फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सेहत की बात: परिवार में किसी को रही है किडनी की बीमारी, तो आपको कितना खतरा? कौन से टेस्ट समय पर जरूरी

Mon, 26 Oct 2026 07:09 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

परिवार में किडनी की बीमारी की हिस्ट्री होने पर अपना जोखिम जानना और डॉक्टर से जांच कराना बहुत जरूरी है। क्रिएटिनिन, पेशाब में एल्ब्यूमिन, ब्लड प्रेशर और ब्लड शुगर की जांच जरूरी हैं। संतुलित आहार, नमक कम खाने और डायबिटीज कंट्रोल रखना किडनी को स्वस्थ रखने में मदद करते हैं।
विज्ञापन
1 of 4
किडनी की सेहत - फोटो : Amarujala.com/AI
किडनी की बीमारियां दुनियाभर में बड़े खतरे के रूप में उभरती देखी जा रही हैं। हर साल इससे लाखों लोगों की मौत हो जाती है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं, खानपान और लाइफस्टाइल की  गड़बड़ी ने  किडनी की सेहत को गंभीर रूप से प्रभावित किया है। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी उम्र के लोगों में इसका जोखिम देखा जा रहा है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं, जिन लोगों को ब्लड प्रेशर या शुगर की बीमारी है या जिन लोगों के परिवार में पहले से किसी को किडनी की समस्या रही है उन्हें अपनी सेहत को लेकर पहले से ही अलर्ट हो जाना चाहिए। किडनी की कई बीमारियां आनुवंशिक कारणों से हो सकते हैं, यही वजह है कि सभी लोगों को इस बारे में अलर्ट रहना चाहिए।

आइए जानते हैं कि अगर आपके परिवार में पहले से किसी को किडनी रोग रहा है तो आप अपने खतरे को कैसे जान सकते हैं और इससे कैसे बचाव कर सकते हैं?
Trending Videos
विज्ञापन

2 of 4
किडनी की बीमारियों का खतरा - फोटो : Freepik.com
किडनी की बीमारियों का खतरा

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, अगर परिवार में पहले से किसी को किडनी रोग रहा है तो इसका मतलब ये नहीं है कि आपको भी यह बीमारी जरूर होगी।

किडनी की बीमारी शुरुआती चरणों में अक्सर बिना किसी स्पष्ट लक्षण के बढ़ सकती है। ऐसे में सही समय पर ब्लड प्रेशर, खून में क्रिएटिनिन और पेशाब में एल्ब्यूमिन की जांच आपके खतरों को समझने में मददगार हो सकती है। इसके अलावा नियमित रूप से संतुलित आहार, धूम्रपान से दूरी और डायबिटीज-बीपी को कंट्रोल रखने वाली आदतें किडनी को स्वस्थ रखने में मदद कर सकती हैं।
 
  • पॉलीसिस्टिक किडनी डिजीज जैसी कुछ बीमारियां आनुवंशिक बदलावों से जुड़ी होती हैं। यदि परिवार में यह बीमारी है, तो डॉक्टर आपकी मेडिकल हिस्ट्री के अनुसार विशेष जांच या जेनेटिक काउंसलिंग की सलाह दे सकते हैं।
  • इसके अलावा, माता-पिता में से किसी को डायबिटीज और हाई ब्लड प्रेशर की दिक्कत रही है तो आपमें भी इसका खतरा हो सकता है जो किडनी रोग का जोखिम बढ़ा देती हैं। 
विज्ञापन

3 of 4
खून की जांच - फोटो : Freepik.com
 किडनी की सेहत जानने के लिए कौन-सी जांच कराएं?

स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं आपकी मेडिकल हिस्ट्री और दूसरे जोखिमों को देखते हुए डॉक्टर कुछ प्रकार के जांच की सलाह दे सकते हैं।
 
  • खून में क्रिएटिनिन के स्तर से ईजीएफआर का अनुमान लगाया जाता है, जो बताता है कि किडनी खून को कितनी अच्छी तरह फिल्टर कर रही है।
  • यूरिन एल्ब्यूमिन-टू-क्रिएटिनिन रेशियो, पेशाब में एल्ब्यूमिन की असामान्य मात्रा का पता लगाने में मदद करता है। शुरुआती किडनी रोग में भी यह बढ़ सकता है।
  • हाई ब्लड प्रेशर तथा डायबिटीज किडनी को नुकसान पहुंचा सकते हैं। इसकी जांच भी जरूरी है।
विज्ञापन

4 of 4
किडनी को कैसे हेल्दी रखें? - फोटो : Adobe Stock
किडनी को स्वस्थ रखने के लिए क्या करें?

किडनी को हेल्दी रखने और इससे संबंधित बीमारियों से बचे रहने के लिए स्वास्थ्य विशेषज्ञ सभी लोगों को लाइफस्टाइल और खान-पान को ठीक रखने की सलाह देते हैं। 
 
  • नमक का सेवन कम करने और संतुलित भोजन पर ध्यान देना जरूरी है।
  • नियमित रूप से शारीरिक व्यायाम करें। 
  • धूम्रपान से बचें और वजन को कंट्रोल में रखने की कोशिश करें। 
  • अगर डायबिटीज या हाई ब्लड प्रेशर है, तो उसे कंट्रोल रखना भी महत्वपूर्ण है।
  • बार-बार पेनकिलर दवाएं न लें। इससे भी किडनी पर अतिरिक्त दबाव बढ़ सकता है।




--------------
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: ये रूपायन में प्रकाशित कंटेट है। अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें