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Health Tips: प्रदूषण की वजह से आंखों में हो रही है जलन, अपनाएं ये उपाय मिनटों में दूर होगी आपकी परेशानी

Wed, 21 Jan 2026 05:08 PM IST
शिखर बरनवाल हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Eye Irritation Due to Pollution: वायु प्रदूषण में आंखों में जलन होना एक समस्या है। ऐसी स्थिति में अक्सर लोगों के इस परेशानी से जुड़े कई सवाल होते हैं। आइए इस लेख में इसी के बारे में जानते हैं, साथ ही इससे बचाव के कुछ उपाय और सावधानियों के बारे में विस्तार से जानते हैं।
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आंखों में समस्या - फोटो : Adobe Stock
दिल्ली-एनसीआर में इन दिनों वायु प्रदूषण एक बार बढ़ा हुआ है। ठंड और स्मॉग ने न केवल हमारे फेफड़ों बल्कि हमारी आंखों के स्वास्थ्य के लिए भी गंभीर खतरा पैदा कर दिया है। हवा में मौजूद सूक्ष्म कण (PM 2.5), जहरीली गैसें और धूल के कण आंखों की नाजुक झिल्ली के संपर्क में आते ही जलन, खुजली और लालिमा पैदा करने लगते हैं। चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार, प्रदूषण के कारण आंखों में 'ड्राई आई सिंड्रोम' की समस्या तेजी से बढ़ रही है, क्योंकि जहरीले कण आंखों की नेचुरल नमी यानी आंसू की परत को सुखा देते हैं। 

दरअसल, जब आप बाहर निकलते हैं, तो ये प्रदूषक सीधे आपकी आंखों की सतह पर चिपक जाते हैं, जिससे न केवल तात्कालिक परेशानी होती है, बल्कि लंबे समय में दृष्टि पर भी बुरा असर पड़ सकता है। आंखों में होने वाली यह चुभन और पानी गिरना इस बात का संकेत है कि आपकी आंखों का रक्षा तंत्र बाहरी विषैले तत्वों से लड़ने में असमर्थ हो रहा है। ऐसे स्थिति में आप आंखों को सुरक्षित रखने के लिए कुछ सावधानी बरत सकते हैं, जिसके बारे में आपको जानना चाहिए।
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आंखों में समस्या - फोटो : Adobe Stock
ठंडे पानी की सिकाई और सफाई का महत्व
आंखों को प्रदूषण से राहत दिलाने का सबसे पहला और प्रभावी उपाय है आंखों को बार-बार साफ पानी से धुलना। जब आप बाहर से घर लौटें, तो ठंडे पानी के छींटे मारें ताकि सतह पर जमा धूल के कण निकल जाएं। इसके अलावा एक साफ सूती कपड़े को ठंडे पानी में भिगोकर आंखों पर 5-10 मिनट के लिए रखें। यह न सिर्फ जलन को कम करेगा, बल्कि रक्त वाहिकाओं को सिकोड़कर लालिमा को भी कम करने में मदद करेगा।

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आंखों का फड़कना - फोटो : Freepik
खीरे और गुलाब जल का प्राकृतिक उपचार
आंखों की जलन को मिनटों में दूर करने के लिए खीरे के स्लाइस या गुलाब जल में भीगे कॉटन पैड्स का उपयोग करें। खीरे में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स और ठंडक देने वाले गुण आंखों की सूजन को कम करते हैं। गुलाब जल एक प्राकृतिक क्लीनर की तरह काम करता है जो आंखों के भीतर छिपे सूक्ष्म प्रदूषकों को बाहर निकाल देता है। ध्यान रहे कि गुलाब जल शुद्ध हो और उसमें किसी प्रकार का रसायन न मिला हो।

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आंखों का फड़कना - फोटो : Freepik
सुरक्षात्मक चश्मा और हाइड्रेशन का ध्यान
बाहर निकलते समय 'रैप-अराउंड' सनग्लासेस या प्रोटेक्टिव गियर का उपयोग करें, जो आंखों को सीधी हवा और धूल से बचाते हैं। इसके साथ ही, शरीर में पानी की कमी न होने दें। पर्याप्त पानी पीने से आंखों में आंसू का उत्पादन सही बना रहता है, जो प्रदूषकों को प्राकृतिक रूप से बाहर निकालने के लिए जरूरी है। अपनी डाइट में ओमेगा-3 फैटी एसिड और विटामिन-A युक्त खाद्य पदार्थ शामिल करें ताकि आंखों की नमी बनी रहे।
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आंखों में समस्या - फोटो : Adobe Stock
कब लें डॉक्टर की सलाह?
अगर घरेलू उपायों के बावजूद आंखों में तेज दर्द, धुंधलापन या अत्यधिक मवाद महसूस हो, तो इसे हल्के में न लें। प्रदूषण की वजह से होने वाला संक्रमण 'कॉर्नियल अल्सर' तक जा सकता है। यह खबर इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि हम अक्सर फेफड़ों की चिंता में आंखों को भूल जाते हैं। ध्यान रखें आपकी आंखें अनमोल हैं, प्रदूषित दिनों में इनकी अतिरिक्त देखभाल ही इन्हें भविष्य के खतरों से सुरक्षित रख सकती है।

नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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