प्रदूषण का फेफड़ों पर असर
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डब्ल्यूएचओ ने किया सावधान
विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि वायु प्रदूषण सभी कारणों से होने वाली मृत्यु के साथ-साथ विशिष्ट बीमारियों के भी जोखिम को कई गुना तक बढ़ा देता है। वायु प्रदूषण के लगातार संपर्क में रहने के कारण स्ट्रोक, इस्केमिक हृदय रोग, क्रॉनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज (सीओपीडी), फेफड़ों के कैंसर, निमोनिया और मोतियाबिंद जैसी स्वास्थ्य समस्याओं का जोखिम बढ़ जाता है।
इसके अलावा इसका गर्भावस्था पर भी कई प्रकार से प्रतिकूल प्रभाव देखा गया है। प्रदूषण के संपर्क में रहने के कारण जन्म के समय वजन कम या ज्यादा होने, समय से पहले बच्चे के जन्म का भी खतरा हो सकता है।