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Diwali: त्योहारी सीजन में कहीं अस्थमा-सांस की समस्याएं कर न दें अटैक, इन बातों का ध्यान रखना बहुत जरूरी

Sun, 12 Nov 2023 06:23 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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अस्थमा की समस्या - फोटो : iStock
देश में इन दिनों त्योहारों की धूम है। दीपावली-भाई दूज और उत्तर भारत के कई हिस्सों में लक्ष्मी पूजा का आयोजन। ये समय होता है लजीज खान-पान, पकवान, उत्साह और आनंद का। उत्सव के दौरान पटाखे-फुलझड़ियों की शोर, उमंग को और भी बढ़ा देती है, पर सावधान ये आपकी सेहत के लिए कहीं मुश्किलें न खड़ी कर दे? 

स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताेते हैं, दिल्ली-एनसीआर सहित कई अन्य पड़ोसी राज्यों में इन दिनों प्रदूषण का स्तर काफी बढ़ा हुआ है। ऐसे में पटाखों आदि के कारण पिछले कुछ वर्षों की तरह फिर से वायु प्रदूषण बढ़ने का खतरा हो सकता है। इस तरह का माहौल उन लोगों के लिए काफी समस्याकारक हो सकता है जो पहले से ही सांस की समस्याओं जैसे अस्थमा या सीओपीडी के शिकार हैं।

सांस के रोगियों के अलावा भी सभी लोगों को प्रदूषण से बचाव को लेकर अलर्ट रहना चाहिए। आइए जानते हैं कि इस दौरान किन बातों का ध्यान रखना आपके लिए बहुत आवश्यक है?
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सांस की समस्याओं का खतरा - फोटो : Pixabay
प्रदूषकों के कारण ट्रिगर हो सकती है समस्या

श्वसन रोगों के विशेषज्ञ कहते हैं, दिवाली के आसपास वायु प्रदूषण के स्तर में उच्च वृद्धि अस्थमा के रोगियों के लिए स्थिति को और खराब कर सकती है। पटाखों से सल्फर डाइऑक्साइड, नाइट्रोजन डाइऑक्साइड और छोटे कण सहित कई हानिकारक वायु प्रदूषक उत्सर्जित होते हैं, ये सभी श्वसन प्रणाली के माध्यम से शरीर में पहुंचकर सांस लेने में कठिनाई और अस्थमा के दौरे का कारण बन सकते हैं।

पटाखों से निकलने वाला धुआं श्वसन तंत्र में जलन पैदा कर सकता है, जिसके परिणामस्वरूप आपकी जटिलताओं के बढ़ने का खतरा रहता है। इन बातों को ध्यान में रखते हुए आपके लिए बचाव के उपाय करना बहुत आवश्यक हो जाता है।
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अस्थमा अटैक से कैसे बचें - फोटो : iStock
अपने पास में रखें इनहेलर 

अस्थमा और श्वसन की अन्य समस्याओं को नियंत्रित करते रहना बहुत आवश्यक होता है, इसलिए दिवाली के दौरान जब प्रदूषण का स्तर अधिक होता है तो आपको इन्हेलर अपने पास रखना चाहिए। अगर आपको पहले से ही सांस की समस्या है तो डॉक्टर द्वारा बताए अनुसार अपने इनहेलर्स का उपयोग करना महत्वपूर्ण है। आपातस्थितियों से बचाने में इनहेलर आपकी मदद कर सकते हैं।

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अस्थमा से बचाव - फोटो : Pixabay
मास्क जरूर पहनें

वायु प्रदूषण से खुद को बचाने का सबसे अच्छा तरीका मास्क पहनना है। यदि संभव हो तो आपको भीड़ से भी बचना चाहिए। प्रदूषण के खतरे और पटाखों से निकलने वाले धुएं के कारण होने वाली समस्याओं से खुद को सुरक्षित रखने के लिए मास्क पहनना आवश्यक है। ये हवा में मौजूद प्रदूषकों के शरीर में प्रवेश को रोकने में मदद करता है, जिससे श्वसन समस्याओं को ट्रिगर होने से बचाया जा सकता है। 
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सांस की समस्याओं से करें बचाव - फोटो : iStock
जितना हो सके घर के अंदर रहें

यदि आप अस्थमा से पीड़ित हैं, तो विशेषज्ञ त्योहारों के पीक आवर्स के दौरान घर के अंदर रहने की सलाद देते हैं। यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि घर में एयर प्यूरीफायर या पर्याप्त वेंटिलेशन की भी व्यवस्था हो। बाहरी प्रदूषकों को घर में प्रवेश करने से रोकने के लिए दरवाजे और खिड़कियां बंद रखें। यदि बाहर जाना बहुत जरूरी हो मास्क पहनकर ही बाहर निकलें और इनहेलर को साथ में रखें। 



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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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