खून के दुष्प्रभाव से मरीज की हालत खराब होने लगती है
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इसकी वजह से मरीज की हालत खराब होने लगती है। थ्रोंबोसिस एक्सपर्ट प्रोफेसर बेवरले हंट के मुताबिक, केवल खून के थक्के के मुकाबले चिपचिपे खून के दुष्प्रभाव कहीं ज्यादा व्यापक होते हैं। इसकी वजह से स्ट्रोक्स और हार्ट अटैक्स की दर भी बढ़ जाती है। वह कहती हैं, "निश्चित तौर पर चिपचिपा खून ऊंची मृत्यु दर की वजह बनता है।"