फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Alert: भले ही हल्के लक्षणों वाला है कोरोना पर बरतें सावधानी, गर्भावस्था में संक्रमण शिशु के लिए खतरनाक

Thu, 30 Mar 2023 05:40 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
1 of 5
गर्भावस्था में कोरोना का संक्रमण - फोटो : istock
देश में कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामले डराने वाले हैं। ओमिक्रॉन सब-वैरिएंट XBB.1.16 के कारण पिछले कुछ दिनों से दैनिक रोगियों की संख्या में उछाल आया है, पिछले 24 घंटे में 3000 से अधिक लोगों में संक्रमण की पुष्टि की गई है। ओमिक्रॉन के नए वैरिएंट्स के कारण भले ही लोगों में गंभीर रोग के मामले कम देखे जा रहे हैं फिर भी स्वास्थ्य विशेषज्ञ सभी लोगों को बचाव के निरंतर उपाय करते रहने की सलाह देते हैं। इन नए वैरिएंट्स के कारण जिन लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर है उनमें गंभीर रोग का जोखिम भी हो सकता है।

इस बीच एक शोध में पाया गया है कि अगर गर्भावस्था के दौरान संक्रमण हो जाता है तो इसके कारण पैदा होने वाले शिशु में मस्तिष्क से संबंधी रोगों के विकसित होने का जोखिम रहता है। गर्भावस्था के दौरान संक्रमण के कारण बच्चों में ऑटिज्म स्पेक्ट्रम डिसऑर्डर जैसे न्यूरोडेवलपमेंटल विकारों की समस्या देखी गई है।

वैज्ञानिकों ने सभी गर्भवती को अलर्ट किया है।
विज्ञापन

2 of 5
कोरोना का बच्चों पर होने वाला असर - फोटो : istock
बच्चों में न्यूरोडेवलपमेंटल समस्याओं का जोखिम

जामा नेटवर्क ओपन में प्रकाशित अध्ययन के निष्कर्षों से पता चलता है कि कोविड का संक्रमण 12 महीने तक की आयु के बच्चों में न्यूरोडेवलपमेंटल समस्याओं के जोखिम को लगभग दो गुना तक बढ़ा सकती है। लड़कों में इस विकार का जोखिम अधिक पाया गया है। लड़कियों में फिलहाल इसका जोखिम कम देखा गया है।

अध्ययन के आधार पर वैज्ञानिकों का कहना है कि गर्भावस्था के दौरान संक्रमण का शिकार रही मां से जन्मे बच्चों में एहतियातन इसकी जांच जरूर करा लेनी चाहिए।
विज्ञापन

3 of 5
बढ़ रही हैं न्यूरोडेवलपमेंटल समस्याएं - फोटो : iStock
अध्ययन में क्या पता चला?

इस अध्ययन के लिए, टीम ने कोविड महामारी के दौरान इलेक्ट्रॉनिक लाइव बर्थ के 18,355 बच्चों के रिकॉर्ड की जांच की, जिसमें गर्भावस्था के दौरान कोरोना पॉजिटिव मां से जन्मे 883 बच्चे भी शामिल थे। इन 883 बच्चों में से 26 में जन्म के पहले 12 महीनों के दौरान न्यूरोडेवलपमेंटल समस्याएं देखी गई। वहीं गर्भावस्था के दौरान संक्रमण से सुरक्षित मां से जन्मे करीब 17 हजार में से 317 में इस तरह की दिक्कतों का पता चला। क्या वैक्सीनेशन इस तरह के जोखिमों को कम कर सकता है इसके परिणाम को समझने के लिए फिलहाल अध्ययन किया जा रहा है। 

4 of 5
गर्भावस्था के दौरान संक्रमण - फोटो : Pixabay
गर्भावस्था के दौरान संक्रमण और खतरा

इसके पहले के अध्ययनों में भी विशेषज्ञ अलर्ट करते रहे हैं कि गर्भावस्था के दौरान अन्य संक्रमणों के कारण बच्चों में न्यूरोडेवलपमेंटल डिसऑर्डर जैसे ऑटिज्म स्पेक्ट्रम डिसऑर्डर आदि का खतरा हो सकता है, पर कोरोना वायरस की स्थिति में भी इसके जोखिम को स्पष्ट करने वाला यह पहला अध्ययन है।

प्रमुख शोधकर्ता और विश्वविद्यालय में मातृ-भ्रूण चिकित्सा विशेषज्ञ एंड्रिया एडलो कहती हैं, गर्भवती में सार्स-सीओवी-2 संक्रमण से जुड़ा न्यूरोडेवलपमेंटल जोखिम पुरुष शिशुओं में असमान रूप से अधिक पाया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
कोरोना से बचाव के करें उपाय - फोटो : iStock
सभी लोग करते रहें बचाव

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, कोरोना के बदलते स्वरूपों ने यह बेहतर ढंग से समझा दिया है कि इसे सिर्फ श्वसन रोग मानकर चलना ठीक नहीं है। कोरोना संक्रमण के कारण शरीर में कई तरह की दिक्कतों का जोखिम बढ़ जाता है। पिछले एक साल से ओमिक्रॉन वैरिएंट के कारण रोग विकसित होते देखे जा रहे हैं, भले ही इससे गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का जोखिम कम है पर बचाव करते रहना बहुत जरूरी है।

भले ही कोरोना आपमें गंभीर रोग का कारण न बने पर आपसे कोमोरबिडिटी, गर्भवती लोगों में संक्रमण का खतरा रहता है जो उनमें गंभीर जटिलताओं का कारण बन सकती है।


--------------
स्रोत और संदर्भ
Sex-Specific Neurodevelopmental Outcomes Among Offspring of Mothers With SARS-CoV-2 Infection During Pregnancy


अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें