फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Covid-19: अब तक इन राज्यों में JN.1 की पुष्टि, सलाह- सर्दी-खांसी हो तो घबराएं नहीं, इस बात का रखें ध्यान

Sat, 30 Dec 2023 11:50 AM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
1 of 5
कोरोना और वायरल फीवर में अंतर - फोटो : iStock
कोरोना के नए JN.1 वैरिएंट के कारण वैश्विक स्तर पर संक्रमण का खतरा बढ़ता हुआ देखा जा रहा है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक चीन, सिंगापुर, अमेरिका सहित कई देशों में संक्रमण के मामलों में लगातार वृद्धि हो रही हैं। अमेरिका में मौजूदा समय में कोरोना के आधे से अधिक मामलों के लिए JN.1 वैरिएंट को ही मुख्य कारण माना जा रहा है। यहां एक महीने के भीतर संक्रमण का प्रसार काफी तेज हुआ है। 

भारत में भी ये नया वैरिएंट संक्रामकता बढ़ाते हुए देखा जा रहा है। गोवा, केरल, कर्नाटक सहित कई राज्यों में इस नए वैरिएंट से संक्रमण की पुष्टि की जा चुकी है। देश में पिछले एक हफ्ते से दैनिक मामले भी औसतन 500 दर्ज किए जा रहे हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, कोरोना की रफ्तार अभी भी नियंत्रित है, हालांकि नए साल की पार्टियों-जश्न के दौरान इकट्ठा होने वाली भीड़ से संक्रमण बढ़ने का खतरा हो सकता है, जिसे लेकर सभी लोगों को अलर्ट रहने की जरूरत है।

ये नया वैरिएंट अति संक्रामक हो सकता है और आसानी से शरीर की प्रतिरोधक क्षमता को चकमा देने में सफल हो रहा है, ऐसे में किसी को भी इससे सुरक्षित नहीं माना जा सकता है।
विज्ञापन

2 of 5
बढ़ रहे हैं कोरोना के मामले - फोटो : iStock
JN.1 वैरिएंट के अब तक 162 मामले

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा साझा की गई जानकारियों के मुताबिक पिछले 24 घंटे में कोरोना के 743 नए मामले दर्ज किए गए हैं। इंडियन सार्स-सीओवी-2 कंसोर्टियम ऑन जीनोमिक्स (INSACOG) के मुताबिक भारत में कोविड के JN.1 वैरिएंट के अब तक 162 मामले रिपोर्ट किए गए हैं, सबसे ज्यादा केस केरल और गुजरात में हैं। शुक्रवार को अपडेट किए गए INSACOG के आंकड़ों के अनुसार, केरल में सबसे अधिक 83 मामले सामने आए हैं, इसके बाद गुजरात में 34 मामले दर्ज किए गए हैं।
विज्ञापन

3 of 5
देश में कोरोना के मामले - फोटो : Istock
इन राज्यों में सबसे ज्यादा केस

कई राज्य पिछले कुछ हफ्तों में कोविड मामलों की संख्या में वृद्धि की रिपोर्ट कर रहे हैं। नौ राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने अब तक JN.1 के मामलों की पुष्टि की है। केरल (83), गुजरात (34), गोवा (18), कर्नाटक (आठ), महाराष्ट्र (सात), राजस्थान (पांच), तमिलनाडु (चार), तेलंगाना (दो) और दिल्ली (एक) में इस नए वैरिएंट के केस रिपोर्ट किए गए हैं। हालांकि राहत की बात ये है कि ज्यादातर लोगों में हल्के-मध्यम स्तर के लक्षण देखे जा रहे हैं और वे आसानी से घर पर ठीक भी हो जा रहे हैं।

दिल्ली के स्वास्थ्यमंत्री सौरभ भारद्वाज ने कहा, हमने टेस्टिंग की संख्या बढ़ा दी है। निजी और सरकारी अस्पतालों में तेजी से परीक्षण किए जा रहे हैं। गुरुवार को तीन जीनोम सीक्वेंसिंग के रिपोर्ट प्राप्त हुए, जिनमें से दो पुराने ओमीक्रॉन वेरिएंट और एक JN.1 संक्रमित था।

4 of 5
सर्दी-जुकाम की समस्या - फोटो : istock
सर्दी-खांसी होते ही घबराएं नहीं, ये फ्लू भी हो सकता है

डॉक्टर कहते हैं, नए वैरिएंट के साथ न सिर्फ संक्रमण बल्कि एक बार फिर से लोगों में कोरोना का डर बढ़ रहा है। हालांकि यहां ध्यान देने वाली बात ये भी है कि ये मौसम सामान्य सर्दी-फ्लू वाला है। जिसका मतलब है कि हर बार बुखार, सर्दी-खांसी होने का ये मतलब नहीं है कि आप भी कोरोना संक्रमित हो गए हैं। वैसे तो सर्दी-फ्लू और कोरोना के लक्षण लगभग एक जैसे ही हैं फिर भी कुछ अंतर हैं जिनपर ध्यान देना जरूरी है।
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
कोरोना के लक्षणों के बारे में जानिए - फोटो : Istock
ऐसे करें लक्षणों में अंतर

श्वसन रोग विशेषज्ञ डॉ एम. विक्रमजीत बताते हैं, जब तक आप परीक्षण नहीं कराते तब तक कोरोना और सामान्य सर्दी जुकाम के लक्षणों के बीच अंतर कर पाना कठिन हो सकता है। हमें पिछले तीन महीनों से फ्लू के मामले मिल रहे हैं लेकिन परीक्षण के बिना हम नहीं जानते कि उनमें कोविड के मामले थे या नहीं। कोरोना के अधिकतर संक्रमितों में ऊपरी श्वसन तंत्र की समस्या के साथ बुखार,थकान, छींकने-गले में खराश और खांसी की दिक्कत हो रही है। अब तक के अध्ययनों से इतना कहा जा सकता है कि यदि किसी व्यक्ति को कोविड-19 है, तो संक्रमण के समय से लेकर लक्षणों का अनुभव होने में फ्लू की तुलना में अधिक समय लग सकता है।

अगर सामान्य उपचार से 4-5 दिनों के भीतर सामान्य उपचार से लक्षणों में आराम नहीं मिल रहा है तो ही कोविड टेस्ट के लिए जाएं। शुरुआत में पैरासिटामोल दवा के साथ आराम करें और तरल-पौष्टिक चीजों का सेवन करें। ज्यादातर लोगों को इससे आराम मिल जाता है।


--------------
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें