सिरप वाली दवाओं के लिए डॉक्टर की पर्ची जरूरी (सांकेतिक)
- फोटो : Freepik.com
क्या कहता है नया नोटिफिकेशन?
सरकार ने 'ड्रग्स रूल्स, 1945' में बदलाव किया है। इसके तहत 'शेड्यूल-के' में छूट वाली दवाओं की लिस्ट से सिरप को हटा दिया गया है। 'शेड्यूल के' में ऐसी दवाएं आती हैं जिन्हें बनाने, बेचने से जुड़े कुछ नियमों से छूट मिली होती है।
इस बदलाव से सिरप-बेस्ड दवाओं की 'ओवर-द-काउंटर' (बिना डॉक्टर की पर्ची के) बिक्री पर रोक लग गई है। यह बदलाव खांसी और मुंह से ली जाने वाली लिक्विड दवाओं की सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ने और उन पर रेगुलेटरी नजर बढ़ने के बीच किया गया है।
नोटिफिकेशन में कहा गया है, "ड्रग्स (पांचवां संशोधन) नियम, 2026 (जो ऑफिशियल गजट में छपते ही तुरंत लागू हो जाएंगे) के तहत बिना डॉक्टरी प्रिस्क्रिप्शन के सिरप (खांसी के सिरप सहित, जिनका बड़े पैमाने पर इस्तेमाल होता है) बेचने पर रोक लगा दी गई है। आपत्तियों और सुझावों की समीक्षा करने के बाद, केंद्र सरकार ने ड्रग्स टेक्निकल एडवाइजरी बोर्ड (DTAB) से सलाह-मशविरा करके इस बदलाव को मंजूरी दी।