फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Harvard Study: आहार में ये एक बदलाव आपको हार्ट अटैक-डिमेंशिया जैसे गंभीर रोगों से दे सकती है सुरक्षा

Sun, 28 Jan 2024 07:45 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
1 of 5
डिमेंशिया से करें बचाव - फोटो : Pixabay/
तमाम अध्ययनों में आहार को स्वस्थ और पौष्टिक रखने पर जोर दिया जाता रहा है। वैज्ञानिकों का मानना है कि हम जिस तरह की चीजों का सेवन करते हैं उसका सेहत पर सीधा असर होता है। यही कारण है कि सभी लोगों को नियमित रूप से फलों-हरी सब्जियों के अधिक सेवन की सलाह दी जाती रही है। हालांकि स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, सिर्फ यही पर्याप्त नहीं है, शरीर को रोगमुक्त रखने के लिए जरूरी है कि आप खाने के तेल में भी आवश्यक बदलाव करें।

तेल के सेहत पर होने वाले प्रभावों के बारे में जानने के लिए किए गए अध्ययन में शोधर्ताओं ने पाया कि अन्य खाद्य तेलों की जगह अगर ऑलिव ऑयल का सेवन किया जाए तो ये हमारे लिए विशेष लाभकारी हो सकता है। इसके सेवन से न सिर्फ हृदय रोगों के खतरे को कम किया जा सकता है साथ ही ये डिमेंशिया जैसे गंभीर रोग से बचाने में भी मददगार साबित हो सकती है।
विज्ञापन

2 of 5
ऑलिव ऑयल के फायदे - फोटो : istock
एक्स्ट्रा-वर्जिन ऑलिव ऑयल के फायदे

शोधकर्ताओं ने पाया कि एक्स्ट्रा-वर्जिन ऑलिव ऑयल किसी सुपरफूड से कम नहीं है। ब्राउन यूनिवर्सिटी की एसोसिएट प्रोफेसर मैरी फ्लिन ने 20 से अधिक वर्षों तक ऑलिव ऑयल पर किए शोध में पाया कि वास्तव में ऐसा कोई अन्य भोजन नहीं है जो इस तरह के लाभ प्रदान करता हो। वैज्ञानिकों ने माना कि अगर आहार में ये एक बदलाव कर लिया जाए तो कई प्रकार की बीमारियों से बचा जा सकता है। 

हार्वर्ड विश्वविद्यालय ने भी एक शोध में पाया कि जो लोग प्रतिदिन एक चम्मच भी ऑलिव ऑयल का सेवन करते हैं उनमें डिमेंशिया रोग से मरने का जोखिम उन लोगों की तुलना में 28% कम होता है जिन्होंने कभी इसका सेवन नहीं किया।
विज्ञापन

3 of 5
ऑलिव ऑयल को बनाएं आहार का हिस्सा - फोटो : Pexels
क्या कहते हैं शोधकर्ता?

वैज्ञानिकों का कहना है, इस तेल में उच्च स्तर के लाभकारी यौगिक होते हैं, जिन्हें शरीर के लिए कई प्रकार से फायदेमंद माना गया है। लाखों प्रतिभागियों पर किए अध्ययनों के विश्लेषण में पाया गया कि प्रतिदिन खाया जाने वाला प्रत्येक अतिरिक्त 5 ग्राम ऑलिव ऑयल (यानी एक चम्मच से थोड़ा अधिक) कई क्रोनिक बीमारियों से मरने के जोखिम को 4% तक कम कर सकता है। एक्स्ट्रा-वर्जिन ऑलिव ऑयल पॉलीफेनोल्स से भरपूर होता है, ये एंटीऑक्सीडेंट शरीर में इंफ्लामेशन को कम करने में काफी मददगार है।

क्लीवलैंड क्लिनिक में आहार और पोषण विशेषज्ञ क्रिस्टिन किर्कपैट्रिक कहते हैं, इंफ्लामेशन कई गंभीर बीमारियों का आधार है। अगर हम सूजन को आधार के रूप में देखते हैं, तो ऑलिव ऑयल हमें कई बीमारियों से बचा सकता है।

4 of 5
ऑलिव ऑयल से हार्ट को फायदे - फोटो : istock
हार्ट के लिए फायदेमंद

सात देशों के अध्ययन में विशेष रूप से हृदय रोग पर ऑलिव ऑयल के प्रभावों पर ध्यान दिया गया। शोधकर्ताओं ने पाया इसमें हृदय-स्वस्थ को ठीक रखने वाले मोनोअनसैचुरेटेड फैट्स और पॉलीफेनोल्स की उच्च मात्रा होती है। ये दिल से संबंधित बीमारियों को कम करने और हार्ट अटैक जैसी जानलेवा स्थितियों से बचाने में भी मददगार हो सकता है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, निश्चित मात्रा में पॉलीफेनोल वाले एक्स्ट्रा-वर्जिन ऑलिव ऑयल के विशेष लाभ हो सकते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
ऑलिव ऑयल से डिमेंशिया में लाभ - फोटो : Pixabay
डिमेंशिया रोग का कम होता है खतरा

इसी तरह हार्वर्ड वैज्ञानिकों ने एक अध्ययन में दावा किया है कि ऑलिव ऑयल से डिमेंशिया रोग का खतरा भी कम हो सकता है। हार्वर्ड टी.एच. चैन स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ ने अमेरिकन सोसाइटी फॉर न्यूट्रिशन की वार्षिक बैठक में निष्कर्ष प्रस्तुत करते हुए बताया कि आहार में इसे शामिल करने वाले लोगों में संज्ञानात्मक कार्य में वृद्धि देखी गई। मानसिक स्वास्थ्य में गिरावट और डिमेंशिया के जोखिमों को कम करने में भी इससे मदद मिल सकती है। 

डायबिटीज और कुछ प्रकार के कैंसर की रोकथाम में भी इससे लाभ पाया जा सकता है।



--------------
स्रोत और संदर्भ
extra virgin olive oil could aid in the treatment and prevention of Alzheimer’s disease

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें