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Dengue-Malaria राजधानी में मच्छरों का हमला, अब तक डेंगू-मलेरिया के कितने मामले? डेंगू हो जाए तो क्या करें

Sun, 02 Aug 2026 08:21 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) की ताजा रिपोर्ट बताती है कि राजधानी में इस साल अब तक डेंगू के 212, मलेरिया के 62 और चिकनगुनिया के 14 मामले सामने आए हैं। अच्छी खबर यह है कि इन तीनों बीमारियों से अब तक किसी मरीज की मौत दर्ज नहीं हुई है।
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मच्छरों के कारण होने वाली बीमारियों का खतरा - फोटो : Amarujala.com/AI
मानसून आते ही दिल्ली में हर साल डेंगू-मलेरिया और चिकनगुनिया जैसी, मच्छरों से फैलने वाली बीमारियों का खतरा बढ़ने लगता है। बारिश के कारण जगह-जगह जमा पानी और बढ़ती नमी मच्छरों के पनपने के लिए अनुकूल माहौल तैयार कर देती है। यही वजह है कि स्वास्थ्य विभाग हर साल जुलाई से अक्तूबर के महीनों में सभी लोगों को सेहत को लेकर विशेष निगरानी और बचाव अभियान चलाते हैं। 

मानसून के दिनों में मच्छरों से होने वाली बीमारियों का खतरा सबसे ज्यादा देखा जाता रहा है। हर साल इन बीमारियों के चलते अस्पतालों में भीड़ बढ़ जाती है। दिल्ली-एनसीआर में डॉक्टर एक बार फिर से सभी लोगों को बचाव के उपायों को लेकर अलर्ट कर रहे हैं।

इस साल के अब तक के आंकड़े थोड़ी चिंता जरूर बढ़ा रहे हैं पर राहत की बात ये है कि अभी तक मच्छरों के कारण होने वाली बीमारियों से किसी की मौत नहीं हुई है।
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डेंगू-मलेरिया का जोखिम - फोटो : Freepik.com
डेंगू-मलेरिया और चिकनगुनिया के मामले

दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) की ताजा रिपोर्ट बताती है कि राजधानी में इस साल अब तक डेंगू के 212, मलेरिया के 62 और चिकनगुनिया के 14 मामले सामने आए हैं। अच्छी खबर यह है कि इन तीनों बीमारियों से अब तक किसी मरीज की मौत दर्ज नहीं हुई है। लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि खतरा टल गया है। 

डेंगू का वायरस कई बार अचानक गंभीर रूप ले सकता है, मलेरिया समय पर इलाज न मिलने पर शरीर के कई अंगों को प्रभावित कर सकता है और चिकनगुनिया में होने वाला जोड़ों का दर्द कई महीनों तक परेशान कर सकता है।

रिपोर्ट से यह भी पता चलता है कि राजधानी के कुछ इलाके संक्रमण के लिहाज से अधिक संवेदनशील बने हुए हैं। डेंगू के सबसे ज्यादा मामले नजफगढ़ इलाके से सामने आए हैं, जबकि मलेरिया के मामले वेस्ट जोन में सबसे अधिक दर्ज हुए हैं।
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मच्छरों के कारण होने वाली बीमारी - फोटो : Freepik.com
अब तक कितने मामले?

25 जुलाई 2026 तक के आंकड़ों पर आधारित दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) की रिपोर्ट के मुताबिक बीते एक सप्ताह में डेंगू के 6 मलेरिया के 4 और चिकनगुनिया का 1 नया मामला दर्ज किया गया।
 
  • इस साल अब तक सामने आए 212 डेंगू मामलों में से 194 मामले एमसीडी क्षेत्र में दर्ज हुए हैं, जबकि बाकी 18 मामले नई दिल्ली नगर पालिका परिषद, दिल्ली कैंट और रेलवे क्षेत्रों से सामने आए हैं। राहत की बात यह है कि इस साल अब तक डेंगू से किसी की मौत नहीं हुई है।
  • मलेरिया के कुल मामलों की संख्या 62 हो गई है। मलेरिया से भी इस साल अब तक किसी की मौत नहीं हुई है।
  • रिपोर्ट के अनुसार, चिकनगुनिया के 14 मामले दर्ज किए गए हैं, इस बीमारी से भी इस साल कोई मौत दर्ज नहीं हुई है।
     

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मलेरिया-चिकनगुनिया की समस्या - फोटो : Freepik.com
पिछले साल से बेहतर है स्थिति

रिपोर्ट के अनुसार, पिछले साल की तुलना में इस बार स्थिति बेहतर है। पिछले वर्ष इसी समय तक दिल्ली में डेंगू के 277, मलेरिया के 124 और चिकनगुनिया के 18 मामले दर्ज हुए थे। यानी इस साल इन तीनों बीमारियों के मामले फिलहाल कम हैं।

रिपोर्ट के मुताबिक मच्छरों को पनपने से रोकने के लिए नगर निगम लगातार अभियान चला रहा है। 1 जनवरी से 25 जुलाई के बीच नगर निगम की टीमों ने 2.15 करोड़ से ज्यादा घरों का निरीक्षण किया, ताकि कहीं मच्छरों का लार्वा तो नहीं है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञ सभी लोगों को इन बीमारियों से बचाव और सेहत का ख्याल रखने की सलाह दे रहे हैं।
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डेंगू बुखार में क्या करें - फोटो : Freepik.com
किसी को डेंगू हो जाए तो क्या करें?

डाइटीशियन डॉ. नमिता नादर कहती हैं, अगर किसी को डेंगू हो जाए तो सबसे जरूरी है कि पूरे दिन तरल पदार्थ लेते रहें। डेंगू के दौरान शरीर कमजोर हो जाता है इसलिए ऐसी डाइट लें जो आसानी से पच जाए और शरीर को जरूरी पोषण भी मिले। दिन की शुरुआत पानी या नारियल पानी से करें और पूरे दिन तरल पदार्थ लेते रहें। 
 
  • खाने में मूंग दाल की खिचड़ी, दलिया, दाल, दही, उबली सब्जियां और ताजे मौसमी फल शामिल करें। 
  • भूख कम लगे तो एक साथ ज्यादा खाने के बजाय हर 2 से 3 घंटे में थोड़ा-थोड़ा खाएं। 
  • प्रोटीन से भरपूर भोजन शरीर की रिकवरी में मदद करता है इसलिए पनीर की जगह यदि उपयुक्त हो तो दही, दूध, दाल, अंडा या डॉक्टर की सलाह के अनुसार अन्य प्रोटीन युक्त आहार ले सकते हैं। तला-भुना, मसालेदार और पैकेट वाले खाद्य पदार्थों से बचें। 
  • सही खानपान, पर्याप्त आराम और डॉक्टर द्वारा बताए गए इलाज का पालन करने से मरीज को जल्दी स्वस्थ होने में मदद मिलती है।




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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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