युवा भी ज्यादा संक्रमित
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मृत्यु दर में जल्द कमी आने की उम्मीद
डॉ रविन्द्र बताते हैं कि कोविड की दूसरी लहर युवाओं के लिए भी घातक साबित हो रही है। कोरोना की दूसरी लहर में 20-40 साल के लोगों में गंभीर असर देखे जा रहे हैं। इसके अलावा यह आयुवर्ग शुरुआत में वैक्सीनेशन के दायरे में भी नहीं था जिसके चलते भी इनमे संक्रमण के मामले और गंभीरता ज्यादा देखी गई है। जैसे-जैसे महामारी की पॉजिटिविटी रेट में गिरावट आएगी, उसी के साथ हम मृत्यु दर में भी कमी आने की उम्मीद कर रहे हैं।
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नोट: यह लेख दिल्ली में वरिष्ठ स्वास्थ्य विशेषज्ञ डॉ रविन्द्र डबास से बातचीत के आधार पर तैयार किया गया है।
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