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विशेषज्ञों ने बताया: ऐसे लक्षणों की पहचान कर डायबिटीज से कर सकते हैं बचाव, ज्यादातर लोग कर देते हैं अनदेखा

Sat, 14 May 2022 07:14 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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डायबिटीज की पहचान कैसे की जाए? - फोटो : Pixabay
स्वास्थ्य विशेषज्ञ डायबिटीज को 'साइलेंट किलर' डिजीज के रूप में वर्गीकृत करते हैं। यह शरीर में कई तरह की अन्य स्वास्थ्य समस्याओं के जोखिम को बढ़ावा देने वाली बीमारी मानी जाती है। डायबिटीज का असर शरीर के कई अंगों को गंभीर रूप से पड़ सकता है। ऐसे लोगों में आंखों, पाचन, किडनी, लिवर और प्रतिरक्षा से संबंधित कई तरह की समस्याओं का जोखिम काफी बढ़ जाता है।

विशेषज्ञों का कहना है कि वैसे तो डायबिटीज एक आनुवांशिक रोग है, यानी कि अगर आपके माता-पिता को यह बीमारी रह चुकी है तो आपमें भी इसका खतरा हो सकता है। इसके साथ ही लाइफस्टाइल और खान-पान की भी इसमें महत्वपूर्ण भूमिका होती है। इसके जोखिम कारकों की गंभीरता को समझते हुए सभी लोगों को कम उम्र से ही इस रोग के रोकथाम के प्रयास करते रहने चाहिए।

डायबिटीज की स्थिति में रक्तप्रवाह में शुगर की मात्रा बढ़ जाती है। अगर इसपर समय रहते ध्यान न दिया जाए तो इसके कारण कई अंगों को क्षति होने का भी जोखिम हो सकता है। यही कारण है कि विशेषज्ञ कम उम्र से ही इससे बचाव के उपाय करते रहने की सलाह देते हैं। बचाव और रोकथाम के लिए मधुमेह के शुरुआती लक्षणों के बारे में जानना और इसकी पहचान करना बहुत आवश्यक है। आइए ऐसे ही कुछ संकेतों के बारे में जानते हैं जिनके आधार पर डायबिटीज के जोखिम का अंदाजा लगाया जा सकता है। इनमें से ज्यादातर लक्षणों को हम लोग शुरुआत में अनदेखा कर देते हैं।
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मधुमेह में आंखों की समस्या - फोटो : iStock
आंखों से संबंधित दिक्कतें

जैसा कि उपरोक्त बिंदुओं में बताया गया कि डायबिटीज शरीर के कई अंगों की सेहत को प्रभावित कर सकता है, आंखें उनमें से एक हैं। डायबिटीज के शुरुआत में कुछ लोगों में आंखों से संबंधित लक्षण जैसे धुंधला दिखाई देना या नजर से संबंधित अन्य कई तरह की दिक्कतें हो सकती हैं। विशेषज्ञ कहते हैं, ब्लड शुगर का लेवल बढ़ने के कारण आंखों की रक्त वाहिकाओं को नुकसान पहुंचता है जिसके कारण धुंधला दिखाई देने की समस्या हो सकती है। सामान्तौर पर ऐसी स्थितियों को सिर्फ आंखों से संबंधित दिक्कत मान लिया जाता है, हालांकि इसमें डायबिटीज की जांच भी करा लेनी चाहिए। 
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घाव ठीक न होना - फोटो : iStock
घावों को भरनें में अधिक समय लगना

घावों को भरने में लगने वाला अधिक समय मधुमेह के सबसे सामान्य लक्षणों में से एक है। सामान्यतौर पर मधुमेह के कारण शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली कमजोर हो जाती है, जिस वजह से घावों को ठीक होने में सामान्य से अधिक समय लग सकता है। घाव भरने की गति धीमी होने के कारण संक्रमण का भी जोखिम बढ़ जाता है। अगर आप भी इस तरह की समस्याओं का अनुभव कर रहे हैं तो इस बारे में शीघ्रता से किसी स्वास्थ्य विशेषज्ञ से जरूर सलाह ले लें। 

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मधुमेह रोगियों में कमजोरी की दिक्कत - फोटो : Istock
थकान और कमजोरी की समस्या

थकान और कमजोरी महसूस होने के वैसे तो कई कारण हो सकते हैं, पर इसमें डायबिटीज भी एक प्रमुख कारक है। डायबिटीज में चूंकि प्रतिरक्षा प्रणाली की कमजोरी की समस्या होना काफी सामान्य है, साथ ही इस स्थिति में पाचन और भोजन से पोषक तत्वों का अवशोषण भी प्रभावित हो जाता है। शरीर को पर्याप्त मात्रा में पोषक तत्व न मिलने के कारण कमजोरी और थकान होना काफी सामान्य है। ऐसी समस्याओं को डायबिटीज के लक्षण के तौर पर जरूर देखा जाना चाहिए।
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डायबिटीज के संकेतों को जानिए - फोटो : iStock
हाथ-पैर में सूजन बढ़ना

सामान्यतौर पर अधिक मेहनत के कारण हाथ-पैर में सूजन की समस्या हो सकती है, पर अगर आपको अक्सर ही इस तरह की दिक्कत बनी रहती है, तो इसे गंभीरता से लेने की आवश्यकता है। विशेषज्ञों के मुताबिक डायबिटीज के शुरुआती चरणों में भी हाथ-पैर में सूजन बढ़ने की दिक्कत हो सकती है। कुछ लोगों को हाथों और पैरों में सूजन के साथ सुन्नता भी महसूस हो सकती है। यदि यह समस्याएं लंबे समय तक बनी रहती हैं तो ब्लड शुगर लेवल की जांच जरूर करा लेनी चाहिए। 
 
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला के  हेल्थ एंड फिटनेस कैटेगिरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर और विशेषज्ञों,व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं. लेख में उल्लेखित तथ्यों और सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा परखा व जांचा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठकों की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और ना ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श करें।
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