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विशेषज्ञ से जानें: अब देश में कोरोना की तीसरी लहर आने की कितनी संभावना है?

Wed, 15 Sep 2021 11:05 AM IST
सोनू शर्मा हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : ANI
देश में कोरोना के खिलाफ टीकाकरण अभियान काफी तेजी से चल रहा है। भारत ने वैक्सीनेशन में 75 करोड़ का आंकड़ा पार कर लिया है। इसपर पब्लिक हेल्थ फाउंडेशन ऑफ इंडिया यानी पीएचएफआई केअध्यक्ष डॉ. के. श्रीनाथ रेड्डी कहते हैं, 'भारत के लिए यह बहुत बड़ी उपलब्धि है और ये सब जनता के सहयोग और सरकार की प्रभावी नीतियों की वजह से सफल हो सका है। इस आंकड़े तक पहुंचने के लिए स्वास्थ्य कर्मचारी भी दिन-रात लगे हुए हैं। वैसे देखें तो भारत ने वैक्सीनेशन (टीकाकरण) में अपनी रफ्तार बढ़ाई है। देख सकते हैं कि हर रोज एक करोड़ के करीब वैक्सीन लगाई जा रही हैं। लेकिन जब तक लोग वैक्सीन न लगवा पाएं, तब तक काफी सतर्क रहें और समय मिलते ही तुरंत वैक्सीन लगवा लें। खासतौर पर ऐसे लोग जो कोमोरबिडिटी के मरीज हैं।' आइए उनसे जानते हैं कोरोना और वैक्सीन से जुड़े कुछ जरूरी सवालों के जवाब... 
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कोरोना पर विशेषज्ञ की राय - फोटो : Twitter/Air
कोविड की तीसरी लहर की कितनी संभावना है? 
  • डॉ. के. श्रीनाथ रेड्डी कहते हैं, 'तीसरी लहर की इतनी तीव्रता नहीं होगी, जितनी दूसरी लहर में देखी गई है। मगर तीसरी लहर कब होगी, कितनी होगी, ये अभी नहीं कहा जा सकता है। ऐसा इसलिए कि देश के कई राज्यों में लोगों में एंटीबॉडीज बन चुकी हैं। कुछ राज्यों में 80 प्रतिशत तक एंटीबॉडी पाई गई है, तो कुछ में 40-45 प्रतिशत तक में ही। ऐसे में अलग-अलग राज्यों में संक्रमण का स्तर अलग रहा है। इसलिए एंटीबॉडी वालों में वायरस के फैलने का खतरा कम है। जहां कम एंटीबॉडीज बनी हैं, वहां भी लोग अगर कोविड नियमों का पालन करें और वैक्सीन लगवा लें, तो तीसरी लहर से बच सकते हैं।' 
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कोरोना वैक्सीन पर विशेषज्ञ की राय - फोटो : Twitter/Air
देश में तीनों वैक्सीन में से कौन सी लगवाएं? 
  • डॉ. के. श्रीनाथ रेड्डी कहते हैं, 'अभी हम उस स्थिति में नहीं हैं कि चूज करें कि ये नहीं, ये वाली वैक्सीन लगवाएंगे। जो भी वैक्सीन आपके आसपास उपलब्ध है, तुरंत लगवा लें। हमारे देश में कोविशील्ड, स्वदेशी कोवाक्सिन और रूस की स्पूतनिक वैक्सीन है। सभी वैक्सीन हमारे शरीर में वायरस के खिलाफ एंटीबॉडीज बनाती हैं।' 
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कोरोना वैक्सीन पर विशेषज्ञ की राय - फोटो : Twitter/Air
हमारे देश में बच्चों की वैक्सीन कब तक आएगी? 
  • डॉ. के. श्रीनाथ रेड्डी कहते हैं, 'कोवाक्सिन के कुछ ट्रायल हो चुके हैं और कुछ चल रहे हैं। वैसे तो कई देशों में 12 साल से ऊपर के बच्चों को वैक्सीन लगाने की अनुमति मिल चुकी है। उससे कम उम्र वालों में यानी चार साल और छह महीने के बच्चों पर ट्रायल चल रहे हैं। हालांकि इतने छोटे बच्चों के ट्रायल में काफी वक्त लगेगा। लेकिन 12 साल से ऊपर वालों में अच्छे परिणाम आ रहे हैं। भारत में जायडस की वैक्सीन लगाने की अनुमति दे दी गई है। आने वाले दिनों में उम्मीद है कि बच्चों की और वैक्सीन भी आएंगी।' 
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