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कोविड से ठीक होने के बाद डायबिटिक रोगी ऐसा रखें अपना खान-पान? भूलकर भी न खाएं ये फल

Thu, 27 May 2021 12:11 PM IST
Abhilash Srivastava हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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कोविड के बाद कैसे हो डायबिटिक रोगियों का खान-पान - फोटो : सोशल मीडिया
Medically Reviewed by Ms. Priya Pandey

प्रिया पांडेय

डायटिशियन (आहार विशेषज्ञ), उजाला सिग्नस हॉस्पिटल
डिग्री- बी.एस.सी. (मानव पोषण)
अनुभव- 8 वर्ष


देश इस समय कोरोना वायरस की दूसरी लहर से मुकाबला कर रहा है। वायरस में म्यूटेशन और नए स्ट्रेनों के कारण इस बार लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। पिछले कुछ दिनों से कोरोना के रोजाना संक्रमितों के आंकड़ों में कमी आई है, जो काफी राहत देने वाली खबर है। इसके साथ कोरोना से ठीक हो रहे लोगों की संख्या में इजाफा देखने को मिल रहा है। पर क्या यहां सब सही ठीक हो गया है? ऐसा सवाल इसलिए जहन में आ रहा है क्योंकि  कोविड से ठीक होने के बाद भी लोगों को गंभीर थकान और कमजोरी का अनुभव हो रहा है। इतना ही नहीं कोरोना के जिन संक्रमितों को डायबिटीज की समस्या है, उन्हें रिकवरी में और वक्त लग सकता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि खान-पान का विशेष ध्यान देकर इस तरह की समस्याओं से छुटकारा पाया जा सकता है। डायबिटीज के रोगियों को यहां विशेष सावधान रहने की जरूरत है क्योंकि उनको प्रतिरक्षा को बढ़ावा देने के साथ ब्लड शुगर को भी नियंत्रित रखने वाले आहार का सेवन करना होता है। आइए इस लेख में जानते हैं कि डायबिटीज रोगियों के लिए पोस्ट कोविड आहार कैसा होना चाहिए?
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आहार पर विशेष ध्यान देने की जरूरत - फोटो : Social media
शुगर को नियंत्रित करने पर ध्यान दें
आहार और पोषण विशेषज्ञों के मुताबिक मधुमेह रोगियों के लिए कोविड-19 से ठीक होने के बाद आहार पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। संक्रमण के दौरान और ठीक होने के बाद बहुत से लोगों को थकान और अन्य दिक्कतें महसूस हो रही हैं। मधुमेह के रोगियों का शुगर लेवल भी संक्रमण के बाद बढ़ा हुआ देखा जा रहा है, ऐसे में इन लोगों को सिर्फ वही खाद्य-पदार्थों का सेवन करना चाहिए जो शरीर को ताकत देने के साथ शुगर के स्तर को नियंत्रित करने में मदद करें। इन दोनों में से एक में भी कमी, रिकवरी को प्रभावित कर सकती है। आइए इसके लिए कुछ जरूरी टिप्स जानते हैं।
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राजमा, चना, दाल का सेवन बढ़ाएं - फोटो : Social media
प्रोटीन युक्त आहार लेना चाहिए
आहार और पोषण विशेषज्ञों के मुताबिक डायबिटीज रोगियों को कोविड से ठीक होने के बाद तेज रिकवरी के लिए आहार में प्रोटीन की मात्रा बढ़ानी चाहिए। प्रोटीन मांसपेशियों की वृद्धि और उनके निर्माण के लिए बहुत आवश्यक होता है। आमतौर पर राजमा, चना, दाल जैसे खाद्य पदार्थ प्रोटीन से भरपूर होते हैं साथ ही इनमें शुगर की भी मात्रा कम होती है। कोविड से ठीक हो चुके मधुमेह रोगियों को अपने आहार में चिकन, अंडे और मछली, दूध, दही और पनीर को शामिल करना चाहिए।
 

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इन फलों का सेवन न करें - फोटो : Pixabay
ऐसे फलों के सेवन से बचें
मौसमी फलों को विटामिन और खनिजों का बेहतर स्रोत माना जाता है। विटामिन और खनिज, शरीर की प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में मदद करते हैं। इसके अलावा कई फल फाइबर और एंटीऑक्सिडेंट से भी भरपूर होते हैं जो रक्त शर्करा के स्तर को स्थिर करने में मदद करते हैं। हालांकि मधुमेह के रोगियों को केला, आम और चीकू जैसे फलों के सेवन से बचना चाहिए।
 
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खाने में साबुत अनाज का सेवन बढ़ा दें - फोटो : Social media
साबुत अनाज 
कोविड से ठीक हो चुके रोगियों को आहार में साबुत अनाजों को जरूर शामिल करना चाहिए। साबुत अनाज फाइबर से भरपूर होने के साथ रक्त शर्करा के स्तर को स्थिर करने में भी मदद करते हैं। इसके अलावा साबुत अनाज आवश्यक विटामिन और खनिजों से भी भरपूर होते हैं। अपने आहार में रागी, बाजरा और ज्वार जैसे साबुत अनाजों को शामिल करने का प्रयास करें।

 
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समय पर खाना खाएं - फोटो : Social media
समय पर खाना सबसे जरूरी
डायबिटीज रोगियों को समय पर खाना बहुत जरूरी है। सुनिश्चित करें कि सुबह उठने के एक घंटे के भीतर कुछ जरूर खा लें। इसके अलावा लगातार छोटे-छोटे अंतराल पर कुछ पौष्टिक भोजन करते रहें। ऐसा करके आप रक्त शर्करा के स्तर में वृद्धि से बच सकते हैं। भोजन के बीच का अंतराल 3 घंटे से अधिक का नहीं होना चाहिए।

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नोट: यह लेख अनुभवी डायटिशियन (आहार विशेषज्ञ) प्रिया पांडेय के सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है। उन्होंने कानपुर के सी.एस.जे.एम. विश्वविद्यालय से मानव पोषण में बी.एस.सी. किया है। उन्होंने कानपुर के आभा सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में आहार विशेषज्ञ के रूप में काम किया है। उन्होंने जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज में पोषण व्याख्यान के विषय के प्रतिनिधि के रूप में भी भाग लिया है। उनका इस क्षेत्र में 8 वर्ष का लंबा अनुभव है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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