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High Uric Acid: सिर्फ हड्डी-घुटने ही नहीं, किडनी-हार्ट पर भी हो सकता है इसका दुष्प्रभाव, जानिए कैसे करें बचाव

Sun, 08 Jan 2023 04:40 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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यूरिक एसिड के कारण किडनी की समस्या - फोटो : istock
खून में यूरिक एसिड बढ़ने की समस्या काफी आम है। मुख्यरूप से इसके कारण जोड़ों-घुटनों में दर्द और कुछ स्थितियों में गाउट की समस्या हो सकती है। हालांकि अगर इसपर ध्यान न दिया जाए या अनुपचारित छोड़ दिया जाए, तो बढ़ा हुआ यूरिक एसिड किडनी जैसे अंगों के लिए गंभीर समस्याओं का भी कारण बन सकता है।

यूरिक एसिड, असल में रक्त में पाया जाने वाला एक अपशिष्ट उत्पाद है। शरीर जब प्यूरीन नामक रसायन का ठीक तरीके से ब्रेकडाउन नहीं कर पाता है तो यूरिक एसिड बनता है। वैसे तो यूरिक एसिड रक्त में घुलकर किडनी से होता हुआ पेशाब के माध्यम से शरीर से बाहर आ जाता है, पर कुछ स्थितियों में इसकी मात्रा रक्त में बढ़ सकती है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, कई प्रकार के भोजन और पेय पदार्थ में प्यूरिन की अधिकता होती है, ये यूरिक एसिड बढ़ने का कारण बन सकते हैं। इसलिए आहार पर विशेष ध्यान रखना आवश्यक माना जाता है। आइए जानते हैं कि यूरिक एसिड बढ़ने से किस-किस प्रकार की दिक्कतें हो सकती हैं और इससे बचाव के लिए क्या उपाय किए जाने चाहिए?
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जोड़ों में दर्द की समस्या के कारण - फोटो : istock
जोड़ों में दर्द और गाउट की समस्या

यूरिक एसिड बढ़ने के कारण जोड़ों, हड्डियों में दर्द की समस्या का जोखिम रहता है। समय के साथ यह गाउट या गठिया का भी कारण बन सकती है।  यूरिक एसिड के उच्च स्तर की स्थिति के कारण लोगों के लिए चलना तक भी कठिन हो जाता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ इसके इलाज के लिए कुछ दवाइयों के साथ आहार को ठीक रखने की सलाह देते हैं।

हालांकि अगर समय रहते यूरिक एसिड के स्तर पर ध्यान न दिया जाए तो इसके कारण अन्य अंगों पर भी असर हो सकता है। 
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हृदय को स्वस्थ रखने वाले उपाय जरूरी - फोटो : istock
हृदय स्वास्थ्य पर असर

शोधकर्ताओं ने पाया कि यूरिक एसिड बढ़ने की स्थिति नाइट्रिक ऑक्साइड के उत्पादन को कम करके एंडोथेलियल डिसफंक्शन का कारण बन सकती है। एंडोथेलियल डिसफंक्शन के कारण धमनियों में संकीर्णता आ जाती है जिससे हृदय स्वास्थ्य प्रभावित होने लगता है। शोधकर्ताओं ने पाया कि हाई यूरिक एसिड का स्तर सूजन का कारण बनता है जो हृदय की समस्याओं को भी बढ़ाने वाला हो सकता है।

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किडनी को कैसे स्वस्थ रखें? - फोटो : Pixabay
बढ़ सकती हैं किडनी की समस्याएं

रक्त में यूरिक एसिड की मात्रा बढ़ने के कारण किडनी भी प्रभावित होने लग जाती है। अध्ययन के मुताबिक यूरिक एसिड बढ़ने की समस्या के कारण हाइपरयूरिसीमिया नामक स्थिति उत्पन्न हो जाती है। ये किडनी में क्रिस्टल बनने को बढ़ावा देने लगती है जिससे किडनी स्टोन का खतरा रहता है। वहीं जिन लोगों को पहले से ही किडनी की समस्या है उनमें यह गंभीर जटिलताओं और यहां तक कि किडनी फेलियर का भी कारण बन सकती है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, सभी लोगों को यूरिक एसिड के स्तर को कंट्रोल रखने के लिए प्रयास करते रहने चाहिए।
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स्वस्थ आहार का करें सेवन (सांकेतिक) - फोटो : iStock
यूरिक एसिड के स्तर को कैसे कम करें?

डॉक्टर कहते हैं, लाइफस्टाइल और आहार को ठीक रखकर न सिर्फ  यूरिक एसिड को कम किया जा सकता है साथ ही इसकी जटिलताओं से बचाव में भी लाभ मिल सकता है। इसके लिए कुछ बातों का ध्यान रखें।
  • प्यूरीन युक्त खाद्य पदार्थों का सेवन कम करें।
  • आहार में चीनी की मात्रा कम करें।
  • शरीर को हाइड्रेटेड रखें, दिन में कम से कम 3-4 लीटर पानी पिएं।
  • शराब से परहेज करें।
  • वजन कम करने और ब्लड शुगर को मैनेज करने के उपाय करें।
  • आहार में फाइबर की मात्रा को बढ़ाएं।


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नोट: यह लेख योगगुरु के सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है। आसन की सही स्थिति के बारे में जानने के लिए किसी विशेषज्ञ से संपर्क कर सकते हैं।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें। 
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