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क्या ब्लड या यूरिन से भी फैलेगा कोरोना, बारिश में बढ़ेगा संक्रमण? जानें 8 जरूरी सवालों के जवाब

Fri, 22 May 2020 07:04 PM IST
निलेश कुमार लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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Coronavirus Causes and Prevention - फोटो : Amar Ujala
कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामले दुनियाभर में लोगों की चिंता बढ़ा रहे हैं। भारत में भी कोरोना संक्रमितों का आंकड़ा एक लाख पार कर चुका है। हालांकि इसमें करीब 50 हजार मरीज ठीक भी हो चुके हैं। लॉकडाउन 4.0 में बहुत सारी ढील दी गई है। सरकार द्वारा दी गई छूट पर शर्तों के साथ गतिविधियां भी बढ़ी है। ऐसे में लोगों को और ज्यादा सावधान रहने की जरूरत है। कोरोना वायरस के नए लक्षण भी सामने आ रहे हैं। एक तरफ गर्मी बढ़ रही है तो बीच-बीच में देश के अलग-अलग हिस्सों में बारिश भी हो जा रही है। ऐसे में लोगों के मन में कई तरह के सवाल उठ रहे हैं। आकाशवाणी के एक कार्यक्रम में आरएमल अस्पताल, नई दिल्ली के जाने-माने विशेषज्ञ डॉ. एके वाष्णेय ने कोरोना से जुड़े ऐसे ही कई सवालों के जवाब दिए। 
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कोरोना के नए लक्षण भी सामने आए हैं - फोटो : Pexels
शरीर पर चकत्ते जैसे कोरोना के कुछ नए लक्षण भी सामने आए हैं...
  • कई बार शरीर पर लाल रंग के चकत्ते या निशान आते हैं। डायरिया, मिर्गी के दौरे या ब्रेन से जुड़ी समस्या में भी ऐसा होता है। कोरोना वायरस संक्रमण के मामले में ऐसे बहुत कम मामले हैं। 90 फीसदी संक्रमित लोगों को बुखार तो होता ही है। गंभीर लक्षण नजर आएं तो डॉक्टर से जरूर मिलें।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Social media
बारिश में वायरल संक्रमण बढ़ने की कितनी संभावना?
  • बारिश के मौसम में सर्दी-खांसी होना सामान्य बात है। राइनोवायरस, इंफ्लूएंजा और ह्यूमन कोरोना जैसे वायरस के कारण भी सर्दी, खांसी और जुकाम होता है। कुछ ऐसे वायरस होते हैं जो गले तक पहुंच जाते हैं और खांसी-जुकाम हो जाता है। कोरोना वायरस के लक्षण भी कुछ ऐसे ही दिखते हैं। इसलिए बचाव के लिए सावधानियां बरतनी जरूरी है। कोरोना के लक्षण दिखने पर डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।

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बुजुर्ग लोग - फोटो : Pixabay
कोमोरबिडिटी क्या है, संक्रमण का कितना खतरा?
  • कोमोरबिडिटी से मतलब है कि जिन्हें पहले से डायबिटीज, ब्लड प्रेशर, अस्थमा, एचआईवी, कैंसर और फेफड़े की समस्या जैसी कोई गंभीर बीमारी हो। ऐसे लोगों की इम्यूनिटी कमजोर हो जाती है। इसलिए संक्रमण का खतरा ज्यादा होता है। वायरस उनके फेफड़ों तक जल्दी पहुंच जाता है और उन्हें सांस लेने में तकलीफ होने लगती है। इसलिए ऐसी बीमारियों वाले लोगों के साथ बुजुर्ग और गर्भवती महिलाओं को भी ध्यान रखने की जरूरत है। 
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साबुन से हाथ धोने से वायरस बाहर निकल जाता है - फोटो : Social Media
सैनिटाइजर इस्तेमाल करें या साबुन?
  • कोरोना वायरस के ऊपर की परत वसा होने के कारण चिकनाई वाली होती है। साबुन से 20 सेकंड तक हाथ धोने से वायरस बाहर निकल जाता है। लेकिन अगर आप किसी ऐसी जगह हैं, जहां साबुन-पानी उपलब्ध नहीं है, या फिर वॉशरूम जाना संभव नहीं तो सैनिटाइजर का इस्तेमाल करने की सलाह दी जाती है। 
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मजदूरों के बीच खाना-फल और मास्क जैसी जरूरी चीजों को बांटते सामाजिक कार्यकर्ता(File Photo) - फोटो : Ravi Batra
बाहर फल-सब्जी वगैरह छूकर लेते हैं तो...
  • अगर आप फल-सब्जी वगैरह लेने बाहर जाते हैं और फल-सब्जी को, किसी वस्तु को या ठेले वगैरह को हाथ से छूते हैं या फिर किसी और से कोई सामान लेते हैं तो अपने चेहरे पर हाथ न लगाएं। खासकर आंख-नाक-मुंह तो बिल्कुल न छुएं। चेहरा छूने से पहले साबुन-पानी या सैनिटाइजर से हाथ साफ करें।
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फल को सैनिटाइजर से धोने की जरूरत नहीं - फोटो : Social Media
क्या फल-सब्जी को सैनिटाइज कैसे करें? 
  • फल, सब्जी को सैनिटाइजर से धोने की जरूरत नहीं। इसे केवल नल के बहते पानी से धोएं या फिर उसपर हल्का गर्म पानी डालें। सैनिटाइजर का प्रयोग केवल हाथ धोने के लिए करें। 

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ब्लड से वायरस संक्रमण नहीं फैलता है
क्या ब्लड या यूरिन से भी वायरस संक्रमण फैलता है?
  • ऐसे प्रमाण अबतक नहीं मिले हैं कि किसी की यूरिन से संक्रमण फैलता है। न ही किसी के ब्लड या खाने की चीज से वायरस संक्रमण फैलता है। अबतक केवल संक्रमित के संपर्क में आने से, खासकर उसकी छींक, खांसी से निकले ड्रॉपलेट्स से संक्रमण फैलने के मामले सामने आए हैं। हालांकि किसी को पता नहीं कि कौन संक्रमित है, कौन नहीं, इसलिए अपनी तरफ से सावधानी रखें।

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सरकार ने जो नियम बनाए हैं, उनका पालन करना हमारी जिम्मेदारी है - फोटो : Social Media
लॉकडाउन में ढील के बीच क्या सावधानी बरतें?
  • सरकार अपनी ओर से तमाम उपाय कर रही है। देश के हर नागरिक की भी जिम्मेदारी है कि कैसे खुद को वायरस से दूर रखें और दूसरों को बचाएं। मास्क लगाने, हाथ नहीं मिलाने और सोशल डिस्टेंसिंग से लेकर बाइक, कैब या अन्य वाहन से यात्रा करने तक सरकार ने जो नियम बनाए हैं, उनका पालन करना हमारी जिम्मेदारी है। 
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31 मई तक के लिए है लॉकडाउन 4.0 लागू किया - फोटो : PTI
मालूम हो कि 17 मई तक चले लॉकडाउन के तीसरे चरण के बाद केंद्र सरकार ने 18 मई से 31 मई तक के लिए लॉकडाउन 4.0 लागू किया है। राज्य सरकारों ने आर्थिक गतिविधियां शुरू करने के लिए अपने अनुसार नियम निर्धारित किया है। इनका पालन करना जरूरी है, ताकि कोरोना संक्रमण की स्थिति और ज्यादा भयावह न हो। 
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