैं।
विज्ञापन
1 of 5
लिवर - फोटो : Freepik.com
Fatty Liver Symptoms: लिवर हमारे शरीर का सबसे महत्वपूर्ण अंगों में से एक है। यह पाचन से लेकर शरीर से गंदगी निकालने और हमें ऊर्जा देने जैसे सैकड़ों अहम काम करता है। लेकिन आज की भागदौड़ भरी जींदगी में खाने-पीने की आदतों की वजह से एक खतरनाक समस्या तेजी से फैल रही है, जिसे हम फैटी लिवर कहते हैं।

अक्सर यह बीमारी बिना किसी बड़े लक्षण के चुपचाप पनपती है। यही कारण है कि लोग इसकी गंभीरता को समझ ही नहीं पाते है। हालांकि, जब इसके संकेत दिखना शुरू होते हैं, तो वे इतने आम लगते हैं कि हम उन्हें अक्सर अनदेखा कर देते हैं। जैसे, अगर आपको बिना वजह थकान, कमजोरी या भूख की कमी महसूस हो रही है, तो इसे सामान्य मानकर नजरअंदाज कर देते हैं। ये लक्षण आपके लिवर में जरूरत से ज्यादा चर्बी जमा होने का एक गंभीर इशारा हो सकते हैं। इसलिए समय रहते सतर्क होना बहुत जरूरी होता है।
विज्ञापन

2 of 5
लिवर - फोटो : Freepik.com
क्या है फैटी लीवर?
फैटी लीवर एक ऐसी स्थिति है जिसमें लिवर की कोशिकाओं में सामान्य से ज्यादा फैट जमा हो जाती है। यह मुख्य रुप से दो प्रकार का होता है- अल्कोहलिक फैटी लीवर डिजीज, जो ज्यादा शराब पीने से होता है, और नॉन-अल्कोहलिक फैटी लीवर डिजीज (NAFLD), जो शराब न पीने वालों में भी होता है। 

नॉन-अल्कोहलिक फैटी लीवर डिजीज आजकल ज्यादा आम है और इसके मुख्य कारण हैं मोटापा, टाइप 2 डायबिटीज, उच्च कोलेस्ट्रॉल, मेटाबॉलिक सिंड्रोम और अनहेल्दी डाइट। जब लिवर में फैट जमा होने लगता है, तो इसकी काम करने की क्षमता प्रभावित होती है, जिससे धीरे-धीरे शरीर में कई परेशानियां शुरू हो जाती हैं।


ये भी पढ़ें- Bloating: क्या आप भी पेट फूलने की समस्या से हैं परेशान? जानिए इसके कारण और बचाव के आसान उपाय
 
विज्ञापन

3 of 5
लिवर - फोटो : Freepik.com
फैटी लीवर के लक्षण
फैटी लीवर के शुरुआती लक्षण अक्सर बहुत मामूली होते हैं, बहुत से लोग नजरअंदाज कर देते हैं। आइए उन लक्षणों के बारे में जानते हैं-

थकान और कमजोरी
लिवर शरीर की ऊर्जा बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। जब लिवर पर फैट जमा होता है, तो वह ठीक से काम नहीं कर पाता, जिससे लगातार थकान और कमजोरी महसूस होती है।

भूख की कमी
लिवर के प्रभावित होने पर पाचन क्रिया धीमी पड़ जाती है, जिससे व्यक्ति को भूख कम लगती है और खाने का मन नहीं करता। यह वजन घटने का भी कारण बन सकता है।

पेट के ऊपरी दाहिने हिस्से में बेचैनी
लिवर पेट के दाहिने ऊपरी हिस्से में स्थित होता है। फैट बढ़ने या सूजन होने पर यहां हल्का दबाव या बेचैनी महसूस हो सकती है।

मतली
कुछ लोगों को पाचन में गड़बड़ी के कारण मतली या हल्का जी मिचलाने का अनुभव हो सकता है।

4 of 5
लिवर - फोटो : Adobe Stock
जब फैटी लीवर गंभीर बन जाता है
यदि फैटी लीवर का समय पर इलाज न किया जाए, तो यह गंभीर रूप ले सकता है। यह नॉन-अल्कोहलिक स्टीटोहेपेटाइटिस (NASH) में बदल सकता है, जहां लिवर में सूजन और कोशिकाओं को नुकसान पहुंचता है। गंभीर अवस्था में दिख सकने वाले लक्षणों में पीलिया (त्वचा और आंखों का पीला पड़ना), पेट में तरल पदार्थ जमा होना (सूजन), पैरों और टखनों में सूजन, मानसिक भ्रम और घाव का जल्दी न भरना शामिल है। ऐसे लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।

ये भी पढ़ें- Vitamin Deficiency: इन पोषक तत्वों की कमी से आंखों में होती है परेशानी, समय रहते हो जाएं सतर्क
 
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
लिवर - फोटो : Freepik.com
बचाव और स्वस्थ जीवनशैली
अच्छी बात यह है कि फैटी लीवर की समस्या को, खासकर शुरुआती चरणों में, जीवनशैली में बदलाव करके काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है। इसके लिए-

संतुलित आहार अपनाएं
प्रोसेस्ड फूड, ज्यादा चीनी और अस्वस्थ वसा का सेवन कम करें। फल, सब्जियां, साबुत अनाज और लीन प्रोटीन को अपनी डाइट में शामिल करें।

नियमित व्यायाम करें
रोजाना कम से कम 30 मिनट की शारीरिक गतिविधि फैट को कम करने और लिवर के स्वास्थ्य को सुधारने में मदद करती है।

स्वस्थ वजन बनाए रखें
मोटापा फैटी लीवर का एक बड़ा कारण है, इसलिए वजन को नियंत्रित रखना जरूरी है।

नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें