प्रदूषण का फेफड़ों पर असर
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क्या कहते हैं ईएनटी विशेषज्ञ?
सीके बिरला हॉस्पिटल में ईएनटी विभाग के डॉ. विजय वर्मा कहते हैं, दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण के स्तर में जारी वृद्धि के कारण साइनोसाइटिस, एलर्जी, खांसी, संक्रमण और फेफड़ों से संबंधित बीमारियों में लगभग 30% तक की उछाल आई है। नाक बहने-बंद नाक, गले में खराश, खांसी, सूंघने की क्षमता में कमी, थकान, सिरदर्द जैसी समस्याओं के साथ लोग अस्पतालों में आ रहे हैं। इस तरह के वातावरण के कारण कई दीर्घकालिक स्वास्थ्य समस्याओं का जोखिम भी काफी बढ़ गया है। हानिकारक वायु कणों के कारण फेफड़ों की क्षमता में कमी देखी जा रही है, जोकि चिंताजनक है।