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Dengue & Malaria: रिकॉर्ड तोड़ रहे हैं मलेरिया के मामले, डेंगू ने भी बढ़ाई चिंता; दिल्ली वाले हो जाएं सावधान

Mon, 07 Oct 2024 12:59 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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डेंगू-मलेरिया का खतरा - फोटो : Freepik.com
दिल्ली-एनसीआर में बढ़ते मच्छर जनित रोगों के मामले स्वास्थ्य विशेषज्ञों के लिए चिंता का कारण बने हुए हैं। यहां डेंगू के साथ-साथ मलेरिया रोगियों की संख्या भी लगातार बढ़ती जा रही है। हालिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इस बार मलेरिया के मामलों ने नोएडा में पिछले तीन साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इस साल अब तक यहां मलेरिया के 106 रोगियों की पहचान की गई है, जो साल 2022 में कुल दर्ज 104 मामलों से अधिक है। पिछले साल 2023 में 44 केस सामने आए थे। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने सभी लोगों को मच्छरों से बचाव के उपाय करते रहने की सलाह दी है।

दिल्ली-एनसीआर में मलेरिया और डेंगू दोनों ही बीमारियां बड़े खतरे के रूप में उभरती देखी जा रही हैं। नोएडा में अब तक डेंगू के 128 मामले सामने आए हैं। वहीं राजधानी दिल्ली में सितंबर के आखिरी हफ्ते में डेंगू के 300 से ज्यादा नए मामले सामने आए। इस साल 20 सितंबर तक दिल्ली-एनसीआर में डेंगू के कुल 1229 मामले दर्ज किए गए और दो लोगों की मौत भी हुई है।
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मलेरिया के बढ़ते मामले - फोटो : Freepik.com
डेंगू और मलेरिया का खतरा

जिला मलेरिया अधिकारी श्रुति कीर्ति वर्मा ने सभी लोगों को मच्छरों से बचाव और मच्छरों को पनपने से रोकने के उपाय करते रहने की सलाह दी है। अधिकारी ने बताया मच्छरों के पनपने के स्थानों की जांच की जा रही है। आवासीय सोसाइटियों और घरों में जहां मच्छरों के लार्वा पाए गए हैं, वहां 150 से अधिक नोटिस जारी किए गए हैं।

डेंगू और मलेरिया के मच्छर स्थिर पानी में पनपते हैं, इसलिए जल जमाव को रोकना जरूरी है। मलेरिया की स्थिति कुछ मामलों में जानलेवा भी हो सकती है।
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मच्छरों से होने वाली बीमारियां - फोटो : Freepik.com
क्या कहते हैं डॉक्टर?

अमर उजाला से बातचीत में ग्रेटर नोएडा स्थित अस्पताल में इंटरनल मेडिसिन के डॉक्टर श्रेय श्रीवास्तव ने बताया कि हर दिन ओपीडी में डेंगू-मलेरिया के रोगियों का निदान किया जा रहा है। बुखार की समस्या के साथ आ रहे 60 फीसदी लोगों में डेंगू का निदान किया जा रहा है, मलेरिया के मरीजों की संख्या में बढ़ रही है।

चिंताजनक ये है कि कई बार जांच में मलेरिया की रिपोर्ट निगेटिव आ जाती है जबकि मरीज में सारे लक्षण होते हैं। इन स्थितियों में विशेष ध्यान रखने की जरूरत होती है क्योंकि मरीजों में प्लेटलेट काउंट तेजी से कम होने का खतरा रहता है जिससे लक्षण बिगड़ सकते हैं।

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मलेरिया के लक्षणों को जानिए - फोटो : Freepik.com
मलेरिया के लक्षणों को जानिए

मलेरिया से पीड़ित लोगों में आमतौर पर तेज बुखार और ठंड लगने की दिक्कत देखी जाती है। इसके साथ कुछ लोगों को मतली और उल्टी, पेट में दर्द, मांसपेशियों या जोड़ों में दर्द की दिक्कत हो सकती है। मलेरिया के लक्षण आमतौर पर संक्रमित मच्छर काटने के कुछ हफ़्तों के भीतर शुरू होते हैं। अगर किसी को चार-पांच दिनों से तेज बुखार की समस्या हो रही है तो उसे डॉक्टर की सलाह पर जांच जरूर करा लेनी चाहिए। समय पर इन बीमारियों का निदान और इलाज न होने पर रोग के लक्षणों के गंभीर रूप लेने का खतरा रहता है।
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मच्छरों से करें बचाव - फोटो : Freepik.com
मच्छरों से बचाव के करें उपाय

डॉक्टर कहते हैं, मलेरिया-डेंगू के खतरे को कम करने के लिए मच्छरों से बचाव के लिए प्रयास करते रहना जरूरी है। इसके लिए पूरी आस्तीन के सुरक्षात्मक कपड़े पहनें, मच्छरदानी और कीटनाशकों का प्रयोग करें। जिन स्थानों पर मलेरिया के मामले अधिक हैं वहां की यात्रा से बचें। नवजात-बच्चों, बुजुर्गों में इन रोगों के कारण लक्षणों के गंभीर रूप लेने का खतरा अधिक देखा जाता रहा है। गर्भवती के लिए भी मलेरिया और डेंगू की स्थिति खतरनाक हो सकती है, इसलिए बचाव के उपाय जरूरी हैं।


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नोट: यह लेख डॉक्टर्स का सलाह और मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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