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सलाह: क्या कोरोना से ठीक हो चुके व्यक्ति को बदल लेना चाहिए अपना टूथब्रश? जानें क्या कहते हैं विशेषज्ञ

Sat, 08 May 2021 05:30 PM IST
प्रकाश चंद जोशी हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
डॉक्टर अनुपम कुमार रंजन 
डिपार्टमेंट ऑफ इमरजेंसी मेडिसिन एम्स

देशभर में कोरोना वायरस की दूसरी लहर का कहर जारी है। हर दिन मरीजों की संख्या का एक नया आंकड़ा सामने आ रहा है, जो लोगों को डरा रहा है। हालांकि, काफी संख्या में हर रोज लोग कोरोना महामारी को मात देकर अपने-अपने घर भी लौट रहे हैं। लेकिन इसके बाद भी कुछ ऐसी चीजें हैं जिनको लेकर संक्रमित हो चुके लोगों को आगे भी ध्यान देने की जरूरत है। जैसे- टूथब्रश। डॉक्टरों का मानना है कि जो व्यक्ति हाल ही में कोविड-19 को मात देकर ठीक हुआ है, उसे तुरंत अपना टूथब्रश बदलना चाहिए। तो चलिए जानते हैं इस बारे में।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock
दरअसल, डॉक्टर मानते हैं कि हाल ही में कोरोना से ठीकर होकर लौटे व्यक्ति को अपना टूथब्रश इसलिए बदलना चाहिए, क्योंकि ऐसा करने से वो न केवल फिर से संक्रमण होने से बच सकता है। बल्कि अपने घर के दूसरे लोगों को भी संक्रमित होने से बचा सकता है जो घर में एक ही वॉशरूम का इस्तेमाल करते हैं। कोरोना से ठीक हुए व्यक्ति को अपना टूथब्रश और टंग क्लीनर को बदलने के लिए डॉक्टर कह रहे हैं।
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टूथब्रश - फोटो : पेक्सेल्स
यही नहीं, जो लोग मौसमी फ्लू, सर्दी-खांसी जैसी बीमारियों से भी ठीक होते हैं। उन्हें भी कई डॉक्टर अपना टूथब्रश और टंग क्लीनर बदलने की सलाह देते हैं। वहीं, डॉक्टर मानते हैं कि ये वायरस को छिपा सकते हैं, इसलिए सबसे सही तरीका है कि उन्हें छोड़ दिया जाए।

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कोरोना की जांच के लिए सैंपल लेता स्वास्थ्य कर्मी। - फोटो : अमर उजाला
जहां डॉक्टर कोरोना से ठीक हुए व्यक्ति को टूथब्रश और टंग क्लीनर बदलने के लिए कह रहे हैं, तो वहीं बचाव के लिए वे लोगों को माउथवॉश और बीटाडीन गार्गल करने को भी कह रहे हैं। ये सभी वायरस को मुंह में कम करने में मदद करते हैं।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
वहीं, जिन लोगों के पास माउथवॉश उपलब्ध नहीं है, तो वो लोग गर्म खारे पानी का कुल्ला भी कर सकते हैं। साथ ही लोगों को दिन में दो बार ब्रश करने के लिए भी कहा जा रहा है। गौरतलब, है कि कोरोना वायरस की दूसरी लहर ने लोगों और सरकारों को डरा दिया है। ऐसे में हर कोई इस वायरस के जल्द से जल्द खत्म होने का इंताजर कर रहा है।

नोट: डॉक्टर अनुपम कुमार रंजन (डिपार्टमेंट ऑफ इमरजेंसी मेडिसिन एम्स) एक जाना-माना नाम है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित अस्वीकरण- बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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