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Drug Abuse: अपहरण वेब सीरीज में मुख्य किरदार की पत्नी को थी ये गंभीर समस्या, जानिए इसके लक्षण-इलाज के बारे में विस्तार से

Thu, 02 Jun 2022 04:07 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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अपहरण सीजन 2 की किरदार थी ड्रग्स अब्यूज की शिकार - फोटो : Twitter
हाल ही में रिलीज हुई वेबसीरीज अपहरण-2 देखी आपने? एक्शन और डाइलॉग्स से भरपूर इस सीरीज के खूब पसंद किया जा रहा है। इस सीरीज के हाल ही में रिलीज हुए दूसरे सीजन में मुख्य किरदार रुद्र श्रीवास्तव का पत्नी रंजना एक अजीबो-गरीब स्थिति की शिकार हैं। डॉक्टर्स बताते हैं कि ड्रग्स की लत के कारण उनकी मानसिक स्थिति पर नकारात्मक असर हुआ है, दूसरे सीजन का आधार रंजना की यही परेशानी मानी जा रही है।

सीरीज से निकलकर व्यावहारिक स्थिति में देखें तो मेडिकल साइंस में इस समस्या को ड्रग एब्यूज के नाम से जाना जाता है। रिपोर्ट्स के मुताबिक यह समस्या इतनी गंभीर है कि इससे व्यक्ति के मस्तिष्क पर बुरा असर हो सकता है, कुछ स्थितियों में इसे जानलेवा भी माना जाता है।

मेडिकल रिपोर्ट्स के मुताबिक नशीली दवाओं की लत या दुरुपयोग के कारण अल्पकालिक और दीर्घकालिक, दोनों तरह से स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव हो सकते हैं। ड्रग्स या नशीली दवाइयों में रासायनिक यौगिक होते हैं जो मन और शरीर को नकारात्मक रूप से प्रभावित करते हैं। शराब-सिगरेट और अन्य मादक पदार्थों के अधिक सेवन के कारण भी  एब्यूज की समस्या हो सकती है। लंबे समय ड्रग्स लेते रहना अंगों की क्षति से लेकर, हृदय रोग और गंभीर स्थितियों में मृत्यु तक का कारण भी हो सकता है। आइए इस बारे में आगे विस्तार से जानते हैं।
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ड्रग्स की लत - फोटो : istock
ड्रग एब्यूज क्या है?

सेहत के लिहाज से विशेषज्ञ किसी भी नशीली चीज, दवा आदि के सेवन को हानिकारक मानते हैं। नशीली चीजों के सेवन की कोई सेफ लिमिट नहीं है, हालांकि कुछ विदेशी मेडिकल रिपोर्ट्स में विशेषज्ञों का मानना है कि नशीली दवाओं का सेवन, तब एब्यूज बन जाता है जब यह व्यक्ति के दैनिक जीवन के कामकाज और सामान्य गतिविधियों में बाधा बनने लगे। खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) के अनुसार, किसी भी दवा का अनुचित तरीके से उपयोग एब्यूज का कारण बन सकता है।
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ड्रग एब्यूज के लक्षण क्या हैं? - फोटो : Pixabay
ड्रग एब्यूज की पहचान कैसे करें?

नशीली दवाओं, ड्रग्स की लत के कई तरह के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य संबंधी दुष्प्रभाव देखने को मिल सकते हैं। इसमें व्यक्ति के व्यवहार में परिवर्तन से लेकर किडनी-लिवर और हृदय संबंधी समस्याएं भी देखी जा सकती हैं। सभी लोगों को ड्रग एब्यूज के लक्षणों की पहचान को लेकर जागरूक रहना चाहिए।
  • नियमित रूप से किसी नशीले पदार्थ-दवा की जरूरत महसूस होना। 
  • समय के साथ, नशीले पदार्थ-दवा की अधिक मात्रा की आवश्यकता महसूस होना।
  • दवाओं या नशीली चीजों के सेवन को मजबूर होना, भले ही आप जानते हों कि यह जीवन में समस्याएं पैदा कर रहा है।
  • ऐसी दवाइयां-पदार्थों को प्राप्त करने के लिए वो कार्य करना जो आप सामान्य रूप से नहीं करते, जैसे कि चोरी करना।

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गंभीर समस्याओं का कारण बन सकता है ड्रग्स - फोटो : iStock
ड्रग एब्यूज के दुष्प्रभाव

नशीली दवाओं, ड्रग के बहुत अधिक सेवन के कारण शारीरिक और मानसिक दोनों ही तरह की सेहत पर कई तरह के दुष्प्रभाव देखने को मिल सकते हैं। सिगरेट और अन्य तंबाकू उत्पादों से निकलने वाला निकोटीन रक्तचाप बढ़ा देता है। इसके अलावा नशीली दवाओं के अधिक सेवन की आदत के कारण भूख न लगने, नींद न आने, हृदय गति बढ़े रहने, उत्साह की कमी जैसी दिक्कतें हो सकती हैं। 

वहीं इसके दीर्घकालिक दुष्प्रभावों में डिप्रेशन, चिंता विकार, आक्रामकता की भावना महसूस होने जैसी समस्या हो सकती है। वहीं शारीरिक रूप से यह किडनी फेलियर, हृदय रोग, सांस की समस्या या लिवर की बीमारियों का भी कारण बन सकती है।
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नशीली चीजों के सेवन को कहें न - फोटो : iStock
ड्रग एब्यूज का इलाज

ड्रग एब्यूज के उपचार के रूप में रोगी की स्थिति के आधार पर दवाइयों और थेरपी को प्रयोग में लाया जाता है। ड्रग एब्यूज के कारण होने वाली शारीरिक समस्याओं में स्थिति के आधार पर दवाइयों को प्रयोग में लाया जाता है, वहीं जिनके मानसिक स्वास्थ्य पर असर होता है, ऐसे लोगों को बिहेवियरल थेरेपी के साथ ग्रुप थेरपी और अन्य उपचार माध्यमों को प्रयोग में लाया जाता है। 



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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सुझाव के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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