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वैक्सीन मिलने के बाद भी अगर कोरोना हो रहा है, तो इसके क्या कारण हो सकते हैं? विशेषज्ञ से जानें

Mon, 15 Mar 2021 02:22 PM IST
सोनू शर्मा हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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कोरोना वैक्सीन - फोटो : iStock
भारत में कोरोना टीकाकरण अभियान के तहत अब तक तीन करोड़ के आसपास लोगों को वैक्सीन दी जा चुकी है, जो कि एक बड़ी उपलब्धि है। अगर ऐसे ही तेजी से टीकाकरण चलता रहा, तो उम्मीद की जा रही है कि अगले साल देश के सभी लोगों को शायद वैक्सीन मिल जाए। इस बीच खुशी की बात ये भी है कि यहां तेजी से लोग संक्रमण से ठीक भी हो रहे हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, देश में इस समय कोरोना से स्वस्थ होने की दर 96.75 फीसदी हो गई है, यानी अब तक अब तक एक करोड़ नौ लाख से अधिक मरीज कोरोना से ठीक हो चुके हैं। इन सबके बीच एक बड़ा सवाल यह बना हुआ है कि वैक्सीन मिलने के बाद भी अगर कोरोना का संक्रमण हो रहा है, तो इसके क्या कारण हो सकते हैं? आइए विशेषज्ञ से जानते हैं ऐसे ही कुछ जरूरी सवालों के जवाब... 
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कोरोना वैक्सीन पर विशेषज्ञ की राय - फोटो : Twitter/Air
वैक्सीन मिलने के बाद भी अगर कोविड हो रहा है तो इसके क्या कारण हो सकते हैं? 
  • मुंबई के किंग एडवर्ड मेमोरियल अस्पताल के डीन डॉ. हेमंत देशमुख कहते हैं, 'जब वैक्सीन लगती है तो दूसरी डोज के 15 दिन बाद वायरस से लड़ने की क्षमता बनती है। लेकिन अगर वैक्सीन लगने के तुरंत बाद भी लोग कोविड एप्रोप्रियेट बिहेवियर (कोरोना से बचाव के उपाय) नहीं रखते हैं तो उन्हें वायरस के संक्रमण की संभावना रह सकती है। ऐसे में अगर वैक्सीन लगने के बाद कोई संक्रमित हुआ है, तो वायरस से गंभीर प्रभाव नहीं होगा। शरीर के अंदर उस वायरस से लड़ने के लिए एंटीबॉडी जल्दी बनने लगती है, व्यक्ति गंभीर रूप से बीमार नहीं होता। इसलिए सभी को इस बात का ध्यान रखना है कि हमें मास्क लगाने, हाथ साफ करने और सुरक्षित दूरी का हमेशा पालन करना है।' 
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कोरोना पर विशेषज्ञ की राय - फोटो : Twitter/Air
देश के कई राज्यों में कोरोना के केस में वृद्धि हो रही है, इसके क्या कारण हो सकते हैं? 
  • डॉ. हेमंत देशमुख कहते हैं, 'देश में कोरोना महामारी को लगभग एक साल से ज्यादा हो चुका है। सभी अब जानते हैं कि इस वायरस का संक्रमण बहुत तेजी से हो रहा है। लेकिन अब हमारे देश में कोरोना की दूसरी लहर यानी सेकंड वेव आ रही है। कई बार दूसरी लहर धीरे-धीरे इतनी तेजी से बढ़ने लगती है कि पहली लहर से भी ज्यादा खतरनाक साबित होती है, क्योंकि ये कई बार म्यूटेट होकर अलग लक्षणों के साथ आती है। इसी वजह से जिन राज्यों में केस बढ़ रहे हैं, उनके कुछ इलाकों में लॉकडाउन लगाया जा रहा है।' 

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कोरोना वैक्सीन पर विशेषज्ञ की राय - फोटो : Twitter/Air
जिन लोगों को वैक्सीन लगवाने में हिचक हो रही है, ऐसे लोगों को क्या कहेंगे? 
  • डॉ. हेमंत देशमुख कहते हैं, 'कोरोना के खिलाफ जो अभियान चल रहा है, वह पहले चरण के बाद दूसरे चरण में पहुंच चुका है। पहले चरण में स्वास्थ्य कर्मियों और फ्रंटलाइन वर्कर्स को वैक्सीन दी गई, जिनकी दूसरी डोज भी पूरी होने को है। इसलिए डरने वाली अब बात नहीं है, अब तक ढाई करोड़ से ज्यादा लोगों को वैक्सीन लग चुकी है और 50 से ज्यादा देशों में सप्लाई भी की जा चुकी है। सरकार की कोशिश है कि जल्द से जल्द सभी तक वैक्सीन पहुंचे, इसलिए दूसरे चरण में जिन लोगों को शामिल किया गया है, वो शीघ्र पहुंच कर वैक्सीन लगवाएं, ताकि अगले चरण वालों को वैक्सीन दी जा सके।' 
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कोरोना वैक्सीन पर विशेषज्ञ की राय - फोटो : Twitter/Air
अमेरिका में वैक्सीन लगाने के बाद मास्क लगाने की जरूरत नहीं है, लेकिन भारत में है ऐसा क्यों? 
  • डॉ. हेमंत देशमुख कहते हैं, 'अलग-अलग वैक्सीन के सिर्फ बनने की तकनीक अलग होती है, जबकि उनका काम एक ही होता है, कोरोना के खिलाफ एंटीबॉडी बनाना। अब अमेरिका में वैक्सीन लगने के बाद मास्क पहनने की जरूरत नहीं है, ऐसा इसलिए है क्योंकि जब किसी देश या स्थान की आधे से अधिक जनता को वैक्सीन लग जाती है तो एक तरह से वहां हर्ड इम्यूनिटी बन जाती है। अभी भारत में इतने लोगों को वैक्सीन नहीं लगी है कि हम हर्ड इम्यूनिटी की ओर बढ़ें। हां, इसी रफ्तार से टीकाकरण होगा तो कुछ समय बाद भारत भी हर्ड इम्यूनिटी तक पहुंच सकता है। लेकिन तब तक मास्क लगा कर रखें। इससे वायरस के अलावा अन्य प्रदूषण और संक्रामक बीमारियों से बचे रहेंगे।' 
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कोरोना पर विशेषज्ञ की राय - फोटो : Twitter/Air
नए मामले पुराने वायरस के ही हैं या म्यूटेट के केस आ रहे हैं? 
  • डॉ. हेमंत देशमुख कहते हैं, 'जब वायरस के जीनोम सीक्वेंस करते हैं, तभी पता चलता है कि केस वृद्धि म्यूटेशन की वजह से है या पहले वाले वायरस से ही है। हालांकि इसमें वक्त लग जाता है और काफी कठिन होता है पहचान करना कि ये म्यूटेशन के हैं या पहले वाले के हैं। लेकिन वायरस हमेशा म्यूटेट होता रहता है, इसलिए सभी को अभी भी सतर्क रहना होगा।' 
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