कोरोना ने सेहत को किया प्रभावित
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शुरुआती दो वर्षों में बिगड़ गए हालात
डब्ल्यूएचओ के महानिदेशक ने कहा, महामारी के शुरुआती सिर्फ दो वर्षों में ही कोरोनावायरस ने जीवन प्रत्याशा में एक दशक की बढ़त को प्रभावित कर दिया है। पहले की तुलना में अब नॉन कम्युनिकेबल डिजीज (एनसीडी) जैसे कि इस्केमिक हृदय रोग और स्ट्रोक, कैंसर, क्रॉनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज, अल्जाइमर रोग-डिमेंशिया और मधुमेह वाले रोगियों की संख्या भी बढ़ गई है जो समय से पहले मृत्यु के जोखिमों को बढ़ाने वाली मानी जा रही है। महामारी के दौरान लाइफस्टाइल और आहार में हुई गड़बड़ी ने कई प्रकार की स्वास्थ्य स्थितियों का भी जोखिम बढ़ा दिया है जिन्हें क्रोनिक बीमारियों का प्रमुख कारक माना जा रहा है।