कोविड-19 के दुनियाभर में बढ़ते खतरे को देखते हुए स्वास्थ्य विशेषज्ञ सभी लोगों से जल्द से जल्द वैक्सीन की दोनों डोज लगवाने की अपील कर रहे हैं। अध्ययनों में पाया गया है कि कुछ स्थितियों में लोगों को कोविड-19 का खतरा अधिक हो सकता है, गर्भावस्था उन्हीं में से एक स्थिति है। इसी को ध्यान में रखते हुए भारत सरकार ने अगस्त-सितंबर 2020 में देश में गर्भवती महिलाओं के टीकाकरण को मंजूरी दे दी थी। हालांकि गर्भावस्था में टीकाकरण को लेकर लोगों के मन में शुरू से ही डर देखा जा रहा है। भले ही अध्ययनों में गर्भवती के लिए टीकाकरण को सुरक्षित बताया गया है, हालांकि इससे जुड़े कई सवाल लोगों के मन में अब भी बने हुए हैं। एक सवाल ऐसा ही है क्या कोविड-19 वैक्सीन प्री-टर्म बर्थ का कारण बन सकती है?
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक यदि गर्भवती महिला को संक्रमण हो जाए तो उनमें रोग की गंभीरता और मृत्यु का खतरा अन्य लोगों के मुकाबले बढ़ जाता है। हालांकि इन खतरों को जानते हुए भी गर्भवती महिलाओं में टीकाकरण की दर काफी कम है, जिसका एक कारण इस तरह का डर भी है। आइए जानते हैं कि अध्ययनों में गर्भावस्था में टीकाकर्ण के प्रभावों को लेकर क्या बातें सामने आई हैं?