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Coronavirus Vaccine: सितंबर में ह्यूमन ट्रायल शुरू करेगा थाईलैंड, जानें बाजार में कबतक आएगी वैक्सीन

Mon, 13 Jul 2020 02:05 AM IST
निलेश कुमार लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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Coronavirus Vaccine News: थाईलैंड से वैक्सीन को लेकर अच्छी खबर - फोटो : iStock/Amar Ujala
कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण के बीच दुनियाभर के वैज्ञानिक इसकी वैक्सीन तैयार करने में लगे हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के मुताबिक, कोरोना वायरस के लिए दुनियाभर में लगभग 160 तरह की वैक्सीन पर काम हो रहा है, जबकि इनमें से करीब 21 वैक्सीन क्लीनिकल ट्रायल यानी नैदानिक परीक्षण के स्टेज में हैं। वैक्सीन बनाने को लेकर विभिन्न देशों के बीच एक तरह की होड़ नजर आ रही है। भारत में कोवाक्सिन(Covaxine) को 15 अगस्त तक लॉन्च करने का दावा किया तो उधर चीन ने भी वैक्सीन ने अंतिम चरण के ट्रायल की बात कही। इधर, रूस ने भी वैक्सीन के सभी चरणों का ट्रायल पूरा कर लेने का दावा किया है। इस बीच थाईलैंड से भी वैक्सीन को लेकर एक अच्छी खबर आ रही है। 
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कोरोना वायरस वैक्सीन(सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : Pixabay
  • थाईलैंड ने अपनी वैक्सीन का बंदरों और चूहों पर ट्रायल पूरा कर लिया है और अब जल्द ही इसका ह्यूमन ट्रायल शुरू किए जाने का दावा किया जा रहा है। अंग्रेजी वेबसाइट द मिंट की एक खबर के मुताबिक, थाईलैंड ने सितंबर महीने से वैक्सीन का ह्यूमन ट्रायल शुरू करने का दावा किया है। शोधकर्ताओं ने जानवरों पर हुए ट्रायल के उत्साहजनक परिणाम मिलने के बाद इस वैक्सीन के सफल होने की उम्मीद जताई है।
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कोरोना वायरस वैक्सीन(सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : social media
  • बंदरों और चूहों पर ट्रायल के दौरान दोनों में कोरोना से लड़ने के लिए पर्याप्त एंटीबॉडी बनती देखी गई है। शोधकर्ताओं को उम्मीद है कि वैक्सीन का ऐसा ही असर इंसानों पर भी देखने को मिलेगा। विशेषज्ञों ने उम्मीद जताई है कि ह्यूमन ट्रायल का पहला चरण सितंबर से और दूसरा चरण दिसंबर से शुरू हो जाएगा। 

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कोरोना वायरस वैक्सीन(सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : Pixabay
  • द मिंट की खबर के मुताबिक, बैंकॉक के चुललॉन्गकोर्न विश्वविद्यालय वैक्सीन विकास कार्यक्रम के निदेशक केट रक्सरुन्गथम ने कहा है कि फिलहाल शोधकर्ता वैक्सीन की डोज तैयार करने में लगे हैं। उन्होंने कहा कि नैदानिक परीक्षणों के अनुकूल परिणामों के बाद, अगला कदम मानव परीक्षणों के लिए खुराक तैयार करना है। केट ने कहा कि पहले हम इस जून महीने में करने जा रहे थे लेकिन सब कुछ सुनियोजित करना इतना आसान नहीं होता।
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कोरोना वायरस वैक्सीन(सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : ANI
  • केट के मुताबिक, पहले चरण में वॉलेंटियर्स यानी स्वयंसेवकों को दो समूहों में विभाजित कर ट्रायल किया जाएगा। पहले समूह में 18 से 60 वर्ष की आयु के लोग होंगे और दूसरे में 60 से 80 वर्ष के बच्चों के लिए, केटी ने कहा। पहले चरण में करीब दो महीने लगेंगे, जिस दौरान मानव उपयोग के लिए उचित और सुरक्षित खुराक निर्धारित करने पर ध्यान दिया जाएगा। ट्रायल के लिए स्वयंसेवकों की भर्ती सितंबर में शुरू होने की उम्मीद है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
  • खबरों के मुताबिक, ट्रायल के लिए सेन डिगो और वेंकूवर में 10,000 डोज तैयार की जा रही हैं। केट के मुताबिक, जबतक थाई खाद्य एवं औषधि प्रशासन और एक नैतिक समिति से अनुमोदन प्राप्त नहीं होता, तबतक उन लोगों पर ट्रायल नहीं किया जाएगा। वैक्सीन के ट्रायल के लिए खाद्य और औषधि प्रशासन से आपातकालीन अनुमोदन की मांग की जा सकती है। 
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थाईलैंड में बन रही mRNA तकनीक आधारित कोरोना वैक्सीन (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : PTI
  • मीडिया रिपोर्ट की मानें तो तीसरे और आखिरी चरण का ट्रायल स्किप किया जा सकता है यानी अंतिम चरण का ट्रायल छोड़ा भी जा सकता है। इसके लिए कोरोना वायरस के ज्यादा प्रकोप वाले देशों में 10 हजार वॉलेंटियर्स पर ट्रायल करने की जरूरत होगी। मालूम हो कि चुललॉन्गकोर्न विश्वविद्यालय की यह वैक्सीन कैम्ब्रिज, मैसाचुसेट्स-आधारित मॉडर्न (mRNA) तकनीक पर आधारित है। 

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कोरोना वायरस वैक्सीन(सांकेतिक तस्वीर)
कबतक मिलेगी वैक्सीन?
  • विशेषज्ञों के मुाबिक, अगर ह्यूमन ट्रायल्स सफल रहते हैं तो थाईलैंड को अगले साल जून (June 2021) तक वैक्सीन मिल सकती है। थाईलैंड में अन्य वैक्सीनों पर भी काम चल रहा है, लेकिन mRNA तकनीक आधारित यह वैक्सीन रेस में आगे चल रही है। 

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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : social media
  • गरीब देशों में जीवनरक्षक वैक्सीनों की पहुंच बारहमासी मुद्दा है यानी कि ऐसे देशों में सालों भर जीवनरक्षक टीकों की आपूर्ति बड़ी चुनौती है। कोरोना महामारी के प्रकोप के बीच यह और बड़ी चुनौती है। ऐसे में निम्न और मध्यम अर्थव्यवस्था वाले देशों के लिए विश्व स्वास्थ्य संगठन समेत अन्य गैर लाभकारी संगठन वैक्सीन के समान वितरण की सलाह देते हैं। 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
  • एक बार परीक्षण पूरा हो जाने के बाद थाईलैंड वैक्सीन का उत्पादन शुरू कर देगा, जिससे थाईलैंड के अलावा पड़ोसी देशों में भी आपूर्ति की जा सकेगी। मालूम हो कि दुनियाभर में कोरोना संक्रमितों का आंकड़ा 1.29 करोड़ पार कर चुका है, जबकि इस महामारी से मरनेवालों की संख्या 5.70 लाख पार कर चुकी है। 
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