कोरोना महामारी के खिलाफ अहम लड़ाई में भारत को एक और बड़ा हथियार मिल गया है, जिसका नाम 2-डीऑक्सी-डी-ग्लूकोज (2-डीजी) है। यह एक कोरोना रोधी दवा है, जिसे रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन यानी डीआरडीओ ने बनाया है। इसके आपात इस्तेमाल की मंजूरी दी जा चुकी है।
डीआरडीओ ने गुरुवार को स्पष्ट किया कि जून मध्य तक यह दवा देश के सरकारी व निजी अस्पतालों और बाजार में मिलने लगेगी। चूंकि अभी यह बाजार में जारी नहीं की गई है, इसलिए अभी इसकी कीमत भी तय नहीं की गई है। इसकी कीमत वहन करने योग्य रखी जाएगी, ताकि ज्यादा से ज्यादा मरीजों को इसका लाभ मिल सके।
नकली दवा बेचने वालों से सावधान रहें
डीआरडीओ ने देशवासियों को आगाह किया है कि वे नकली 2डीजी दवा बेचने वालों व एजेंटों से सावधान रहें। वे 2 डीजी के नाम से नकली व मिलावटी दवा बेचने का प्रयास कर सकते हैं।
पहले डीआरडीओ के अस्पताल में दी जाएगी
इस दवा को बनाने में लगभग एक साल का समय लगा है। गत सोमवार को इस दवा को अस्पतालों और आम लोगों के लिए जारी कर दिया गया। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने इसे लॉन्च किया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस दवा को सबसे पहले दिल्ली के डीआरडीओ कोविड अस्पताल में भर्ती कोरोना मरीजों को दिया जाएगा।