संपूर्ण स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने के लिए शरीर और मन दोनों का ख्याल रखना बहुत आवश्यक माना जाता है। आमतौर पर हम तमाम तरह के उपाय करके शरीर को स्वस्थ रखने के तो उपाय करते रहते हैं, हालांकि इस दौरान मानसिक स्वास्थ्य को नजरअंदाज कर दिया जाता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, स्वस्थ शरीर के लिए मन का स्वस्थ होना बहुत आवश्यक होता है। हालांकि पिछले कुछ वर्षों, विशेषकर कोरोना के दौर में लोगों के मानसिक स्वास्थ्य पर गंभीर असर देखने को मिल रहा है। चिंता, अवसाद और एकाग्रता में कमी जैसी समस्याएं पहले की तुलना में काफी आम हो गई हैं।
मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों की मानें तो डेमेंशिया भी एक ऐसी ही गंभीर समस्या है जिसके मामले पिछले एक दशक में काफी बढ़े हुए देखे जा रहे हैं। डेमेंशिया, संज्ञानात्मक कार्यप्रणाली को होने वाली क्षति से संबंधित समस्या है जिसमें व्यक्ति को सोचने, चीजों को याद रखने और तर्क करने में कठिनाई महसूस होती रह सकती है। डेमेंशिया से पीड़ित लोग अपनी भावनाओं को नियंत्रित नहीं कर पाते हैं और उनके व्यक्तित्व में बदलाव आ सकता है। हमारी जीवनशैली की कई आदतें इस तरह के मानसिक स्वास्थ्य के खतरे को बढ़ा सकती हैं। आइए ऐसी ही कुछ आदतों के बारे में जानते हैं।