कोरोना का मस्तिष्क पर असर
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क्या कहते हैं शोधकर्ता?
वेस्ट वर्जीनिया यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर आसिफ रहमान कहते हैं, हमारा अध्ययन कोरोनावायरस के ज्ञात न्यूरोट्रोपिज्म और कोविड-19 संक्रमण के बाद प्रमुख मनोरोग विकारों के बढ़ते जोखिमों को लेकर अलर्ट करता है। अब तक सिजोफ्रेनिया के लगभग 20% मामले 45 वर्ष से अधिक आयु के लोगों में देखे जाते रहे हैं, कोरोना संक्रमण ने कम उम्र के लोगों में इसका खतरा बढ़ा दिया है।
यह स्पष्ट नहीं कहा जा सकता कि संक्रमण से हल्के लक्षण वाले लोगों में इसका खतरा है या नहीं, पर कोरोना के जोखिमों को लेकर सभी को अलर्ट रहने की आवश्यकता है।
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स्रोत और संदर्भ
COVID‐19 and the increase in schizophrenia incidence in the future
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