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अलर्ट: बच्चे को भेज रहे हैं स्कूल तो भूलकर भी न करें ये गलती, बढ़ सकता है संक्रमण का खतरा

Wed, 01 Sep 2021 12:50 PM IST
सोनू शर्मा हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock
Medically Reviewed by Dr. Rajan Gandhi

डॉ. राजन गांधी

जनरल फिजिशियन, चाइल्डकेयर हॉस्पिटल, उजाला सिग्नस हॉस्पिटल
डिग्री- एम.बी.बी.एस, डिप्लोमा सी.एच
अनुभव- 25 वर्ष 


देश में कोरोना संक्रमण के मामलों में उतार-चढ़ाव जारी है। ऐसे में तीसरी लहर की आशंका जताई जा रही है और एक सितंबर यानी आज से कई राज्यों में स्कूल भी खुल गए हैं, तो चिंताएं और भी बढ़ गई हैं। पिछले कई दिनों से यह चर्चा चल रही थी कि क्या स्कूल खोलना सुरक्षित होगा और क्या ये सही समय है? चूंकि अमेरिका में स्कूल खुलने के साथ ही बच्चों में संक्रमण फैलने लगा है और ऐसे में अभिभावकों, शिक्षकों, स्कूल स्टाफ व अन्य लोगों में भी संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ गया है। इसी को ध्यान में रखते हुए हाल ही में मेदांता अस्पताल के चेयरमैन डॉ. नरेश त्रेहान ने आगाह करते हुए यह कहा था कि महामारी के इस दौर में अभी स्कूलों को दोबारा खोलना सही नहीं होगा। हालांकि एक संसदीय समिति ने पिछले महीने कहा था कि स्कूलों का खोला जाना बच्चों के लिए फायदेमंद है। ऐसे में अगर आप भी अपने बच्चे को स्कूल भेज रहे हैं तो कुछ बातों को ध्यान में रखना बहुत ही जरूरी है, ताकि संक्रमण का खतरा न बढ़े। 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock
बच्चे को मास्क पहनाएं 
  • चूंकि अभी देश में बच्चों का टीकाकरण नहीं हो रहा है, ऐसे में उन्हें अधिक सावधानी बरतने की जरूरत है। अगर अभिभावक अपने बच्चे को स्कूल भेज रहे हैं, तो ये उनकी जिम्मेदारी है कि बच्चे को मास्क जरूर पहनाएं, तभी स्कूल भेजें और साथ ही उन्हें यह भी सीख दें कि मास्क को भूलकर भी न उतारें, क्योंकि इससे संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है। 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock
डबल मास्किंग है बेहतर 
  • कोरोना से बचाव में डबल मास्किंग को अधिक कारगर बताया गया है। इसलिए अभिभावक अपने बच्चों को डबल मास्किंग का तरीका बताएं कि पहले सर्जिकल मास्क और फिर उसके ऊपर से एक टाइट फिट कपड़े का मास्क पहनना चाहिए या अगर सर्जिकल मास्क नहीं है तो दो कॉटन के मास्क भी पहन सकते हैं। अगर एन-95 मास्क पहन रहे हैं तो डबल मास्किंग की कोई जरूरत नहीं है। 

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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock
सुरक्षित शारीरिक दूरी है जरूरी 
  • अपने बच्चे को बताएं कि कोरोना से बचाव के लिए सुरक्षित शारीरिक दूरी कितनी जरूरी है। चूंकि बच्चे कई महीनों बाद स्कूल जा रहे हैं तो हो सकता है कि वो दोस्तों से मिलते समय इस नियम को भूल जाएं या अनदेखा कर दें, इसलिए अभिभावक पहले ही अच्छी तरह से बच्चे को समझा दें कि लोगों से और स्कूल के अन्य बच्चों से दो गज की दूरी बनाए रखें, नहीं तो संक्रमण फैल सकता है। 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock
अनावश्यक चीजों को छूने से बचें 
  • अभिभावक अपने बच्चों को बताएं कि स्कूल जाते समय रास्ते में या स्कूल के अंदर किसी भी अनावश्यक चीज को छूने से बचें, क्योंकि दरवाजे, टेबल, कुर्सी या अन्य चीजों से भी संक्रमण फैलने का खतरा अधिक होता है। 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock
हाथ धोना कभी न भूलें 
  • बच्चे को बताएं कि स्कूल में भी समय-समय पर साबुन-पानी से हाथ धोते रहें, ताकि संक्रमण फैलने का खतरा न हो। अभिभावकों के लिए यह जरूरी है कि बच्चे को सैनिटाइजर भी खरीद कर दें, ताकि साबुन-पानी की व्यवस्था न होने पर संक्रमण से बचने के लिए उसका इस्तेमाल कर सकें। लापरवाही बिल्कुल नहीं करनी है, क्योंकि स्कूल भी जरूरी है और सुरक्षित रहना भी जरूरी है। 
नोट: डॉ. राजन गांधी अत्यधिक योग्य और अनुभवी जनरल फिजिशियन हैं। इन्होंने कानपुर के जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज से अपना एमबीबीएस पूरा किया है। इसके बाद इन्होंने सीएच में डिप्लोमा पूरा किया। फिलहाल यह उजाला सिग्नस कुलवंती अस्पताल, कानपुर में मेडिकल डायरेक्टर और सीनियर कंसल्टेंट फिजिशियन के तौर पर काम कर रहे हैं। यह आईएमए (इंडियन मेडिकल एसोसिएशन) के आजीवन सदस्य भी हैं। डॉ. राजन गांधी को इस क्षेत्र में 25 साल का अनुभव है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित अस्वीकरण- बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें। 
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