राजधानी दिल्ली में हर साल अक्तूबर-नवंबर के महीनों में डेंगू के मामलों में बढ़ोतरी देखी जाती रही है। इस साल अक्तूबर के महीने में 900 से अधिक लोगों में संक्रमण की पुष्टि की गई है। इसके साथ, राष्ट्रीय राजधानी में डेंगू के मामलों की संख्या बढ़कर 1900 के करीब पहुंच गई है। 12 अक्टूबर तक डेंगू संक्रमण की संख्या 1,572 थी।
डेंगू के बढ़ते मामलों के बीच संक्रमितों में गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं के मामले भी रिपोर्ट किए गए हैं। डॉक्टरों ने बताया कि डेंगू के शिकार कई वयस्कों (20-40 की आयु) में लिवर डिस्फंक्शन की दिक्कत देखी जा रही है। 10 में से छह रोगियों में लिवर से संबंधित इस विकार का खतरा हो सकता है, जिसको लेकर फिलहाल सभी लोगों को विशेष सावधानी बरतते रहने की आवश्यकता है।
डॉक्टर कहते हैं, डेंगू के कारण लिवर से संबंधित विकारों का तेजी से बढ़ना चौंकाने वाला है। विशेषकर युवाओं में यह दिक्कत अधिक देखी जा रही है। डिस्फंक्शन की समस्या आगे चलकर क्रोनिक हेपेटाइटिस या पित्त नली प्रणाली में सूजन का कारण बन सकती है। डेंगू के कारण सामान्य लक्षणों के साथ पहले भी लोगों को पेट से संबंधित दिक्कतें होती रही हैं, पर लिवर से संबंधित विकारों का जोखिम ज्यादा गंभीर है। आइए जानते हैं कि डेंगू किस प्रकार से लिवर के लिए जोखिमों को बढ़ा रहा है और इस तरह के जोखिमों से बचाव के लिए क्या किया जाना चाहिए?