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Coronavirus Vaccine: कोरोना हुआ था और ठीक भी हो गए, तो क्या वैक्सीन लगवानी है? विशेषज्ञ से जानें ऐसे ही सवालों के जवाब

Thu, 07 Jan 2021 10:55 AM IST
सोनू शर्मा लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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कोरोना वायरस वैक्सीन - फोटो : pixabay
भारत में कोरोना संक्रमण के मामलों में लगातार कमी आ रही है। हालांकि फिर भी यहां एक करोड़ चार लाख के करीब संक्रमण के मामले हो चुके हैं जबकि इस वायरस की वजह से अब तक एक लाख 50 हजार से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, यहां स्वस्थ होने वालों की कुल संख्या बढ़कर 99 लाख 97 हजार 272 हो गई है और इसी के साथ देश में कोविड-19 से स्वस्थ होने की दर बढ़कर 96.36 फीसदी हो गई है। अब चूंकि भारत में टीकाकरण होने वाला है, तो वैक्सीन से जुड़े कुछ सवालों के जवाब जान लेना बहुत ही जरूरी है। आइए विशेषज्ञ से जानते हैं कोरोना वैक्सीन से जुड़े सवाल-जवाब...
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कोरोना वैक्सीन पर विशेषज्ञ की राय - फोटो : Twitter/Air
क्या कुछ ऐसे लोग भी हैं, जिनको वैक्सीन नहीं दी जाएगी? 
  • लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज की डॉ. अपर्णा अग्रवाल कहती हैं, 'कुछ ऐसे समूह हैं, जिनपर वैक्सीन की टेस्टिंग नहीं हुई है। उनमें पहला समूह है गर्भवती महिलाओं का, दूसरा समूह बच्चों का है, जिनमें हाल ही में भारत बायोटेक की कोवैक्सिन का क्लीनिकल ट्रायल शुरू हुआ है। फिलहाल उन्हें वैक्सीन नहीं दी जाएगी। तीसरा समूह है, वो माएं जो अपने शिशु को स्तनपान करा रही हैं। उनके जरिए बच्चों में कोई असर नहीं हो, इसलिए ऐसी महिलाओं को फिलहाल वैक्सीन नहीं दी जाएगी। अगले चरण में जैसे-जैसे टेस्टिंग होंगी, रिसर्च होंगे, उनके परिणाम देखने के बाद ही उनको वैक्सीन दी जाएगी।' 

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कोरोना वैक्सीन पर विशेषज्ञ की राय - फोटो : Twitter/Air
कोविड हुआ था और ठीक भी हो गए, तो क्या वैक्सीन लगवानी है? 
  • डॉ. अपर्णा अग्रवाल बताती हैं, 'जिनको कोरोना हो चुका है, उनके एंटीबॉडी लेवल को बिना टेस्ट किए उनको वैक्सीन से वंचित नहीं कर सकते हैं। ऐसा हो रहा है कि कई लोगों में बहुत अच्छी मात्रा में एंटीबॉडी बनते हैं, कई में बहुत कम मात्रा में, कईयों में जिनको कोरोना हुआ है, उनमें एंटीबॉडी डिटेक्ट नहीं हो रहे हैं। हो सकता है उनमें मेमोरी सेल हों और वो दोबारा संक्रमित नहीं हों, लेकिन उसकी अभी तक कोई रिसर्च नहीं है, इसलिए अभी तक की योजना के मुताबिक सबको वैक्सीन दी जानी है। सरकार ने योजना बना ली है कि किसको पहले वैक्सीन देनी है, किसको बाद में।' 

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कोरोना पर विशेषज्ञ की राय - फोटो : Twitter/Air
पहले तो इतनी भयंकर महामारी नहीं हुई, अचानक कोरोना कहां से आ गया? 
  • डॉ. अपर्णा अग्रवाल बताती हैं, '100 साल पहले महामारी हुई थी, उससे पहले भी हुई थी। वायरस जीवित रहने के लिए म्यूटेट करता रहता है। महामारी फैलने का स्पष्ट कारण तो नहीं बता सकते, लेकिन प्रदूषण और जलवायु को जो नुकसान हम पहुंचा रहे हैं, उसका भी कहीं न कहीं योगदान रहा है। यानी हम सब इसके जिम्मेदार हैं।' 
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कोरोना पर विशेषज्ञ की राय - फोटो : Twitter/Air
क्या कोरोना के नए स्ट्रेन के अलग लक्षण हैं? 
  • डॉ. अपर्णा अग्रवाल कहती हैं, 'नए स्ट्रेन के बारे में या उससे आने वाले लक्षण के बारे में बहुत ज्यादा जानकारी उपलब्ध नहीं है। हां, यह जरूर है कि यह संक्रामक ज्यादा है। पहले वाले वायरस से संक्रमित व्यक्ति औसतन तीन से चार लोगों को संक्रमित करते हैं। कुछ सुपर स्प्रेडर छह से आठ लोगों को संक्रमित करते हैं। औसत तीन से चार रहता है। नए स्ट्रेन से संक्रमित लोग औसतन पांच से छह लोगों को संक्रमित करते हैं। इस स्ट्रेन की संक्रामकता ज्यादा है, लेकिन यह ज्यादा गंभीर रूप से बीमार नहीं करता है।' 
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