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कोरोना से ठीक होने वाले मरीजों को हो रहा यह जानलेवा संक्रमण, इससे मौत की संभावना है 50 फीसदी

Mon, 14 Dec 2020 03:39 PM IST
सोनू शर्मा लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock
कोरोना वायरस के बारे में अधिक से अधिक जानकारी लेने के लिए दुनियाभर के शोधकर्ता और वैज्ञानिक लगातार शोध कर रहे हैं, लेकिन वो अब तक पूरी तरह यह नहीं जान पाए हैं कि इसके लक्षण क्या-क्या हो सकते हैं और ठीक होने के बाद यह किस तरह से शरीर को नुकसान पहुंचा सकता है। चूंकि कोरोना से ठीक होने के बाद भी कई लोगों में खांसी, बुखार और जुकाम जैसी समस्याएं देखने को मिली हैं, लेकिन अब भारत में ऐसे मामले भी सामने आ रहे हैं, जिसमें कोरोना से ठीक होने के बाद लोगों में एक नई जानलेवा बीमारी पैदा हो रही है। डॉक्टरों के मुताबिक, इस बीमारी में मौत की संभावना 50 फीसदी होती है। 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
कोरोना से ठीक होने के बाद होने वाली इस नई बीमारी का नाम म्युकोरमाइकोसिस है। दरअसल, यह एक फंगल इंफेक्शन (कवक संक्रमण) है, जिसमें मरीज के बचने की संभावना सिर्फ 50 फीसदी होती है। साथ ही इस बीमारी से ठीक होने वाले ज्यादातर मरीजों की आंख की रोशनी भी चली जाती है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इसमें मरीज की आंखों की पुतलियां बाहर आ जाती हैं। 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अहमदाबाद के रेटीना एंड ऑक्यूलर ट्रॉमा सर्जन डॉ. पार्थ राना ने बताया कि अब तक उनके पास ऐसे पांच मरीज आए हैं, जिनमें से दो की मौत हो गई है। इसके अलावा कोरोना से ठीक हुए दो लोगों की म्युकोरमाइकोसिस के कारण आंखों की रोशनी जा चुकी है। 

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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock
म्युकोरमाइकोसिस बीमारी पर अध्ययन कर रहे डॉ. अतुल पटेल के मुताबिक, कोरोना के मरीजों में ये बीमारी तेजी से फैल रही है। पिछले तीन महीनों में इसके 19 मामले सामने आए हैं। डायबिटीज के मरीजों और नशा करने वाले लोगों में इस बीमारी के होने की संभावना काफी बढ़ जाती है।  
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
डॉ. पार्थ राना के मुताबिक, दुनिया में कोविड-19 के आने से पहले म्युकोरमाइकोसिस के संक्रमण को फैलने में 15 से 30 दिन लगते थे जबकि कोरोना से पीड़ित मरीजों में इसका संक्रमण दो से तीन दिन में ही फैल गया था। उनके मुताबिक, इस बीमारी का शिकार हुए सभी मरीज या डायबिटीज के मरीज थे या फिर कोई न कोई नशा करते थे। 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
दिल्ली के सर गंगाराम अस्पताल के डॉक्टरों ने भी दावा किया है कि कोरोना से ठीक हो रहे कई लोगों में यह जानलेवा फंगल संक्रमण पाया गया है और इसकी वजह से उनमें से लगभग आधे लोगों की आंखों की रोशनी चली गई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अस्पताल के आंख-नाक-गला (ईएनटी) डॉक्टरों के सामने पिछले 15 दिन में ऐसे 12 मामले सामने आए हैं, जिसमें से 50 फीसदी मामलों में मरीजों की आंखों की रोशनी चली गई है।  
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