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विशेषज्ञ से जानें: क्या कोरोना महामारी की तीसरी लहर में बच्चों पर ज्यादा असर होगा?

Sun, 09 May 2021 04:07 PM IST
सोनू शर्मा हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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कोरोना वायरस - फोटो : Pixabay
हाल ही में सरकार ने देश में कोरोना की तीसरी लहर के आने की आशंका जताई थी। सरकार का कहना था कि जिस तरह से संक्रमण के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं, ऐसे में हो सकता है कि आने वाले समय में तीसरी लहर भी आए। हालांकि अब तक यह नहीं बताया गया है कि तीसरी लहर कितनी खतरनाक हो सकती है, लेकिन सतर्क रहने की सलाह जरूर दी गई है। ऐसे में मन में कई तरह के सवाल उठते हैं, जैसे-  तीसरी लहर की सुगबुगाहट के बीच खुद को कैसे सुरक्षित रखें, खाने-पीने का कैसे ध्यान रखें और सबसे जरूरी कि क्या तीसरी लहर में बच्चों पर ज्यादा असर होगा? आइए विशेषज्ञ से जानते हैं इन सभी सवालों के जवाब... 
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कोरोना पर विशेषज्ञ की राय - फोटो : Twitter/Air
तीसरी लहर की सुगबुगाहट के बीच खुद को कैसे सुरक्षित रखें? 
  • दिल्ली स्थित एम्स के डॉ. नीरज निश्चल कहते हैं, 'जब देश में कोरोना की पहली लहर थी, उसी वक्त कई देशों में दूसरी और तीसरी लहर भी आ रही थी। इसलिए कहीं न कहीं वैज्ञानिकों ने आशंका जताई थी और हमारे लिए सबसे अच्छी बात ये रही कि उसी वक्त हमारे पास वैक्सीन आ गई। लेकिन कोविड नियमों का पालन करना भूल गए। इसलिए दूसरी लहर में प्रवेश कर गए। अब हमने दोनों लहर देख ली है और जानते हैं कि इस वायरस से कैसे बचा जा सकता है। हम चाहेंगे तो तीसरी लहर नहीं आने देंगे। इसलिए काफी सावधानी रखनी है। किसी लिए भी यह जरूरी न हो कि सरकार या प्रशासन लॉकडाउन या कर्फ्यू लगाएगी तभी मानेंगे।' 
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कोरोना पर विशेषज्ञ की राय - फोटो : Twitter/Air
क्या तीसरी लहर में बच्चों पर ज्यादा असर होगा? 
  • डॉ. नीरज निश्चल कहते हैं, 'जिस तरह से पहली लहर में बुजुर्ग और कोमोरबिडिटी वाले लोगों पर ज्यादा प्रभाव देखने को मिला, लेकिन दूसरी लहर में बुजुर्गों के बजाय 50 से कम उम्र के लोगों और युवाओं पर ज्यादा असर देखने को मिल रहा है। इस समय संभावना जताई गई है कि बुजुर्ग अभी भी घर के अंदर हैं और वैक्सीन भी उन्हें लग चुकी है, इसलिए उस उम्र ग्रुप में कंट्रोल है, जबकि युवाओं को ज्यादा बाहर जाना होता है और उन्हें अभी वैक्सीन की डोज पूरी तरह से नहीं लगी है। हालांकि उम्मीद है आने वाले कुछ महीने में वो भी वैक्सीनेट हो जाएंगे। लेकिन अब जो ग्रुप बचेगा, वो 18 साल से कम वाले होंगे, इसलिए आशंका जताई जा रही है कि उनपर वायरस का प्रभाव पड़ सकता है। लेकिन इस आशंका को हम झूठला भी सकते हैं, अगर अभी से सतर्क हो जाएं।' 

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कोरोना पर विशेषज्ञ की राय - फोटो : Twitter/Air
तीसरी लहर आने में अभी समय हैं, उससे पहले खुद के खाने-पीने का कैसे ध्यान रखें? 
  • डॉ. नीरज निश्चल कहते हैं, 'सबसे पहले तो सेहत के लिए तरह-तरह की दवाई या तरह-तरह के सप्लीमेंट लेना अच्छा नहीं है। उसकी बजाय प्रोटीन, कैल्शियम, मिनरल्स (खनिज) के लिए हेल्दी (स्वस्थ) खाना खाएं। उन चीजों को आहार में शामिल करें, जिसमें ऐसे तत्व पाए जाते हैं। परिवार में बच्चों को भी अपने साथ व्यस्त रखें। आजकल बच्चों को स्कूल और बाहर नहीं जाना है तो टीवी या गेम में लगे रहते हैं। उनकी दिनचर्या बनाएं, थोड़ा शारीरिक एक्सरसाइज (व्यायाम) भी करें। जंक फूड, फास्ट फूड और सॉफ्ट ड्रिंक आदि का सेवन न करें। प्रोटीन वाले आहार ज्यादा लें।' 
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कोरोना पर विशेषज्ञ की राय - फोटो : Twitter/Air
डीआरडीओ की दवा को मंजूरी दी गई है, इसे कैसे देखते हैं? 
  • डॉ. नीरज निश्चल कहते हैं, 'डीआरडीओ की दवा का नाम 2.DG है, इसे एक लैब की सहायता से बनाया गया है। इसकी खास बात ये है कि इसे ओरल दिया जाएगा यानी पानी के साथ घोल कर दी जाएगी। दावा किया गया है कि ये दवा कोविड मरीज के अस्पताल के टाइम को कम करते हैं और ऑक्सीजन लेवल को भी सही रखते हैं। हालांकि इसके बारे में अभी पूरी तरह से बहुत कुछ सामने नहीं आया है, लेकिन उम्मीद है जल्द ही यह बाजार में आ जाएगी, तभी कुछ आकलन हो सकता है।' 
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कोरोना वैक्सीन पर विशेषज्ञ की राय - फोटो : Twitter/Air
लैक्टेटिंग मदर (स्तनपान कराने वाली मां) क्या वैक्सीन ले सकती हैं? 
  • डॉ. नीरज निश्चल कहते हैं, 'अभी जो गाइडलाइन है, उसके मुताबिक गर्भवती और स्तनपान कराने वाली मां को वैक्सीन के लिए मनाही है। लेकिन अगर बच्चा थोड़ा बड़ा है और मां के दूध के अलावा भी खाना-पीना खा सकते हैं तो वो वैक्सीन लगवा सकती हैं और कुछ दिन बच्चे को दूध न पिलाएं।' 
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