कोरोना वैक्सीन बनाने वाली दुनिया की सभी कंपनियां अपने टीके को सबसे बेहतर बताने में लगी हुई हैं, जिसमें रूस की वैक्सीन 'स्पूतनिक-वी' भी शामिल है। जहां एक तरफ यूरोपीय मेडिसिन एजेंसी (ईएमए) इस वैक्सीन को मंजूरी देने से कतरा रही है, तो वहीं इसे विकसित करने वाले गमलेया रिसर्च इंस्टीट्यूट के प्रमुख अलेक्जेंडर गिंट्सबर्ग का कहना है कि 'स्पूतनिक-वी' सभी उम्र के लोगों पर समान रूप से प्रभावी है, यह सिद्ध हो चुका है। यूट्यूब पर सोलोयोव लाइव शो के दौरान गिंट्सबर्ग ने कहा, 'स्पूतनिक-वी ने सभी आयु समूहों में समान स्तर की प्रभावकारिता का प्रदर्शन किया है। पहले इस बात को लेकर संदेह था कि 60 साल और उससे अधिक उम्र के लोगों में इसकी प्रभावकारिता कम होगी, लेकिन ऐसा बिल्कुल नहीं था।'