दिल्ली-एनसीआर में इन दिनों वायु प्रदूषण एक बार बढ़ा हुआ है। ठंड और स्मॉग ने न केवल हमारे फेफड़ों बल्कि हमारी आंखों के स्वास्थ्य के लिए भी गंभीर खतरा पैदा कर दिया है। हवा में मौजूद सूक्ष्म कण (PM 2.5), जहरीली गैसें और धूल के कण आंखों की नाजुक झिल्ली के संपर्क में आते ही जलन, खुजली और लालिमा पैदा करने लगते हैं। चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार, प्रदूषण के कारण आंखों में 'ड्राई आई सिंड्रोम' की समस्या तेजी से बढ़ रही है, क्योंकि जहरीले कण आंखों की नेचुरल नमी यानी आंसू की परत को सुखा देते हैं।
दरअसल, जब आप बाहर निकलते हैं, तो ये प्रदूषक सीधे आपकी आंखों की सतह पर चिपक जाते हैं, जिससे न केवल तात्कालिक परेशानी होती है, बल्कि लंबे समय में दृष्टि पर भी बुरा असर पड़ सकता है। आंखों में होने वाली यह चुभन और पानी गिरना इस बात का संकेत है कि आपकी आंखों का रक्षा तंत्र बाहरी विषैले तत्वों से लड़ने में असमर्थ हो रहा है। ऐसे स्थिति में आप आंखों को सुरक्षित रखने के लिए कुछ सावधानी बरत सकते हैं, जिसके बारे में आपको जानना चाहिए।