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Nocturia: रात में 2-3 बार पेशाब के लिए उठना पड़ता है? कहीं आपमें इन बीमारियों का खतरा तो नहीं

Sun, 02 Aug 2026 08:13 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

रात में नींद से उठकर बार-बार पेशाब जाने की आवश्यकता महसूस होने को नॉक्ट्यूरिया कहा जाता है। उम्र बढ़ने के साथ अधिक बार पेशाब के लिए उठना कुछ स्थितियों में सामान्य माना जा सकता है, लेकिन यदि हर रात दो या उससे अधिक बार उठना पड़े तो इसकी जांच करानी चाहिए।
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रात में बार-बार पेशाब जाने की समस्या - फोटो : Amarujala.com/AI
रात में एक-दो बार उठकर पेशाब जाना कई लोगों के लिए सामान्य बात होती है। लेकिन हर रात अगर आपको तीन-चार बार पेशाब के लिए उठना पड़े तो सावधान हो जाइए। ये आदत कई बार शरीर में बढ़ रही गंभीर बीमारियों का संकेत भी हो सकती है। रात में बार-बार उठने और पेशाब जाने की स्थिति को मेडिकल का भाषा में नॉक्ट्यूरिया कहा जाता है। यह कोई बीमारी नहीं, बल्कि कई स्वास्थ्य समस्याओं का एक महत्वपूर्ण लक्षण हो सकता है।

डॉक्टर कहते हैं, बार-बार रात में पेशाब आने से केवल नींद ही खराब नहीं होती, बल्कि अगले दिन थकान, चिड़चिड़ापन, ध्यान और कार्यक्षमता में कमी जैसी समस्याएं होने लगती है।   

मेडिकल रिपोर्ट्स से पता चलता है कि नॉक्ट्यूरिया के पीछे कई बार ज्यादा कैफीन लेना या रात में ज्यादा पानी पीना भी कारण हो सकता है। वहीं कई बार ये डायबिटीज, प्रोस्टेट, किडनी या हार्ट की समस्याओं का भी संकेत हो सकता है, इसलिए यदि यह समस्या लगातार बनी रहे तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।
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बार-बार पेशाब आने की समस्या - फोटो : Freepik.com
पहले नॉक्ट्यूरिया के बारे में जानिए

रात में नींद से उठकर बार-बार पेशाब जाने की आवश्यकता महसूस होने को नॉक्ट्यूरिया कहा जाता है। उम्र बढ़ने के साथ अधिक बार पेशाब के लिए उठना कुछ स्थितियों में सामान्य माना जा सकता है, लेकिन यदि हर रात दो या उससे अधिक बार उठना पड़े तो इसकी जांच करानी चाहिए।

कई बार ये मूत्राशय-किडनी, हार्मोन्स या हृदय से जुड़ी कई समस्याओं का संकेत हो सकता है।
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डायबिटीज का खतरा - फोटो : Freepik.com
क्या होते हैं इसके कारण?

हर बार रात में पेशाब आना किसी बीमारी का संकेत नहीं होता। सोने से पहले अधिक पानी, चाय-कॉफी, शराब पीने से भी रात में बार-बार पेशाब आ सकती है। कुछ दवाएं भी इसका कारण बन सकती हैं।  गर्भावस्था, बढ़ती उम्र और नींद संबंधी विकार भी नॉक्ट्यूरिया से जुड़े हो सकते हैं। 


किन बीमारियों का हो सकता है संकेत
 
  • डायबिटीज की स्थिति में यदि खून में शुगर का स्तर लंबे समय तक बढ़ा रहता है, तो शरीर अतिरिक्त ग्लूकोज को पेशाब के जरिए बाहर निकालने की कोशिश करता है। इसके कारण पेशाब की मात्रा बढ़ जाती है और व्यक्ति को दिन के साथ-साथ रात में भी कई बार पेशाब के लिए उठना पड़ सकता है।
  • प्रोस्टेट की समस्या में  भी ये दिक्कत देखी जाती है। प्रोस्टेट ग्रंथि के बढ़ने से मूत्रमार्ग पर दबाव पड़ता है, जिससे मूत्राशय पूरी तरह खाली नहीं हो पाता। इससे व्यक्ति को बार-बार पेशाब की इच्छा होती है।
  • यूटीआई होने पर बार-बार पेशाब लगने, पेशाब में जलन और बुखार जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। संक्रमण के कारण मूत्राशय में सूजन आ जाती है, जिससे बार-बार पेशाब की इच्छा महसूस होती है। यदि रात में पेशाब आने के साथ दर्द या जलन भी हो, तो यूरिन टेस्ट कराना जरूरी है।
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नॉक्ट्यूरिया की समस्या - फोटो : Adobe Stock
कब जाएं डॉक्टर के पास

डॉक्टर कहते हैं, यदि रात में बार-बार पेशाब के साथ पेशाब में खून, तेज दर्द, बुखार, अत्यधिक प्यास या पैरों में सूजन जैसी समस्याएं भी हों, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। इसी तरह यदि यह समस्या कई सप्ताह तक लगातार बनी रहे और दैनिक जीवन प्रभावित होने लगे तो जांच कराना जरूरी है।
 
  • यदि इसका कारण कोई गंभीर बीमारी नहीं है, तो कुछ आदतों में बदलाव से काफी राहत मिल सकती है। 
  • सोने से 2-3 घंटे पहले ज्यादा पानी और अन्य तरल पदार्थ लेने से बचें। 
  • शाम के समय चाय, कॉफी और शराब का सेवन सीमित करें। 
  • नियमित व्यायाम, वजन और ब्लड शुगर को कंट्रोल रखना भी मददगार हो सकता है।



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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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