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अध्ययन: कुछ समय के लिए भी वजन कंट्रोल रहना हृदय-डायबिटीज के लिए लाभकारी, कम होता है मृत्यु का खतरा

Thu, 30 Mar 2023 04:09 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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वजन कम करना हृदय रोगों से बचाने में लाभकारी - फोटो : istock
शरीर को स्वस्थ रखने के लिए वजन को नियंत्रित रखने पर विशेष जोर दिया जाता रहा है। अध्ययनकर्ताओं ने पाया कि वजन बढ़ने या मोटापे की स्थिति शरीर में कई प्रकार के गंभीर रोगों के खतरे को बढ़ाने वाली हो सकती है। ऐसे लोगों में डायबिटीज के साथ मेटाबॉलिक समस्याओं का जोखिम भी अधिक देखा जाता रहा है। शोधकर्ताओं का कहना है कि जिन लोगों का वजन अधिक होता है, उनमें समय के साथ हृदय रोगों के विकसित होने का जोखिम भी बढ़ जाता है। यानी कि अगर वजन को कंट्रोल कर लिया जाए तो हृदय रोगों से काफी हद तक बचाव किया जा सकता है।

कई शोध भी इस बात की पुष्टि करते हैं कि वजन को कंट्रोल रखने वाले तरीकों को अपनाकर हृदय रोग और इससे संबंधित जोखिम कारकों से सुरक्षित रह सकते हैं। शोधकर्ताओं ने पाया कि ऐसा करके टाइप-2 डायबिटीज के खतरे को भी कम करने में मदद मिल सकती है। आइए इस अध्ययन के सुझावों के बारे में जानते हैं।
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युवाओं में मोटापे की समस्या - फोटो : istock
बढ़ता वजन और हृदय रोगों से मौत का खतरा

अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन जर्नल में प्रकाशित अध्ययन में वैज्ञानिकों की टीम ने बताया, मोटापे के शिकार या अधिक वजन वाले लोगों में स्वाभाविक रूप से हाई कोलेस्ट्रॉल और हाई ब्लड प्रेशर का खतरा बढ़ जाता है। ये दोनों कारक हृदय रोगों के जोखिमों के साथ इंसुलिन प्रतिरोध का भी कारण बनते हैं जिसे टाइप-2 डायबिटीज का प्रमुख कारण माना जाता है।

अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन के 2023 रिपोर्ट के अनुसार, वैश्विक स्तर पर अधिक वजन और मोटापे की समस्या के कारण साल 2020 में 2.4 मिलियन से अधिक लोगों की मौत हुई।
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हृदय को स्वस्थ रखने के करें उपाय - फोटो : iStock
वजन घटाने के लिए करें जीवनशैली में सुधार

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि वजन को कम रखकर हृदय रोगों के जोखिम से बचा जा सकता है, इतना ही नहीं यदि आपमें हृदय रोगों का निदान हो गया है तो भी आप अतिरिक्त वजन को कम करके इसके कारण होने वाली जटिलताओं से बचाव कर सकते हैं। एक बार वजन करने के बाद अगर दोबारा वजन बढ़ भी जाता है तो भी इससे स्वास्थ्य परिणामों पर अधिक असर नहीं होता है।

वजन कम करने के लिए जीवनशैली में विशेष सुधार किया जाना जरूरी है। आहार को स्वस्थ-पौष्टिक रखने के साथ और दिनचर्या में शारीरिक गतिविधियों को बढ़ाने से वजन को नियंत्रित रखने में मदद मिल सकती है। 

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वजन कंट्रोल करने वाले प्रयास जरूरी - फोटो : pixa
क्या कहते हैं शोधकर्ता?

इस अध्ययन के सह-लेखक डॉ सुसान ए. जेब कहते हैं, "कई डॉक्टर और मरीज मानते हैं कि वजन घटाने के बाद अक्सर कुछ समय बात दोबारा से वजन बढ़ने लग जाता है, जोकि उनके अब तक के प्रयास को व्यर्थ कर सकता है। यह अवधारणा वजन कम करने के लिए लोगों को समर्थन देने में बाधा बन गई है।

पर इस अध्ययन में शोधकर्ता का पाया है कि एक बार अगर आप वजन को सामान्य कर लेते हैं तो इसका प्रभाव अगले पांच साल तक बना रहता है, जिसमें हृदय रोगों के विकसित होने का खतरा कम रहता है। अगर आगे फिर से वजन बढ़ जाता है तो भी यह आपको बीमारियों से बचाएगा।
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डायबिटीज-कार्डियोवैस्कुलर बीमारियों से करें बचाव - फोटो : iStock
अध्ययन का निष्कर्ष?

अध्ययन के निष्कर्ष में वैज्ञानिकों का कहना है कि जिस प्रकार के परिणाम देखे गए हैं, उससे पता चलता है कि वजन घटाने से कार्डियोवैस्कुलर जोखिम कारकों को नियंत्रित करने मदद मिलती है। जिस प्रकार से वैश्विक स्तर पर हृदय रोगों के जोखिम बढ़ते जा रहे हैं इसे ध्यान में रखते हुए सभी लोगों को इसके उपाय करते रहना जरूरी है। वजन को कंट्रोल करना आपको कई जानलेवा और क्रोनिक बीमारियों के खतरे से सुरक्षित रखने में सहायक है।



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स्रोत और संदर्भ
Weight loss may aid health even if some pounds return

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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