प्रतीकात्मक तस्वीर
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वीके पॉल के मुताबिक, सीरम इंस्टीट्यूट, भारत बायोटेक, जायडस और रूस की स्पूतनिक-वी जैसी चार वैक्सीनों के लिए सामान्य कोल्ड स्टोरेज की जरूरत है और भारत के लिए यह कोई बड़ी चुनौती नहीं है। हालांकि फाइजर-बायोएनटेक की वैक्सीन को कई देश मंजूरी दे चुके हैं और भारत में भी इसके इस्तेमाल के लिए मंजूरी मांगी गई है, लेकिन इसमें सबसे बड़ी दिक्कत ये है कि इस टीके के भंडारण के लिए शून्य से 70 डिग्री सेल्सियस कम तापमान की जरूरत है और भारत में फिलहाल इसकी कोई व्यवस्था नहीं है। ऐसे में इस वैक्सीन को भारत के लिए उपयुक्त नहीं माना जा रहा है।