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Summer Tips: गर्मियों में डिहाइड्रेशन और इसके दुष्प्रभावों का खतरा अधिक, ऐसे जानें शरीर में पानी कम तो नहीं?

Mon, 19 Jun 2023 08:00 AM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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शरीर में पानी की कमी और इसके लक्षण - फोटो : iStock
पूरे देश में इन दिनों भयंकर गर्मी और धूप का दौर जारी है। बढ़ रहा तापमान हमारी सेहत के लिए कई प्रकार से हानिकारक हो सकता है। इससे हीट स्ट्रोक और कुछ स्थितियों में आपातकालीन स्वास्थ्य समस्याओं का भी खतरा रहता है। डॉक्टर कहते हैं, गर्मी के दिनों में डिहाइड्रेशन होना बहुत आम है। डिहाइड्रेशन यानी शरीर में पानी की कमी होने से लू लगने के साथ किडनी, पाचन सहित कई अंगों के लिए भी समस्याएं हो सकती हैं।

डॉक्टर कहते हैं गर्मी के कारण होने वाली बीमारियों का प्रमुख कारण शरीर में पानी की कमी होना है। यदि आपका पेट पानी या स्वस्थ तरल पदार्थों से भरा रहता है तो लू लगने या तापमान बढ़ने के कारण होने वाली समस्याओं का जोखिम कम हो जाता है। गर्मी के दिनों में सभी लोगों को कम से कम 4 लीटर पानी जरूर पीना चाहिए।

आइए जानते हैं कि कैसे जाने कहीं आपके शरीर में भी तो पानी की कमी नहीं है?
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भरपूर मात्रा में पीते रहें पानी - फोटो : istock
ये संकेत बताते हैं पर्याप्त मात्रा में पी रहे हैं पानी

डॉक्टर कहते हैं गर्मी से बचे रहने के लिए दिनभर अधिक से अधिक मात्रा में पानी या तरल चीजें पीते रहें। इसे आप क्रॉस चेक भी कर सकते हैं कि क्या आप पर्याप्त मात्रा में इसका सेवन कर रहे हैं या नहीं? 

यदि आपके शरीर में पानी की कमी नहीं है तो आपको हर दो से ढाई घंटे में पेशाब जाने की अनुभूति होती रहती है। साफ-स्पष्ट, पतला मूत्र अच्छा संकेत है कि आप अच्छी तरह से हाइड्रेटेड हैं। इसके अलावा यदि पेशाब के दौरान जलन नहीं होती, पसीने का उत्पादन सही तरीके से हो रहा है तो यह भी अच्छा संकेत है।
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डिहाइड्रेशन की समस्या - फोटो : iStock
डिहाइड्रेशन के संकेतों को जानिए

शरीर में कहीं पानी की कमी तो नहीं है, सभी लोगों को इसका पता लगाते रहना भी आवश्यक है। कुछ सामान्य से लक्षणों के आधार पर इसकी पहचान की जा सकती है। इसमें आपके चेहरे-आंखों से संबंधित कई दिक्कतें हो सकती हैं।
  • बार-बार प्यास लगना।
  • गहरा पीला, तेज गंध वाला पेशाब होना।
  • सामान्य से कम बार पेशाब जाना।
  • चक्कर आना या कमजोरी महसूस करना।
  • मुंह, होंठ और जीभ सूखा हुआ महसूस होना।
  • आंखें में लालिमा, दर्द होना।
  • त्वचा में रूखापन अधिक होना।
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डिहाइड्रेशन के गंभीर दुष्प्रभाव - फोटो : iStock
इसके हो सकते हैं गंभीर दुष्प्रभाव

लंबे समय तक या बार-बार डिहाइड्रेशन की समस्या होते रहना मूत्र पथ के संक्रमण (यूटीआई), किडनी में पथरी और यहां तक कि किडनी फेलियर का भी कारण हो सकती है। निर्जलीकरण के कारण सिरदर्द भी हो सकता है। डॉक्टर कहते हैं, जब आप कम पानी पीते हैं तो पेशाब का उत्पादन भी कम होता है जिससे शरीर से अपशिष्ट निकल नहीं पाते हैं। ये समस्या कई प्रकार से गंभीर जोखिमों वाली मानी जाती है।



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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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