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कसरत करने से किडनी मरीजों में ह्रदय संबंधी बीमारियों एवं मृत्यु की आशंका होती है कम, अध्ययन में हुआ साबित

Mon, 15 Mar 2021 01:46 PM IST
तेजस्वी मेहता लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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किडनी के मरीज प्रतिदिन कसरत करते हैं तो उन्हें फायदे पहुंच सकते हैं - फोटो : Social Media

हाल ही में हुए एक शोध के अनुसार, किडनी के मरीज यदि प्रतिदिन कसरत करते हैं तो उन्हें कई सारे फायदे पहुंच सकते हैं। इस विषय पर पहला अध्ययन विश्व किडनी दिवस पर यूरोपियन जर्नल ऑफ प्रिवेंटिव कार्डियोलॉजी में प्रकाशित हुआ है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार अच्छे स्वास्थ्य के लिए व्यस्कों को सप्ताह में कम से कम 150 मिनट की सामान्य कसरत जैसे चहलकदमी या 75 मिनट की जोरदार कसरत जैसे जॉगिंग वगैरह करना चाहिए। अगली स्लाइड्स से जानिए शोध की विस्तृत जानकारी।  

 

 

 

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शारीरिक गतिविधि अवश्य करें - फोटो : Social media

दो साल में बेहतर हुआ स्वास्थ्य
हाल ही में हुए इस शोध के अनुसार जो किडनी के मरीज विश्व स्वास्थ्य संगठन के इस सुझाव को मानते हुए बताए गए समय के दोगुने समय तक कसरत आदि करते हैं, उनका स्वास्थ्य मात्र दो सालों में बहुत हद तक बेहतर हुआ है। राष्ट्रिय यंग- मिंग विश्वविद्यालय के प्रोफेसर और इस अध्ययन के लेखक दर- चेरंग टार्गं के अनुसार किडनी के मरीजों के लिए बहुत जरूरी है कि वे खुद का ख्याल रखने के साथ ही शारीरिक गतिविधि अवश्य करें। 

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मृत्यु की आशंका 10-20 गुना बढ़ जाती है - फोटो : social media

बढ़ जाती है मृत्यु की आशंका
पूरे विश्वभर में लगभग 700 मिलियन लोग किडनी की बीमारी से जूझते हैं। जो मरीज किसी भी प्रकार की शारीरिक गतिविधि नहीं करते उनमें ह्रदय संबंधी बीमारी होने की संभावना बढ़ जाती है, जो कि मृत्यु का एक कारण बनती है। एक बार किडनी की बीमारी लंबे समय तक यदि बनी ही रहती है तो सामान्य की तुलना में ह्रदय रोग से होने वाली मृत्यु की आशंका 10-20 गुना बढ़ जाती है।

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मरीजों को तीन दलों में विभाजित किया गया - फोटो : पेक्सेल्स

इस प्रकार है अध्ययन 
अध्ययन के माध्यम से कसरत, मृत्यु, चीरकालिन किडनी की बीमारी और ह्रदय रोग के बीच के संबंध को जानने का प्रयास किया गया है। अध्ययन में 2004 से लेकर 2017 के बीच के 4,508 ऐसे मरीजों को शामिल किया गया जो कि लंबे समय से किडनी की बीमारी से जूझ रहे हैं। राष्ट्रीय स्वास्थय एवं पोषण परीक्षण पर्यवेक्षण के अनुसार मरीजों को तीन दलों में विभाजित किया गया।

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निगरानी में यह पाया गया कि 736 मरीज मर गए - फोटो : social media

इस प्रकार किया विभाजित
पहला वो जब कसरत करते हैं, दूसरा जो कम कसरत करते हैं, तीसरा वो जो बिल्कुल भी नहीं करते हैं। जिनमें से 1,915 मरीज अतिसक्रिय, 879 मरीज अल्पसक्रिय एवं 1,714 निष्क्रिय पाए गए।  686 दिन की निगरानी में यह पाया गया कि 736 मरीज मर गए, 1,059 मरीजों ने बीमारी का अंतिम चरण विकसित कर लिया है एवं 521 मरीजों को ह्रदय संबंधी समस्याओं से लड़ना पड़ा है।

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ह्रदय रोग होने की संभावना 37 प्रतिशत तक घट जाती है - फोटो : social media

मृत्यु की आशंका 38 प्रतिशत तक होती है कम 
अतिसक्रिय दल के मरीजों में इन सब चीजों के होने की संभावनाएं अल्पसक्रिय और निष्क्रिय मरीजों से बहुत कम है। तुलनात्मक अध्ययन करने पर यह निषकर्ष निकला कि ज्यादा शारीरिक गतिविधि करने वाले मरीजों में मृत्यु की आशंका 38 प्रतिशत, अंतिम चरण की बीमारी की संभावना 17 प्रतिशत एवं ह्रदय रोग होने की संभावना 37 प्रतिशत तक घट जाती है।

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किडनी रोगियों के लिए शारीरिक गतिविधियों का महत्व बहुत अधिक है - फोटो : सोशल मीडिया

शोध का निष्कर्ष 
शोधकर्ता के अनुसार अधिक कसरत करने से ह्रदय की गति सुचारू रूप से काम करती है जिससे कि स्वस्थ रहने की संभावनाएं बढ़ जाती है। शोध का निष्कर्ष ही यह निकलता है कि किडनी रोगियों के लिए शारीरिक गतिविधियों का महत्व बहुत अधिक है। 

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