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2 डीजी दवा: जून मध्य तक बाजार व अस्पतालों में मिलेगी, जानिए डीआरडीओ की इस दवा के बारे में सब कुछ

Thu, 20 May 2021 07:33 PM IST
सोनू शर्मा हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

डीआरडीओ ने बृहस्पतिवार को कहा कि कोरोना के खिलाफ जंग के लिए 2 डीजी दवा को जून मध्य तक बाजार में जारी किया जाएगा। अभी इसकी कीमत भी तय नहीं की गई। नकली दवा से देशवासी सतर्क रहें।
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डीआरडीओ की नई दवा - फोटो : Amar Ujala

कोरोना महामारी के खिलाफ अहम लड़ाई में भारत को एक और बड़ा हथियार मिल गया है, जिसका नाम 2-डीऑक्सी-डी-ग्लूकोज (2-डीजी) है। यह एक कोरोना रोधी दवा है, जिसे रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन यानी डीआरडीओ ने बनाया है। इसके आपात इस्तेमाल की मंजूरी दी जा चुकी है। 

डीआरडीओ ने गुरुवार को स्पष्ट किया कि जून मध्य तक यह दवा देश के सरकारी व निजी अस्पतालों और बाजार में मिलने लगेगी। चूंकि अभी यह बाजार में जारी नहीं की गई है, इसलिए अभी इसकी कीमत भी तय नहीं की गई है। इसकी कीमत वहन करने योग्य रखी जाएगी, ताकि ज्यादा से ज्यादा मरीजों को इसका लाभ मिल सके। 

नकली दवा बेचने वालों से सावधान रहें
डीआरडीओ ने देशवासियों को आगाह किया है कि वे नकली 2डीजी दवा बेचने वालों व एजेंटों से सावधान रहें। वे 2 डीजी के नाम से नकली व मिलावटी दवा बेचने का प्रयास कर सकते हैं। 

पहले डीआरडीओ के अस्पताल में दी जाएगी
इस दवा को बनाने में लगभग एक साल का समय लगा है। गत सोमवार को इस दवा को अस्पतालों और आम लोगों के लिए जारी कर दिया गया। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने इसे लॉन्च किया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस दवा को सबसे पहले दिल्ली के डीआरडीओ कोविड अस्पताल में भर्ती कोरोना मरीजों को दिया जाएगा। 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock
क्या कोरोना पर इस 'हथियार' से विजय संभव है? 
  • डीआरडीओ और सरकार द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक, यह दवा (2-डीजी) अस्पताल में भर्ती मरीजों की तेजी से रिकवरी करने में मदद करती है और बाहरी ऑक्सीजन की निर्भरता को कम करती है। चूंकि कोरोना की दूसरी लहर में बड़ी संख्या में कोरोना मरीजों की ऑक्सीजन की जरूरत पड़ रही है, जिसकी वजह से ऑक्सीजन की भारी किल्लत भी देखने को मिली है। ऑक्सीजन की कमी से काफी लोगों की जान भी चली गई है। ऐसे में माना जा रहा है कि यह दवा कोरोना संक्रमित मरीजों की जान बचा सकती है। 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock
कोरोना मरीजों को कैसे दी जाएगी दवा? 
  • डीआरडीओ के मुताबिक, यह दवा पाउडर के रूप में पाउच में है, जिसे पानी में घोलकर कोरोना मरीजों को दी जाएगी। डीआरडीओ के प्रमुख जी. सतीश रेड्डी ने बताया कि यह दवा कोरोना वायरस से संक्रमित कोशिकाओं पर सीधा काम करेगी। शरीर का इम्यून सिस्टम काम करेगा और मरीज जल्दी ठीक होगा। इसे मरीज के वजन और डॉक्टर के प्रिसक्रिप्शन के आधार पर कम से कम 5-7 दिन सुबह-शाम दो डोज लेनी है। ध्यान रहे कि यह दवा फिलहाल अस्पतालों में डॉक्टर की सलाह पर ही मरीजों को दी जाएगी। 

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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
कहां और कितने लोगों पर किया गया है दवा का ट्रायल? 
  • पिछले साल अप्रैल में इस दवा के पहले चरण का ट्रायल किया गया था, जिसमें पाया था कि यह दवा कोरोना संक्रमण को बढ़ने से रोकती है। इसी के आधार पर दूसरे चरण का ट्रायल किया गया, जिसमें 110 मरीजों को शामिल किया गया था। दूसरे चरण में छह अस्पतालों में ट्रायल किया गया, इसके बाद देशभर के 11 अस्पतालों में फेज II B (डोज रैंगिंग) क्लीनिकल ट्रायल किया गया था। फिर देशभर के 27 अस्पतालों में इस दवा का आखिरी ट्रायल किया गया था, जिसमें दिल्ली, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, गुजरात, राजस्थान और महाराष्ट्र समेत कई राज्यों के अस्पताल शामिल हैं। यह ट्रायल 220 मरीजों पर किया गया था।  
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
क्या बाजार में भी मिल जाएगी यह दवा? 
  •  डीआरडीओ के प्रमुख जी. सतीश रेड्डी ने कहा, 'अभी सप्ताह में 10,000 के आसपास इस दवा का कुल उत्पादन होगा। एम्स, आर्म्स फोर्सेज मेडिकल कॉलेज और डीआरडीओ अस्पतालों में दे रहे हैं। बाकी राज्यों को अगले चरण में देंगे। अभी थोड़ी देरी है।  
स्रोत एवं संदर्भ: 
DCGI approves anti-COVID drug developed by DRDO for emergency use 
https://pib.gov.in/PressReleasePage.aspx?PRID=1717007  

अस्वीकरण नोट: यह लेख सरकारी वेबसाइट pib.gov.in पर प्रकाशित जानकारी और मीडिया रिपोर्ट्स के आधार पर तैयार किया गया है। लेख में शामिल सूचना व तथ्य आपकी जागरूकता और जानकारी बढ़ाने के लिए साझा किए गए हैं। किसी भी तरह की बीमारी के लक्षण हों अथवा आप किसी रोग से ग्रसित हों तो अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें।
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