फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कोरोना अपडेट: भारत में बच्चों को वैक्सीन कब तक दी जाएगी? विशेषज्ञ से जानें

Mon, 15 Mar 2021 12:11 PM IST
सोनू शर्मा हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
1 of 6
कोरोना वैक्सीन - फोटो : iStock
भारत में कोरोना महामारी जल्द से जल्द खत्म हो, इसको लेकर काफी तेजी से टीकाकरण अभियान चल रहे हैं। इस अभियान के तहत देश में अब तक करीब तीन करोड़ लोगों को टीका लगाया जा चुका है। 16 जनवरी को देश में टीकाकरण अभियान का पहला चरण शुरू हुआ था, जिसमें स्वास्थ्यकर्मियों और अग्रिम पंक्ति के कर्मियों को टीका लगाया गया, जबकि दूसरा चरण अभी एक मार्च से ही शुरू हुआ है और इस चरण में वरिष्ठ नागरिकों और 45 साल से ऊपर के गंभीर बिमारियों से पीड़ित लोगों को वैक्सीन दी जा रही है। स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, अब तक 78 लाख से अधिक वरिष्ठ नागरिकों और 13 लाख से अधिक 45 साल से ऊपर के गंभीर बिमारियों से पीड़ित लोगों ने वैक्सीन की पहली खुराक दी गई है। ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर बच्चों को वैक्सीन कब तक दी जाएगी? आइए विशेषज्ञ से जानते हैं ऐसे ही कुछ सवालों के जवाब... 
विज्ञापन

2 of 6
कोरोना वैक्सीन पर विशेषज्ञ की राय - फोटो : Twitter/Air
अगर कोई 58 साल का है तो क्या उसे वैक्सीन नहीं दी जाएगी? 
  • पीएचएफआई के अध्यक्ष डॉ. के. श्रीनाथ रेड्डी कहते हैं, 'वैक्सीन सबको दी जाएगी। अभी उन बुजुर्गों को वैक्सीन दी जा रही है, जो 60 साल से ऊपर के हैं। इनके साथ उन लोगों को भी वैक्सीन दी जा रही है, जो 45 साल के ऊपर के हैं और उन्हें किडनी, हार्ट प्रॉब्लम, ब्लड प्रेशर, कैंसर आदि जैसी बीमारी है। इसके लिए व्यक्ति को पहले रजिस्ट्रेशन करवाना होगा। उसके बाद जिस भी डॉक्टर से इलाज करा रहे हैं, उनसे एक सर्टिफिकेट लेकर जाना होगा, साथ ही एक आईडी की जरूरत होगी।' 
विज्ञापन

3 of 6
कोरोना वैक्सीन पर विशेषज्ञ की राय - फोटो : Twitter/Air
देश के सबसे बड़े टीकाकरण अभियान को आप कैसे देखते हैं?  
  • डॉ. के. श्रीनाथ रेड्डी कहते हैं, 'भारत जैसे देश में जिस तरह से सुनियोजित तरीके से वैक्सीन लगाई जा रही है, उसी वजह से आज यह कामयाब हुआ है। खासतौर पर बिना भीड़-भाड़ के प्राथमिकता के आधार पर वैक्सीन लगाई जा रही है। अभी दूसरा चरण चल रहा है, जिसमें 60 साल से ऊपर वाले बुजुर्ग और 45 साल से ऊपर के कोमोरबिडिटी वाले लोगों को वैक्सीन लगाई जा रही है। आप देख सकते हैं लोगों को वैक्सीन लगाने के लिए काफी इंतजाम किए गए हैं, रजिस्ट्रेशन से लेकर वैक्सीन लगाने तक दो-तीन चरण हैं, ताकि कोरोना के दौर में लोगों की भीड़ न लगे और आसानी से वैक्सीन लग जाए।' 

4 of 6
कोरोना वैक्सीन पर विशेषज्ञ की राय - फोटो : Twitter/Air
बच्चों को वैक्सीन कब तक दी जाएगी? 
  • डॉ. के. श्रीनाथ रेड्डी कहते हैं, 'शुरू में कहा गया कि बच्चों में वायरस के संक्रमण का असर नहीं होता, लेकिन बाद में पता चला कि वायरस का संक्रमण होता है। बच्चों की इम्यूनिटी अच्छी होने की वजह से शरीर वायरस से लड़ लेता है। हालांकि इस बीच बच्चे से दूसरे में वायरस का ट्रांसमिशन होता रहता है। इसलिए उन्हें भी वायरस से बचाना उतना ही जरूरी है। जहां तक वैक्सीन की बात है, शुरू में 18 साल से नीचे वाले बच्चों पर ट्रायल नहीं हुआ है, लेकिन कई देशों में 12 साल,18 साल के बच्चों पर ट्रायल चल रहा है। अब जैसा भी परिणाम आएगा, लोगों को बताया जाएगा और हमारे देश में भी व्यवस्था की जाएगी।' 
विज्ञापन

5 of 6
कोरोना पर विशेषज्ञ की राय - फोटो : Twitter/Air
केस एक बार फिर बढ़ने लगे हैं, ऐसे में लोगों को क्या संदेश है? 
  • डॉ. के. श्रीनाथ रेड्डी कहते हैं, 'जी हां, उड्डयन मंत्रालय ने सभी एयरलाइंस कंपनियों को आदेश जारी किया है कि अगर कोई मास्क नहीं लगाता या ठीक से नहीं पहनता है तो उसे विमान से नीचे उतार दें। दरअसल, विमान में लोग कई घंटे तक क जगह में बंद कमरे की तरह काफी देर तक रहते हैं। ऐसे में अगर वायरस फैल गया तो एक साथ कई लोग संक्रमित हो सकते हैं। सिर्फ विमान में ही नहीं बल्कि जब भी बाहर जाएं, ऑफिस या कहीं भी यात्रा करते वक्त इन सभी नियमों का पालन करें।' 
विज्ञापन
विज्ञापन

6 of 6
कोरोना वैक्सीन पर विशेषज्ञ की राय - फोटो : Twitter/Air
जॉनसन एंड जॉनसन की वैक्सीन लॉन्च हो गयी है, ये कितनी प्रभावी होगी? 
  • डॉ. के. श्रीनाथ रेड्डी कहते हैं, 'जॉनसन एंड जॉनसन की सिंगल डोज वैक्सीन बनाई गई है। ये कंपनी इससे पहले इबोला की वैक्सीन भी बना चुकी है, जो काफी कामयाब रही थी। उसी प्लेटफॉर्म की उपयोग करते हुए उन्होंने कोरोना की सिंगल डोज वैक्सीन बनाई है। यह तीसरे चरण के क्लीनिकल ट्रायल में काफी कामयाब रही है। इस वैक्सीन को विश्व स्वास्थ्य संगठन से मंजूरी मिल चुकी है और कई देशों ने भी इसे अप्रूवल दे दिया है। उम्मीद है कि भारत में भी आने वाले समय में यह बनाई जा सकती है। सिंगल डोज वैक्सीन होने की वजह से यह और तेजी से लोगों को लगाई जा सकती है।' 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें